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केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का राहुल गांधी पर करारा वार, कहा- विदेशी वैक्सीन को मंजूरी दिलाने के लिए कर रहे हैं लॉबिंग

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केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विदेशी फार्मा कंपनियों द्वारा तैयार की गई कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दिलाने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। बतौर पार्ट टाइम राजनीतिज्ञ फेल होने के बाद अब राहुल गांधी फुल टाइम लॉबिंग करने लगे हैं। एक के बाद एक किए गए ट्वीट में रविशंकर प्रसाद ने टीके की कमी का मुद्दा उठाने वाले कांग्रेस शासित प्रदेशों की सरकारों पर भी कई सवाल उठाए। 

रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट कर सवाल किया, “राहुल गांधी एक पार्ट टाइम राजनीतिज्ञ के तौर पर नाकाम रहने के बाद क्या अब वह फुल टाइम लॉबिंग करने वाले बन गए हैं? पहले उन्होंने भारत के अधिग्रहण कार्यक्रम को भटकाने की कोशिश करके लड़ाकू विमान कंपनियों की पैरवी की। अब वह विदेशी वैक्सीनों के लिए अनुमति की मांग करके फार्मा कंपनियों की पैरवी कर रहे हैं।”

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा “महामारी से लड़ना कोई ट्रिक गेम नहीं है और इसके लिए वैक्सिनेशन के अलावा टेस्टिंग, ट्रेसिंग और उपचार की आवश्यकता होती है, लेकिन राहुल गांधी की समस्या ये है कि वे यह सबकुछ नहीं जानते।”

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, “राहुल गांधी को यह हर हालत में जान लेना चाहिए कि कांग्रेस शासित राज्यों में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है बल्कि उनमें स्वास्थ्य सेवा की ओर साधारण प्रतिबद्धता की कमी है। उन्हें अपनी पार्टी की सरकारों को लिखना चाहिए कि वसूली का काम बंद करें और उन लाखों वैक्सीनों को लगावाना शुरू करें जिनपर वह आसन जमाए बैठे हैं।”

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, “भारत वैक्सीन कमी का सामना नहीं कर रहा है लेकिन श्री गांधी ध्यान न मिलने की कमी का सामना कर रहे हैं। राहुल गांधी ने अभी तक वैक्सीन क्यों नहीं लगवाई है? यह लापरवाही है या वह इसे लेना नहीं चाहते या अपनी कई विदेश यात्राओं में से किसी एक के दौरान वह टीका ले चुके हैं लेकिन बताना नहीं चाहते।”

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि कोरोना वायरस के टीके की खरीद एवं वितरण में राज्यों की भूमिका बढ़ाई जाए और टीके निर्यात पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने आठ अप्रैल की तिथि वाले इस पत्र में यह आरोप भी लगाया कि केंद्र सरकार की ओर से सही तरीके से क्रियान्वयन न किए जाने और उसमें लापरवाही के कारण टीकाकरण का प्रयास कमजोर पड़ता दिख रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से यह भी कहा कि टीके के आपूर्तिकर्ताओं को जरूरी संसाधन मुहैया कराए जाएं ताकि टीके तैयार करने की क्षमता में इजाफा हो सके।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से यह भी कहा कि टीके की खरीद एवं वितरण में राज्यों की भूमिका बढ़ाई जाए और इस मुश्किल समय में गरीब तबकों को सीधी आर्थिक मदद दी जाए। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने पत्र में कहा, ‘‘हमारे टीकाकरण अभियान को, अब टीके के प्रमाणपत्र पर किसी व्यक्ति की तस्वीर से आगे, अधिकतम टीकाकरण की दिशा में बढ़ाना होगा।’’

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