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दीप सिद्धू की आड़ में बचना चाह रहे हैं राकेश टिकैट और योगेन्द्र यादव जैसे फर्जी किसान नेता

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गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रैक्टर रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया। प्रदर्शनकारियों ने लालकिले पर ना सिर्फ तिरंगे का अपमान किया बल्कि उसे हटाकर अपना झंडा फहरा दिया। बताया जा रहा है कि इसमें सबसे बड़ी भूमिका पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू ने निभाई। दिल्ली में उत्पात मचाने, सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने और तिरंगे को अपमानित करने के आरोप में एनआईए ने एक्टर को नोटिस भी जारी किया है।

दीप सिद्धू का नाम सामने आने के बाद योगेन्द्र यादव और राकेश टिकैत जैसे तथाकथित किसान नेताओं ने यह बयान देना शुरू कर दिया है कि वह बीजेपी सांसद सन्नी देओल के चुनाव प्रचार में शामिल था और जानबूझकर किसानों को भड़का कर दिल्ली की ओर ले गया। जबकि सन्नी देओल ने पिछले साल 6 दिसंबर को ही साफ कर दिया था कि दीप सिद्धू के साथ उनका कोई लेना-देना नहीं है।

सन्नी देओल ने 26 जनवरी को एक बार फिर ट्वीट कर कहा कि आज लाल क़िले पर जो हुआ उसे देख कर मन बहुत दुखी हुआ है, मैं पहले भी, 6 दिसंबर को ट्विटर के माध्यम से यह साफ कर चुका हूं कि मेरा या मेरे परिवार का दीप सिद्धू के साथ कोई संबंध नही है।

इतना ही नहीं बरखा दत्त के साथ बातचीत में खुद दीप सिद्धू ने माना था कि वह बीजेपी का समर्थक नहीं है। दीप सिद्धु पिछले कई महीना से कह रहा है कि उसका भाजपा से कोई लेना-देना नही है। वह पिछले कई महीनों से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है, किसान आंदोलन का बड़ा चेहरा है।

देखिए वीडियो-

 

 

 

 

 

लेकिन इन किसान नेताओं ने तब कुछ नहीं कहा जब किसान आंदोलन के दौरान मोदी तू मर जा… इंदिरा को ठोक दिया मोदी क्या चीज है… बक्कस निकाल देंगे और खालिस्तान समर्थक नारे लग रहे थे। इस तरह के नारे लगाने वालों को पिज्जा, मसाजर, हुक्का और फाइव स्टार लंगर की सुविधा दी गई। सवाल उठ रहे हैं कि अगर दीप सिद्धू सन्नी देओल का करीबी था तो दिल्ली पुलिस को शांतिपूर्ण ढंग से परेड निकालने का वादा करने वाले किसानों ने दीप सिद्धू को ट्रैक्टर रैली लेकर लालकिले क्यों जाने दिया? वह कई दिनों से प्रदर्शन में शामिल होकर भड़काऊ पोस्ट शेयर कर रहा था तब उसे हीरो क्यों बनाया गया? अपनी राजनीति चमकाने के लिए आंदोलन करने वाले इन नेताओं ने तब दीप सिद्धू का विरोध क्यों नहीं किया? नवजोत सिंह सिद्धू भी एक जमाने मे बीजेपी में थे, क्या उसके किसी गैरकानूनी काम के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा?

 

अब जब देश भर में इन फर्जी किसान नेताओं की किरकिरी हो रही है तो ये सारा ठीकरा दीप सिद्धू पर डालकर बचना चाह रहे हैं। दीप सिद्धू के साथ योगेन्द्र यादव, राकेश टिकैत, युद्धवीर सिंह, गुरनाम सिंह चढूनी और हन्नान मोल्लाह के खिलाफ भी आंदोलनकारियों को भड़काने के लिए कार्रवाई होनी चाहिए। इन्होंने गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश को ना सिर्फ बदनाम किया है बल्कि करोड़ों रुपए की संपत्ति को नुकसान भी पहुंचाया है। वीडियो देखिए… इन वीडियो को देखकर आप समझ जाएंगे कि भड़काने का काम किसने किया है-

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