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पीएम मोदी के कूनो नेशनल पार्क में कार्यक्रम के लिए पेड़ काटने की रिपोर्ट फर्जी, खान मार्केट गैंग बेनकाब

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में देश की तरक्की लेफ्ट लिबरल गैंग को रास नहीं आ रहा है। देश के विकास की इसी कड़ी में पीएम मोदी के प्रयासों से दशकों बाद चीता की घर वापसी हो पाई है। लगभग 70 साल के इंतजार के बाद भारत में फिर से 8 नए चीतों का आगमन हुआ है। इससे जहां देशभर के लोगों में उत्साह है कि उन्हें एक बार फिर से चीता देखने को मिलेगा वहीं खान मार्केट गैंग और लुटियन पत्रकार इस मुद्दे पर भी अफवाह फैलाने और फर्जी खबर चलाकर पीएम मोदी को बदनाम करने से बाज नहीं आए। ऐसी अफवाह फैलाई जा रही थी कि 8 चीतों के देश में आगमन और कुनो नेशनल पार्क में उनके स्वागत के लिए लगभग 300 मेहमानों के साथ पीएम के दौरे की व्यवस्था करने के लिए बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए। इसकी पड़ताल जब पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने की तो पाया यह खबर पूरी तरह से फर्जी है। कोई पेड़ नहीं काटा गया। उधर मध्य प्रदेश वन विभाग के अधिकारियों ने भी पीएम मोदी की यात्रा की व्यवस्था करने के लिए पेड़ों की कटाई पर मीडिया रिपोर्ट को फर्जी करार दिया है।

लगभग 70 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत में फिर से 8 नए चीतों का आगमन हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कुनो नेशनल पार्क में इन चीतों का स्वागत किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर देश को यह सौगात दिया।

ऐसी अफवाह फैलाई जा रही थी कि 8 चीतों के स्वागत के लिए लगभग 300 मेहमानों के साथ पीएम के दौरे की व्यवस्था करने के लिए कुनो नेशनल पार्क में बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए थे। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि राष्ट्रीय उद्यान में केवल एक गेस्टहाउस था और इसलिए वीआईपी को समायोजित करने के लिए तंबू लगाए गए। इसमें बड़ी संख्या में पेड़ों को काटने की आवश्यकता थी। ये भी कहा गया कि हेलीपैड बनाने के लिए पेड़ों को काटा गया। लेकिन जब इसकी जांच पड़ताल की गयी तो यह खबर मात्र एक अफवाह निकली, जिसमें कोई सच्चाई नहीं थी। इस तरह की मीडिया रिपोर्ट भी फर्जी निकली।

इस मामले का जब फ़ैक्ट चेक हुआ तो यह बात झूठी निकली। जांच में पता चला कि पीएम मोदी समेत सभी मुख्य अतिथियों के रहने की व्यवस्था सेसैपुरा एफआरएच एवं टूरिज्म जंगल लॉज में की गयी थी। इसलिए ऐसे सभी दावे गलत हो जाते हैं।

मध्य प्रदेश वन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि कुनो में हेलीपैड बनाने के लिए कोई पेड़ नहीं काटा गया। इसके लिए चुनी गई साइट पेड़ों से रहित थी। पेड़ों की कटाई के बारे में खबर बिल्कुल झूठी है। उन्होंने कहा कि न तो 300 मेहमान थे और न ही उनके लिए कोई टेंट आवास बनाया गया था। दरअसल, टेंट आवास का इस्तेमाल ससाईपुरा रिसॉर्ट में किया जाता है, जहां गणमान्य व्यक्तियों और अधिकारियों को रखा जाता है। कुनो नेशनल पार्क में टेंट हाउस बनाने की खबर निराधार है।

नामीबिया से लाए गए आठ चीते मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में नए वातावरण के अनुकूल ढल रहे हैं। विशेषज्ञ की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है। विशेषज्ञ की टीम ने बताया कि सभी चीते पांच मादा और तीन नर स्वस्थ हैं। कूनो पार्क में छह बाड़ों में इन आठ चीतों को रखा गया है। दो बाड़ों में दो-दो चीते हैं, जबकि चार बाड़ों में एक-एक चीते को रखा गया है। 30 मीटर गुणा 25 मीटर के इन बाड़ों में चीतों के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। नामीबिया के विशेषज्ञों के साथ ही वन विभाग के कर्मचारी भी इन पर नजर रख रहे हैं। दो-दो वनकर्मी एक समय पर इन चीतों पर नजर रख रहे हैं। यानी हर समय कम से कम दो वनकर्मी इनकी निगरानी कर रहे हैं।

कूनो नेशनल पार्क करीब 750 वर्ग किलोमीटर में फैला है जो चीतों के रहने के लिए अनुकूल है। इस पार्क में इंसानों की किसी भी तरह की बसाहट भी नहीं है। यहां चीतों के लिए अच्छा शिकार भी मौजूद है, क्योंकि यहां पर चौसिंगा हिरण, चिंकारा, नीलगाय, सांभर एवं चीतल बड़ी तादाद में पाए जाते हैं। नामीबिया से ही टीम अपने साथ हेल्थ किट लेकर भी आई है।

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