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यूं ही कोई नहीं बन जाता है प्रधानमंत्री मोदी! जिस मीरा मांझी के घर पी चाय, उसे भिजवाए तोहफे, वायरल हो रहा है पत्र

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सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी का एक पत्र काफी वायरल हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह पत्र अयोध्या की मीरा मांझी को लिखा है। प्रधानमंत्री 30 दिसंबर, 2023 को अयोध्या यात्रा के दौरान उज्ज्वला योजना की एक लाभार्थी मीरा मांझी के घर गए थे और चाय पी थी। अब प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र लिख नव वर्ष पर शुभकामनाएं देते हुए कुछ तोहफे भी भिजवाएं हैं। इन तोहफों में टी-सेट, बच्चों के लिए कलर्स के साथ ड्राइंग बुक और कई सारे गिफ्ट शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी लता मंगेशकर चौक के पास स्थित मोहल्ले में उज्ज्वला योजना की 10 करोड़वीं लाभार्थी मीरा मांझी के घर अचानक पहुंचे थे। उनका यह कार्यक्रम पहले से निर्धारित नहीं था। प्रधानमंत्री के अचानक घर पहुंचने से ना सिर्फ मीरा मांझी के परिवार वाले बल्कि उस बस्ती के लोग भी खुशी से झूम उठे थे और मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे थे।

प्रधानमंत्री ने इस दौरन मीरा के हाथों बनी चाय पी थी और तारीफ करते हुए कहा था कि चाय तो बहुत मीठी बनी है…अच्छी चाय बनाई है। अब नए साल पर प्रधानमंत्री मोदी से उपहार पाकर परिवार के सभी लोग काफी खुश हैं। 

मीरा मांझी को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए लिखा है, “आपको व आपके परिवार से सभी सदस्यों को नव वर्ष 2024 की हार्दिक शुभकामनाएं। प्रभु श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में आपके परिवार के सदस्यों के साथ मुलाकात और आपके द्वारा बनाई गई चाय पीकर बहुत प्रसन्नता हुई। अयोध्या से आने के बाद मैंने कई टीवी चैनलों पर आपका इंटरव्यू देखा। उनमें आपका व आपके परिवार के अन्य सदस्यों का आत्मविश्वास और जितने सरल व सहज ढंग से आप लोगों ने अपने अनुभवों को साझा किया, वह देखकर अच्छा लगा। आप जैसे मेरे करोड़ों परिवारिजनों के चेहरों की यह मुस्कान ही मेरी पूंजी है। सबसे बड़ा संतोष है, जो मुझे देश के लिए जी-जान से कार्य करने की नई ऊर्जा देता है।

आपका उज्ज्वला योजना की 10 करोड़वीं लाभार्थी बनना एक आंकड़ा भर नहीं है, बल्कि, मैं इसे करोड़ों देशवासियों के बड़े-बड़े सपनों और संकल्पों के पूर्ण होने की एक कड़ी के रूप में देखता हूं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि अमृत काल में आप जैसे आकांक्षा से परिपूर्ण करोड़ों देशवासियों की जीवटता और उत्साह एक भव्य व विकसित भारत के निर्माण के हमारे लक्ष्य को सिद्ध करने में अहम भूमिका निभाएगा। बच्चों को स्नेह व परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना सहित।”

लोगों के दिलों में बसते हैं प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी देश के सवा सौ करोड़ से अधिक देशवासियों के लिए भरोसे का प्रतीक भी हैं। हर किसी को लगता है कि वह अगर उनसे अपनी बात साझा करेंगे तो पीएम मोदी उसे जरूर पूरा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी भी देशवासियों के इस भरोसे को बनाए रखने के लिए निरंतर काम करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी इसके पहले भी कई लोगों को पत्र लिख चुके हैं और मदद भी कर चुके हैं। आइए डालते हैं लोगों के इसी प्यार पर एक नजर-

पीएम मोदी ने निभाया छत्तीसगढ़ की बेटी से किया वादा
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में 2 नवंबर, 2023 को छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा को पत्र लिख कहा है कि उन्हें स्केच मिल गया है। दरअसल में 2 नवंबर को प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के कांकेर में रैली कर रहे थे। इस दौरान रैली में एक बच्ची काफी देर से उनका एक स्केच लेकर खड़ी थी। प्रधानमंत्री मोदी की नजर जब उस लड़की पर पड़ी तो उन्होंने प्यार से कहा, ‘बेटी ये आपकी तस्वीर मैंने देखी है। तुम इतना बढ़िया काम करके लाई हो। मैं तुम्हें आशीर्वाद देता हूं। लेकिन बेटी थक जाओगी, तुम कब से खड़ी हो। मैं पुलिस के जवानों से कहता हूं कि वो तस्वीर बेटी देना चाहे तो उस तस्वीर को ले लीजिए, और ये मुझे जरूर पहुंच जाएगी। थैंक्यू बेटा थैंक्यू। बहुत बढ़िया काम किया है तुमने और तुम्हारा पता उसमें लिख देना। मैं जरूर तुझे चिट्ठी लिखूंगा।’ प्रधानमंत्री के कहने के बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बच्ची का नाम और पता नोट कर उससे स्केच ले लिया। देखिए वीडियो-

प्रधानमंत्री मोदी ने अपना वादा निभाते हुए अगले ही दिन 3 नवंबर को बेटी आकांक्षा को पत्र लिखकर धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में लिखा, “प्रिय आकांक्षा, शुभाशीष और आशीर्वाद। कांकेर के कार्यक्रम में आप जो स्केच लेकर आई थीं वह मुझ तक पहुंच गया है। इस स्नेहपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। भारत की बेटियां ही देश का उज्ज्वल भविष्य हैं। आप सभी से मिलने वाला यह स्नेह और अपनापन राष्ट्र की सेवा में मेरी ताकत है। हमारी बेटियों के लिए एक स्वस्थ, सुरक्षित और सुविधाओं से युक्त राष्ट्र का निर्माण ही हमारा लक्ष्य रहा है।

छत्तीसगढ़ के लोगों से मुझे हमेशा बहुत प्यार मिला है। देश की तरक्की की राह में भी प्रदेश के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया है। अगले 25 साल आप जैसे युवा साथियों और देश के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। इन वर्षों में हमारी युवा पीढ़ी विशेष रूप से आप जैसी बेटियां, अपने सपनों को पूरा करते हुए देश के भविष्य को नई दिशा प्रदान करेंगी। आप खूब पढ़ें, आगे बढ़ें और अपनी सफलताओं से परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करें। आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ।”

सीरत नाज ने की अपील और बनना शुरू हो गया स्कूल
हाल ही का एक मामला जम्मू और कश्मीर के कठुआ जिले में तीसरी कक्षा की एक छात्रा सीरत नाज का है। सीरत नाज ने अपने स्कूल की खस्ता हालत को दिखाते हुए एक वीडियो बनाया था, जिसमें उसने कहा था कि ‘प्रधानमंत्री जी आप तो सभी की बात सुनते हो, मेरी भी सुन लो। प्लीज मोदी जी मेरे स्कूल को अच्छा बनवा दो। सीरत की अपील के बाद स्कूल को नया रूप देने का काम शुरू हो गया है। इससे सीरत काफी खुश है और प्रधानमंत्री मोदी जी का शुक्रिया अदा कर रही है। एक नया वीडियो बनाकर मोदी जी को थैंक यू बोल रही है। सीरत कह रही है कि आपने हमारे स्कूल का काम शुरू करवा दिया है…थैंक यू मोदी सर। लव यू।

 

 

 

 

 

 

दो अनाथ आदिवासी भाइयों का सहारा बने पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में गुजरात विधानसभा चुनाव के प्रचार में व्यस्त थे। इसके बावजूद उन्होंने मानवीय संवेदना की अनूठी मिसाल पेश की। 27 नवंबर,2022 को प्रधानमंत्री मोदी गुजरात के नेत्रंग में एक जनसभा में जनता को देर से आने का जो कारण बताया, उसने लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने दो बेसहारा और अनाथ आदिवासी भाइयों की कहनी सुनाई, जिससे पता चलता है कि प्रधानमंत्री मोदी हर गरीब और बेसहारा के संकटमोचक हैं। गौरतलब है कि 6 साल पहले दोनों आदिवासी भाइयों के माता-पिता का बीमारी के चलते देहांत हो गया था। जिस वक्त उनके माता-पिता गुजरे उस वक्त उनकी उम्र 8 और 2 साल की थी। माता और पिता के निधन के बाद ये दोनों बदहाली में रहते हुए एक-दूसरे के सहायक बनकर जी रहे थे। कुछ समय पहले प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों का एक वायरल वीडियो देखा था। इसके बाद प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सीआर पाटिल और अधिकारियों को अवि और जय की हरसंभव मदद करने का निर्देश दिया। इसके बाद उनके लिए घर की व्यवस्था की गई। आज उनके घर में टीवी, कंप्यूटर, पंखा आदि सब सुविधाएं हैं। 

बिहार के जमुई की कैंसर पीड़ित एक महिला की मदद
बिहार के जमुई की रहने वाली स्तन कैंसर से पीड़ित विमला देवी को इलाज के लिए पैसों की जरूरत थी। इसके बारे में पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय को जानकारी मिली। इसके बाद तुरंत प्रधानमंत्री राहत कोष से इलाज के लिए 2.5 लाख रुपये की आर्थिक मदद स्वीकृत की गई। 2.5 लाख रुपये की राशि आरटीजीएस के माध्यम से इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल कॉलेज पटना को भेज दी गई। प्रधानमंत्री कार्यालय से आर्थिक सहायता प्रदान करने से संबंधित पत्र विमला देवी और इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल कॉलेज पटना को भेजा गया। इसके बाद विमला देवी का इलाज भी शुरू हो गया। विमला देवी के इलाज में मदद के लिए जमुई के सांसद चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया।

पांच महीने की बच्ची के लिए मसीहा बने प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी महाराष्ट्र की एक बेटी के लिए संकटमोचक बनकर सामने आए। मुंबई की पांच महीने की तीरा कामत को एक दुर्लभ अनुवांशिक बीमारी है। इसके इलाज में ‘झोलजेंसमा’ नामक दवा का उपयोग किया जाता है। दवा को भारत लाने में 6 करोड़ रुपये से ज्यादा की कस्टम ड्यूटी और जीएसटी लग रही थी। जो बहुत बड़ी राशि थी और इसका इंतजाम नहीं हो पा रहा था। ऐसे समय में परिवार के लोगों ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। फडणवीस ने 1 फरवरी को एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री मोदी से दवा के लिए कस्टम ड्यूटी और जीएसटी माफ करने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इलाज में लगने वाली दवा पर कस्टम ड्यूटी और जीएसटी को पूरी तरह से माफ कर दिया।

पहाड़ी पर झोपड़ी में ऑनलाइन पढ़ाई करने वाली स्वप्नाली को घर में मिला इंटरनेट
प्रधानमंत्री मोदी कोरोना काल में महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले की एक बेटी के लिए संकटमोचक बनकर सामने आए। कणकवली तहसील के दारिस्ते गांव की स्वप्नाली सुतार मुंबई में वेटनरी कॉलेज से पढ़ाई करती हैं। स्वप्नाली को कोरोना संकट काल में लॉकडाउन के कारण वापस गांव आना पड़ा। गांव में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए इंटरनेट की जरूरत थी। गांव में इंटरनेट ना होने के कारण स्वप्नाली सुतार को ऑनलाइ पढ़ाई के लिए घर से करीब दो किलोमीटर दूर वीरान पहाड़ी पर जाना पड़ा, क्योंकि काफी देखने के बाद उसके भाई को पहाड़ी पर मोबाइल सिग्नल मिला था। स्वप्नाली इसी पहाड़ी पर झोपड़ी बनाकर पढ़ाई करने लगी। सोशल मीडिया पर स्वप्नाली के पढ़ाई के प्रति लगन और ललक की खबर देख प्रधानमंत्री मोदी ने पीएमओ से मदद करने को कहा। प्रधानमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद तुरंत भारत नेट योजना के तहत स्वप्नाली के दारिस्ते गांव में हाई स्पीड इंटरनेट शुरू कर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी के कारण घर में ही इंटरनेट मिलने से स्वप्नाली का ऑनलाइन पढ़ाई का सपना सच हो गया।

सुनी बेबस पिता की पुकार, बेटी के इलाज के लिए दिए 30 लाख
आगरा के दौहरई, कुबेरपुर के रहने वाले सुमेर सिंह की बेटी ललिता दो साल से एक गंभीर बीमारी अप्लास्टिक एनीमिया से पीड़ित थी। इस बीमारी में शरीर में नए ब्लड सेल बनना बंद हो जाते हैं, साथ ही बोन मेरो नष्ट होना शुरू हो जाता है। नई दुनिया के अनुसार बेटी के इलाज के लिए सुमेर सिंह ने अपनी जमीन बेच दी। घर गिरवी रख दिया। इलाज में सात लाख रुपये खर्च हो गए, लेकिन ललिता ठीक नहीं हो पाई। आखिर में ललिता को जयपुर स्थित सवाई मान सिंह अस्पताल में दिखाया गया। जहां के डॉक्टरों ने सिर्फ ऑपरेशन के लिए दस लाख रुपये का खर्च बताया, लेकिन अब परिवार के पास रुपये नहीं थे। थक- हारकर इस पिता ने प्रधानमंत्री मोदी से मदद की गुहार लगाई। प्रधानमंत्री मोदी ने इनकी गुहार सुन ली और ललिता के इलाज के लिए तीस लाख रुपये देने को मंजूरी दे दी।

पीएमओ के पैगाम से मिला केरल के दिव्यांग मोहम्मद असीम को समाधान
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से केरल के मोहम्मद असीम को एक बड़ी राहत मिली। पीएमओ ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह राज्य के शिक्षा विभाग से परामर्श करके कोझिकोड जिले के ओमसेरी पंचायत के स्कूल को हाई स्कूल में अपग्रेड करने के लिए कदम उठाए।

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार बिना हाथों के पैदा हुआ दिव्यांग मोहम्मद असीम पिछले दो वर्षों से अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए लोगों से मदद के लिए संपर्क कर रहा था। असीम में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन सहित कई नेताओं को अपने पैरों से पत्र लिखे थे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात की। सभी ने मदद करने का वादा किया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। सारी कोशिशें नाकाम रहने पर दिव्यांग असीम ने अपने घर से राज्य सचिवालय तक विरोध मार्च शुरू किया। प्रधानमंत्री मोदी को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने तत्काल पीएमओ से इस पर मदद के लिए कहा। असीम के परिवार वाले इससे काफी खुश हुए।

एक पत्र ने बदल दी रिक्शा चालक की जिंदगी
बिहार के खगड़िया जिले के गोगरी जमालपुर के एक गरीब रिक्शा चालक शंभू पासवान की पत्नी का इलाज भी प्रधानमंत्री मोदी की पहल से संभव हो सका। एक बार पत्नी के बीमार पड़ने पर शंभू पासवान ने इलाज के लिए उसे गोगरी रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन अस्पताल में लिखी गई दवा नहीं मिली। ऐसे में शंभू के मन में प्रधानमंत्री मोदी का चेहरा कौंधा, एक उम्‍मीद जगी और उन्‍हें पत्र लिख दिया। फिर क्या था, प्रधानमंत्री मोदी ने मामले का संज्ञान लिया और अस्पताल की ओर से दवा उपलब्ध कराई गई। साथ ही इलाज की पूरी व्‍यवस्‍था भी की गई। दैनिक जागरण के अनुसार इसके बाद से शंभू पासवान ने प्रधानमंत्री मोदी को कई समस्याओं को लेकर भी पत्र लिखे और हर बार प्रधानमंत्री मोदी का पत्र मिला।

तीसरी क्लास की खुशी को मिला प्रधानमंत्री का जवाब
हरियाणा में फतेहाबाद जिले के रत्ताटिब्बा गांव की तेजासिंह ढाणी की रहने वाली तीसरी कक्षा की ‘खुशी’ ने अपने गांव की कच्ची सड़क को पक्का करने के लिए देश के प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखी। खुशी ने 17 जनवरी को अपनी कॉपी के पन्ने पर पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भेज दिया और जब 15 फरवरी को जब खुशी के पत्र का जवाब आया, तो गांव में खुशियां छा गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 300 की आबादी वाले तेजासिंह ढाणी में आजादी के इतने साल बाद भी कच्ची सड़कें हैं। यहां के बच्चों को स्कूल जाने के लिए तीन किलोमीटर तक पैदल जाना पड़ता है। खुशी की चिट्ठी के बाद पीएमओ ने पीडब्लूडी-बीएंडआर विभाग को सड़क बनाने का आदेश दिया। खुशी की इस उपलब्धि पर उसके दादा छोटू राम भी काफी खुश थे। उन्होंने कहा कि हमें अपनी इस बेटी पर गर्व है और हमें लगता है कि हमने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे को भी सार्थक किया है।

अनाथ बच्चों के पत्र का जवाब
नोटबंदी के दौरान पुराने नोट बदलने की समयसीमा खत्म होने के बाद कोटा के दो अनाथ बच्चों सूरज और सलोनी बंजारा को अपने घर से 96,500 रुपये के पुराने नोट मिले थे। हिंदु्स्तान टाइम्स अखबार की खबर के मुताबिक समय सीमा खत्म हो जाने के कारण रिजर्व बैंक ने इन नोटों को बदलने से इनकार कर दिया। इसके बाद अनाथ आश्रम मधु स्मृति संस्थान के संचालकों ने पीएमओ को पत्र लिखकर इन बच्चों की परेशानी बताई। इन बच्चों की खुशियों का तब कोई ठिकाना ना रहा जब पीएमओ की ओर से एक चिट्ठी मधु स्मृति संस्थान पहुंची। इस चिट्ठी में पीएम मोदी ने बच्चों को तोहफे के रूप में प्रधानमंत्री विवेकाधीन कोष से 50 हजार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की । इसके साथ ही पीएम सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत दोनों बच्चों का बीमा भी किया गया। सूरज और सलोनी की मां पूजा बंजारा दिहाड़ी मजदूर थी। साल 2013 में उसकी हत्या के बाद अनाथ हुए सूरज और सलोनी कोटा में मधु स्मृति संस्थान में रह रहे हैं। जहां काउंसलिंग के दौरान दोनों ने अपने पुश्तैनी घर की जानकारी दी। बाल कल्याण समिति के निर्देश पर पुलिस की तलाशी में बच्चों के पुश्तैनी घर से 96 हजार 500 रुपए मिले थे।

कैंसर मरीज के पत्र का जवाब
हिमाचल प्रदेश के अवतार सिंह को कैंसर के कारण नौकरी भी चली गई थी। इलाज के लिए डॉक्टर ने उससे तीन लाख रुपये की व्यवस्था करने को कहा था। तीन लाख रुपये के नाम पर उसे लग रहा था वह अब और नहीं जी पाएगा। इस बारे में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के एक बीजेपी नेता ने स्थानीय सांसद शांता कुमार से बात की। शांता कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी दी। 31 मार्च को लिखे इस पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री से आर्थिक मदद का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री ने उनके इस अनुरोध को स्वीकार कर तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद को मंजूरी दे दी।

मां के मोबाइल से मिले संदेश का जवाब
ऋषिकेश के सर्वहारानगर काले की ढाल की निवासी संतोष रस्तोगी अपने 20 साल के बेटे विशाल के इलाज के लिए कई जगह गुहार लगा चुकी थी। एमएलए, एमपी सहित मुख्यमंत्री के दरबार में भी हाजिरी लगा चुकी थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। हर जगह से निराशा ही हाथ लगी। थक-हारकर संतोष रस्तोगी ने अपने एक रिश्तेदार के मोबाइल फोन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी फरियाद भेजी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसपर तुरंत संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ऋषिकेश के एसडीएम को फोन करके महिला संतोष रस्तोगी का पता लगाने और मदद करने को कहा गया। पीएमओ ने एसडीएम को तुरंत महिला के बेटे के इलाज की व्यवस्था कराने को कहा।संतोष ठेला लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करती है।

रामशंकर के पत्र का जवाब
दिल्ली से सटे गुरुग्राम में रहने वाले बिहार के रामशंकर यादव को दिल्ली से बिहार के मधुबनी जाना था। रेल टिकट के लिए गुरुग्राम से दिल्ली जाते वक्त मेट्रो रेल में रामशंकर ठगी के शिकार बन गए। दिल्ली मेट्रो में बातचीत के दौरान तीन लोगों ने कन्फर्म रेल टिकट दिलाने के नाम पर उससे 2,200 रुपये छीन लिए और डेबिट कार्ड से 6,000 रुपये निकाल लिए गए। इसके साथ ही रामशंकर से बैग भी छीन लिया गया जिसमें उसके ओरिजल सर्टिफिकेट थे। 21 साल के रामशंकर यादव धोखाधड़ी के इस मामले में केस दर्ज करना चाहते थे। गुरुग्राम के एक और दिल्ली के तीन पुलिस स्टेशन से उसे लौटा दिया गया। थक हारकर उसने पीएमओ को पत्र लिखा। जिसके बाद गुरुग्राम मेट्रो पुलिस स्टेशन से रामशंकर के पास फोन आया कि आप आकर शिकायत दर्ज करा दीजिए। पीएमओ के दखल के बाद गुरुग्राम मेट्रो पुलिस स्टेशन ने धारा 406 और 420 के तहत मामला दर्ज कर किया, और उसकी समस्या का समाधान किया।
सारा के पत्र का जवाब
कर्नाटक की बी.बी.सारा, जो अपनी एमबीए की पढ़ाई को आगे जारी रखना चाहती थी, लेकिन आर्थिक हालात ठीक नहीं होने की वजह से वो ऐसा नहीं कर पा रही थी। कर्नाटक के मंड्या की शुगर टाउन की रहने वाली सारा ने बैंक से एजुकेशन लोन के लिए एप्लाई कर दिया। सारा को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए ये लोन बहुत जरूरी था, लेकिन बैंक देर पर देर किये जा रहा था और सारा को पढ़ाई छूटने का खतरा सता रहा था। थक हारकर सारा ने अपने पिता अब्दुल इल्यास के साथ मिलकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपनी परेशानी से अवगत कराया। प्रधानमंत्री कार्यालय से तुरंत पत्र का जवाब आया कि 10 दिन के अंदर आपको लोन मिल जाएगा, और वैसा ही हुआ 10 दिन से पहले ही बैंक वालों ने सारा को लोन दे दिया।

ट्वीटर पर मिले आठ साल की बच्ची के संदेश का जवाब
असम की आठ साल की बच्ची की हालत काफी गंभीर थी। वह लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थी और उसे इलाज के लिए जल्द से जल्द दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में शिफ्ट करना था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस समय वाराणसी में थे। बच्ची के परिजन ने मदद के लिए दिल्ली पुलिस और प्रधानमंत्री को ट्वीट किया। ट्वीटर पर इस बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने तुरंत प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से ट्रैफिक फ्री पैसेज देने का आदेश दिया। इसके बाद पीएमओ ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर बच्ची के एंबुलेंस के लिए फ्री पैसेज तैयार कर लिया। जिससे बच्ची समय से पहले अस्पताल पहुंच सकी। 13 किलोमीटर का रास्ता सिर्फ 14 मिनट में तय कर बच्ची को अस्पताल में भर्ती करा लिया गया। बताया जा रहा है कि बच्ची को जिस वेंटिलेटर के साथ दिल्ली लाया गया था, अस्पताल पहुंचते वक्त उस बैटरी की क्षमता सिर्फ सात मिनट बची थी। साफ है थोड़ा समय और लगता तो बच्ची की जान को खतरा हो सकता था।

पार्थ के पिता के पत्र का जवाब
डीजेनरेटिव ब्रेन नामक बीमारी से पीड़ित 12 साल के पार्थ के पिता अपने बच्चे की इलाज में अपनी पूरी जमा-पूंजी खर्च चुके थे, लेकिन फिर भी पार्थ को सही इलाज नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में हर जगह हार मान चुके पार्थ के पिता को एक ही उपाय नजर आया और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा। पीएम मोदी ने पत्र पढ़कर तुरंत स्वास्थ्य मंत्री को पार्थ के इलाज की उचित व्यवस्था कराने को कहा।

तैयबा के पत्र का जवाब
आगरा की तैयबा का परिवार तो निराश हो चला था। महज 12 साल की उम्र में तैयबा के दिल का एक वॉल्व खराब हो गया। इलाज बेहद खर्चीला था। ऐसे में तैयबा ने पीएम को चिट्ठी लिखी। तैयबा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखी चिट्ठी में कहा कि वह जन्म से ही दिल की बीमारी से पीड़ित है और उसके मजदूर पिता के पास 15 से 20 लाख रुपये नहीं कि इलाज करा सकें। तैयबा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा जब उन्हें पीएमओ से जवाबी चिट्ठी मिली। उसी खत में दिल्ली सरकार को निर्देश भी दिया गया था कि खर्च की परवाह किए बिना तैयबा का उचित इलाज करवाया जाए। दिल्ली सरकार ने भी इस पत्र पर कार्रवाई करते हुए गुरु तेग बहादुर अस्पताल को तैयबा के इलाज का निर्देश दिया और इलाज शुरू हो गया।

रोहित की मात्र खबर पर जवाब
ऐसे समय में जब 14 साल के रोहित के परिवार को मदद की सख्त जरूरत थी, प्रधानमंत्री ने महज एक खबर का संज्ञान लेकर उन्हें ये मदद पहुंचाई। हिंदुस्तान टाइम्स अखबार में खबर आने पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एम्स में रोहित का इलाज कर रहे डॉक्टर से बात की। जिसके तुरंत बाद 13 फरवरी को रोहित के इलाज और पोर्टेबल वेंटिलेटर खरीदने के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपए जारी कर दिए गए। प्रधानमंत्री से मदद पाकर रोहित का परिवार बेहद खुश हुआ।

डोरिस फ्रांसिस की मदद की
दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले की डोरिस फ्रांसिस को प्रधानमंत्री कार्यालय से तीन लाख रुपये की मदद मिली। सामाजिक कार्यकर्ता डोरिस लंबे समय से नेशनल हाइवे 24 पर ट्रैफिक संभालती हैं। वह जहां ट्रैफिक संभालती हैं, वहीं उनकी 17 साल की बेटी का सड़क हादसे में निधन हो गया था। वह इन दिनों कैंसर से जूझ रहीं हैं।

वाराणसी की कैंसर पीड़िता के पत्र का जवाब
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से एक महिला ने अपनी बेटी का इलाज कराने की गुहार लगाई। इस महिला की बेटी की दोनों किडनियां भी खराब थी। प्रधानमंत्री ने पीड़िता को वाराणसी के रविंद्रपुरी स्थित दफ्तर में मुलाकात की। यह दफ्तर उनके संसदीय क्षेत्र के लोगों की समस्याएं इकट्ठा करने के लिए ही बनाया गया था। पीएम मोदी से मिलकर आईं कल्याणी मिश्रा ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से अपनी बेटी का इलाज कराने की गुहार लगाई। प्रधानमंत्री ने तुरंत ही प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अधिकारियों का नंबर लगाया और उन्हें कहा कि मुझे पहली प्राथमिकता देते हुए मेरी सहायता की जाए।

छह साल की वैशाली के पत्र का जवाब
मोदी सरकार की तत्परता का अनुभव पुणे की सात साल की वैशाली यादव नाम की छोटी बच्ची ने लिया। वह पुणे में हडपसर के पास भेकराई नगर में रहती है। पहली कक्षा में पढ़ने वाली वैशाली के दिल में छेद होने की वजह से वो हमेशा बीमार रहती थी। डॉक्टरों ने सर्जरी अनिवार्य बताई थी। बच्ची के चाचा मजदूरी करते हैं। बहादुर बेटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर अपने मन की बात बताई। खत मिलने पर पीएमओ ऑफिस से पुणे के कलेक्टर को वैशाली की मदद करने कहा गया और पुणे के रुबी हॉल क्लीनिक में वैशाली की ओपन हार्ट सर्जरी भी पूरी हो गई। वो अपने घर पर सुरक्षित है। वैशाली के घरवालों के लिए यही अच्छे दिन है।

ट्वीट के संदेश का दिया जवाब
कर्नाटक में कोप्पल गांव के एक किसान विजय कुमार यातनल्ली ने एक ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी और उनकी समस्या सुलझ गई। किसान विजय के खेत में खड़ा बिजली का खंभा बारिश के कारण झुक गया था। खंभा झुक जाने के कारण विजय को खेत में हल चलाने में और पटवन में काफी परेशानी होती थी। विजय ने इस बारे में गुलबर्ग इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (GESCOM) से कई बार शिकायत की, लेकिन परेशानी का कोई हल नहीं निकाला गया। परेशान होकर विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्वीट कर दिया। प्रधानमंत्री को ट्वीट किए जाने के बाद 24 घंटे के भीतर बिजली खंभे को खेत से हटा दिया गया।

गांव के शिकायती पत्र का जवाब दिया
पीएमओ की पहल पर ही उत्तर प्रदेश के एटा के भिड़इया गांव में 11 साल बाद नए सिरे से विद्युतीकरण का काम शुरू करवाया गया। एक छात्रा ने पीएमओ की वेबसाइट पर शिकायत कर ये जानकारी दी थी कि 2005 में आंधी में तार टूटने के बाद प्रशासन और शासन में से कोई भी गांव में बिजली बहाली की सुध नहीं ले रहा। पीएमओ के संज्ञान लेते ही विद्युत विभाग के अफसरों की नींद खुली और 15 दिन के अंदर बजट आवंटित होने के साथ गांव में दोबारा बिजली बहाल करवाई गई।

वाराणसी के जितेंद्र साहू के पत्र का जवाब
वाराणसी में सारनाथ के सारंग तालाब निवासी जितेंद्र साहू को बेटी की शादी के लिए पीएमओ की पहल पर पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से 50 हजार रुपये का चेक दिलवाया गया। बेटी की शादी के निमंत्रण कार्ड के साथ जितेंद्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आर्थिक मदद के लिए एक पत्र लिखा था, जिसके बाद पीएमओ ने जिलाधिकारी को खत लिखकर मदद मुहैया कराने का निर्देश दिया था। 

किसी और के लिए देखा है इतना प्यार

प्रधानमंत्री मोदी से लोग अगाध प्रेम करते हैं। इस लिए किसी ना किसी रूप में अपनी भावनाओं को प्रदर्शित करते रहते हैं। आइए डालते हैं लोगों के इसी प्यार पर एक नजर-

प्रधानमंत्री मोदी के कटआउट को किया किस
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। देश की जनता उनसे बेशुमार प्रेम करती है। प्रधानमंत्री मोदी सवा सौ करोड़ से अधिक लोगों के दिल में बसते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों के कारण जम्मू-कश्मीर में विकास की बहार बहने लगी है। राज्य में शांति बहाल होने से आम लोगों के जीवन में खुशहाली आई है। इलाके शांति-अमन आने से स्थानीय लोग काफी खुश हैं। ऐसे में फेरन डे के अवसर पर श्रीनगर के लालचौक पर घंटाघर के पास एक कश्मीरी युवा जमाल बडगामी उर्फ जमाल कश्मीरी ने प्रधानमंत्री मोदी के कटआउट को ना सिर्फ स्थानीय पारंपरिक परिधान फेरन पहनाया बल्कि उनके चेहरे को चूम कर अपना आभार भी जताया। कटआउट को किस करने के बाद जमाल ने कहा कि आजादी के बाद हमने ऐसा प्रधानमंत्री नहीं देखा है। मोदी जी किसी अवतार से कम नहीं हैं। युगों के बाद ऐसे लोग आते हैं। उन्होंने सारी दुनिया में भारत का सर ऊंचा किया है।

पीएम मोदी के लिए रखा उपवास, ट्रक ड्राइवरी छोड़ थामा झाडू
हरियाणा के चरखी दादरी के कारी मोद गांव के रहने वाले 71 साल के रामचंद्र स्वामी प्रधानमंत्री मोदी को भगवान कृष्ण और खुद को गरीब सुदामा बताते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर रामचंद्र स्वच्छाग्रही बनकर दूसरों के लिए मिसाल पेश कर रहे हैं। उनकी मेहनत और समर्पण को देखते हुए कई पंचायतें उन्हें प्रशस्ति-पत्र दे चुकी हैं। वहीं गुजरात में भी स्वच्छता अभियान के लिए उन्हें कई बार प्रमाण-पत्र मिल चुका है।नदरअसल रामचंद्र स्वामी एक ट्रक ड्राइवर थे। अक्सर ट्रक लेकर गुजरात आते-जाते थे। गुजरात में विकास कार्यों से प्रभावित होकर उनके मन में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आस्था जगी। जब 2014 के आम चुनाव के लिए बीजेपी ने नरेन्द्र मोदी को अपना प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाया तो उन्हें खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने उनके प्रधानमंत्री बनने की कामना करते हुए तीन महीने नौ दिन का उपवास रखा। करोड़ों लोगों की तरह रामचंद्र की भी कामना पूरी हुई और नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री निर्वाचित हो गए। इससे रामचंद्र का प्रधानमंत्री मोदी में अटूट आस्था बन गई,जो आज भी बनी हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की तो रामचंद्र ने ट्रक स्टेयरिंग छोड़कर हाथ में झाड़ू थाम लिया और स्वच्छता अभियान में जुट गए। बीते नौ सालों से रामचंद्र नि:स्वार्थ भाव से स्वच्छता का कार्य कर रहे हैं। अपनी एक ओमिनी कार में हमेशा अपने साथ एक झाड़ू रखते है और अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर मुख्य बाजारों, चौक-चौराहों के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर सफाई में जुटे रहते हैं। रामचंद्र ने हरियाणा के अलावा गुजरात में कई स्थानों पर लगातार स्वच्छता अभियान चलाया है।

100 वर्ष की बुजुर्ग महिला अपने सबसे प्यारे बेटे पीएम मोदी के नाम करना चाहती है 25 बीघा जमीन
प्रधानमंत्री मोदी जहां 140 करोड़ देशवासियों की उम्मीद है, वहीं गरीब बुजुर्गों के लिए बुढ़ापे का सबसे मजबूत सहारा है। उन्होंने अपनी गरीब कल्याण नीतियों और योजनाओं के माध्यम से गरीब बुजुर्गों को वो सारी सुख-सुविधाएं मुहैया कराई हैं, जिसकी सबसे अधिक जरूरत बुढ़ापे में होती है। जो बुजुर्ग शारीरिक रूप से असमर्थ है, उनका भी मोदी सरकार में पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उनके जीवन में खुशहाली लाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। इसका परिणाम है कि मध्य प्रदेश की एक सौ साल की बुजुर्ग महिला प्रधानमंत्री मोदी पर अपनी ममता लूटा रही है। 14 बच्चों की माता होते हुए भी प्रधानमंत्री मोदी को अपना सबसे प्यारा बेटा मानती है। वो अपना 25 बीघा जमीन अपने इस प्यारे बेटे के नाम कर देना चाहती है।  

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के छोटे से गांव हरिपुरा जागीर में रहने वाली मांगीबाई तंवर प्रधानमंत्री मोदी को अपने बेटे की तरह मानती है। इस बात की जानकारी उस समय हुई,जब विकासकारी योजनाओं के पत्रक लेकर बीजेपी कार्यकर्ता मांगीबाई तंवर के घर पहुंचे। इस दौरान पत्रक लेकर मांगीबाई तंवर ने प्रधानमंत्री मोदी और उनकी योजनाओं के बारे में जो कुछ कहां उसे सुनकर बीजेपी कार्यकर्ता हैरान थे। उन्होंने बुजुर्ग महिला के साथ बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, जो देखते-देखते वायरल हो गया। वीडियो में बुजुर्ग महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मोदी जी गेहूं, चावल, खाद-बीज देते हैं। फसल खराब होने पर मुआवजा देते हैं। बीमार पड़ने पर इलाज कराते हैं। उन्हें सरकार ने तीर्थ यात्रा करवाई। रहने के लिए घर दिया और विधवा पेंशन भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मैं अपनी 25 बीघा जमीन मोदी जी के नाम करना चाहती हूं, क्योंकि उनके 14 बेटे हैं, लेकिन जितना काम उनके बेटे कर रहे हैं, उससे ज्यादा मोदी जी कर रहे हैं।


न्यूजीलैंड में एक बुजुर्ग मां ने पीएम मोदी पर लुटाई अपनी ममता
न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में इसकी एक और झलक देखने को मिली। जहां सौ साल की एक बुजुर्ग महिला प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर पर इस कदर अपनी ममता लुटाती नजर आईं, मानो प्रधानमंत्री मोदी उनके सामने मौजूद हों। बुजुर्ग महिला का ममत्व देखकर पता चलता है कि प्रधानमंत्री मोदी लोगों के दिलों में बसते हैं। यह सब ऐसे नहीं हुआ है, बल्कि इसके पीछे प्रधानमंत्री मोदी के अपने देशवासियों और भारत के प्रति समर्पण और अथक परिश्रम है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी जनसेवा से लोगों का भरोसा जीता है। यह भरोसा और प्यार ही विभिन्न रूपों में देश और दुनिया में प्रदर्शित होता रहता है।

दरअसल रविवार (30 अप्रैल, 2023) को प्रधानमंत्री मोदी के रेडिया कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 100 वें एपिसोड का प्रसारण किया गया। भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात सुनने के लिए लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में भी प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात सुनने के लिए एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बड़े पैमाने पर प्रवासी भारतीयों ने हिस्सा लिया। इसमें 100 साल की एक बुजुर्ग महिला रमी बेन भी शामिल थी। प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात सुनने के बाद बुजुर्ग महिला रमी बेन काफी भावुक हो गई। प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर पर अपनी ममता लुटाते हुए रमी बेन ने कहा कि खुश रहो। रमी बेन सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देते और बार-बार ‘सुखी रहो, सुखी रहो’ कहती नजर आईं। बुजुर्ग महिला रमी बेन को देखकर प्रधानमंत्री मोदी की मां हीराबेन की याद ताजा हो गई। बुजुर्ग महिला का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।


ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में गूंजा- मोदी है तो मुमकिन है!
भारत में ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रशंसक दुनियाभर में हैं। और अब पाकिस्तान भी पीएम मोदी का मुरीद हो गया जो पिछले 75 सालों से भारत से दुश्मनी मोल लेता रहा है और कश्मीर के नाम पर चार जंग कर चुका है। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित एक कार्यक्रम में मुसलमानों और ईसाइयों सहित विभिन्न धार्मिक समुदायों के सदस्यों ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। मेलबर्न में 23 अप्रैल को हुए विश्व सद्भावना कार्यक्रम में एक बार फिर यह साबित हुआ कि पीएम मोदी “दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता” क्यों हैं। इसमें पाकिस्तानी मुसलमान भी विभिन्न धार्मिक समुदायों के साथ शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभी समुदायों का सम्मान करने के लिए प्रशंसा की। ऑस्ट्रेलिया में पाकिस्तानी मुसलमानों ने कहा- “मोदी है तो मुमकिन है।” इससे पता चलता है कि पीएम मोदी के दीवाने पाकिस्तान में भी बहुत हैं। वहां के मुस्लिमों ने सद्भावना कार्यक्रम में पीएम मोदी का खूब गुणगान किया।

सुनिए और देखिए पीएम मोदी के प्रति लोगों का अगाध प्रेम
सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों के एक समूह को प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ में गीत गाते हुए देखा जा सकता है। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में एक साल का समय है, लेकिन उनके चाहने वाले अभी से चुनावी मूड में आ चुके हैं। उनके प्रशसंक गीत के जरिए प्रधानमंत्री मोदी में अपना भरोसा जता रहे हैं और तीसरी बार उन्हें प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट देने की अपील कर रहे हैं। सोशल मीडिया में दावा किया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो मुंबई की लोकल ट्रेन में रिकॉर्ड किया गया है। इस वीडियो का गीत सुनकर आप भी कहेंगे कि प्रधानमंत्री मोदी लोगों के दिलों पर किस तरह राज करते हैं। गीत का लिरिक्स और उसकी प्रस्तुति भी काफी मजेदार है आप भी सुनिए…

कर्नाटक के मुस्लिम कलाकार- आपने मुझे गलत साबित किया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पद्मश्री प्राप्त करने वाले कर्नाटक के दिग्गज बिदरी शिल्प कलाकार शाह रशीद अहमद कादरी ने 5 अप्रैल 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनका गलत साबित हो गया कि भाजपा सरकार उन्हें इस प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान से सम्मानित नहीं करेगी। राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार देने का समारोह समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुरस्कार विजेताओं से बातचीत की। जब प्रधानमंत्री मोदी ने कादरी को बधाई दी और हाथ मिलाया तो उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि मैं यूपीए सरकार के दौरान पद्म पुरस्कार की उम्मीद कर रहा था, लेकिन मुझे यह नहीं मिला। जब आपकी सरकार आई तो मैंने सोचा कि अब भाजपा सरकार मुझे कोई पुरस्कार नहीं देगी,’ लेकिन आपने मुझे गलत साबित कर दिया है। मैं आपका तहेदिल से आभार व्यक्त करता हूं।

रात भर जागकर बनाई पीएम मोदी की पेंटिंग और मिलने पहुंच गया एयरपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। देश की जनता उनसे बेशुमार प्रेम करती है। प्रधानमंत्री मोदी सवा सौ करोड़ से अधिक लोगों के दिल में बसते हैं। जापान, पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया का दौरा पूरा कर दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर आधी रात से ही हजारों की संख्या में लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। इनमें एक खास समर्थक नुर्शीद अली भी था। खुद को मोदी भक्त बताने वाले नुर्शीद अली ने रात भर जागकर प्रधानमंत्री मोदी की पेंटिंग बनाई और उसे लेकर एयरपोर्ट पहुंच गया। एबीपी न्यूज के अनुसार जैसे ही नुर्शीद अली को पता चला कि प्रधानमंत्री मोदी लैंड करने वाले हैं तो उसने रात भर जागकर पेंटिंग बनाई। अली ने कहा कि मैं 9 साल से पीएम मोदी से मिलने का इंतजार कर रहा हूं। नुर्शीद ने कहा कि मां-बाप से पहले पीएम मोदी का नाम लगाता हूं। उन्होंने मेरे देश का नाम रोशन किया है। मेरे लिए दीन-धर्म से बढ़कर देश है। उन्होंने मेरे देश का नाम रोशन किया है। देखिए वीडियो-

पीएम मोदी की तस्वीर से किसान ने की दिल की बात
प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता ने जाति, धर्म, देश, गरीबी और अमीरी की सभी सीमाओं को तोड़ दिया है। प्रधानमंत्री मोदी को पसंद करने वाले लोग हर जगह और हर वर्ग में है। अपनी गरीब कल्याण नीतियों और योजनाओं से प्रधानमंत्री मोदी गरीबों के मसीहा बन चुके हैं। जिस तरह उनकी सरकार ने बिना भेदभाव किए गरीबों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया है, उससे गरीब, वंचित, बेसहारा लोगों और किसानों की दीवानगी सर चढ़कर बोल रही है। इसकी एक झलक कर्नाटक में देखने को मिली। एक गरीब किसान प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के सामने अपनी दिल की बात इस तरह बयां कर रहा था, मानो प्रधानमंत्री उसकी बात सुन रहे हों। किसान ने जिस मासूमियत और भोलेपन के साथ अपने प्यार को दर्शाया, वो दिल को छू लेने वाला है।

28 मार्च,2023 को कर्नाटक विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान वायरल इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी के प्रति लोगों के प्यार को देखा जा सकता है। वायरल वीडियो में एक बुजुर्ग किसान बस पर लगी प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के साथ बातें करता हुआ नजर आ रहा है। भावुक किसान अपनी दिल की बात कहते हुए रोने लगता है। स्थानीय भाषा में किसान कहता है कि मुझे एक हजार रुपये मिल रहे थे। आपकी वजह से मुझे 500 रुपये और मिलने लगे। आप हमारे स्वास्थ्य की देखभल कर रहे हैं। किसान ने बड़े भोलेपन के साथ प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर को किस किया।

“हमें सिर्फ प्राइम मिनिस्टर मोदी चाहिए”
प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तान में भी काफी लोकप्रिय है। अगर पाकिस्तानियों की बातों पर यकीन करें तो वो पाकिस्तान में चुनाव लड़कर प्रधानमंत्री बन सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी और भारत की तरक्की से प्रभावित एक पाकिस्तानी ने अपने देश की मीडिया से बात करते हुए कहा कि 1947 में भारत का विभाजन नहीं हुआ होता। सारा पाक और हिन्द एक होता और टमाटर आज 20 रुपये किलो होता। चिकन 150 रुपये किलो और पेट्रोल 150 रुपये लीटर मिलता। उनकी बदकिस्मती है कि पाकिस्तान में मुसलमानों वाला कोई सिलसिला ही नहीं है। इससे अच्छ तो प्रधानमंत्री मोदी है, जिन्हें वहां की जनता काफी सम्मान देती है। प्रधानमंत्री मोदी अपने लोगों के लिए शमशेर हैं। हमें मोदी मिल जाए। हमें न नवाज शरीफ चाहिए, न बेनजीर चाहिए, न हमें इमरान खान चाहिए। कोई भी नहीं, हमें मुसर्रफ भी नहीं चाहिए। हमें सिर्फ प्राइम मिनिस्टर मोदी चाहिए, जो इस मुल्क के टेढ़ों को सीधा करें। इस मुल्क को ऊपर लेकर जाए।

हमीरपुर की महिलाओं की गीतों में पीएम मोदी का गुणगान
जनता से जुड़ाव, उनसे संवाद, देश की नब्ज पर मजबूत पकड़, आमजन की मुश्किलों की जमीनी जानकारी प्रधानमंत्री मोदी को बखूबी है क्योंकि उनका बचपन भी संघर्षों में पला है। पीएम मोदी ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं उज्जवला योजना, नल जल योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, फ्री सिलाई मशीन योजना, मातृत्व वंदना योजना, महिला शक्ति केंद्र योजना आदि योजनाएं शुरू कीं जिससे महिलाएं लाभान्वित हुईं। पीएम मोदी के कार्यों से प्रभावित उत्तर प्रदेश के हमीरपुर की कुछ महिलाओं ने उन पर गीत लिखा और कंपोज किया है। पीएम मोदी के प्रति उनके अगाध प्रेम को आप सुनिए…

इंदौर के कलाकारों ने वॉटर बोटलों के ढक्कनों से बनाया पीएम मोदी का पोर्ट्रेट
देश के कलाकार अपनी असाधारण प्रतिभा और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपने प्यार को प्रदर्शित करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, जिसे देखकर भारत के लोग ही नहीं, बल्कि दुनिया भी आश्चर्यचकित हो जाती है। इंदौर के कलाकारों ने भी कमाल कर दिखाया है। उन्होंने छह हजार वर्गफुट में 6 लाख वॉटर बोतल के ढक्कनों से प्रधानमंत्री मोदी की अद्भुत तस्वीर तैयार कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कलाकारोंं ने अपने इस पोर्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश की है।

वॉटर बोटलों के ढक्कनों से बनाया गया प्रधानमंत्री मोदी का पोर्ट्रेट बेहद आकर्षक है। इसे बनाने में आर्ट स्टूडियो के 150 कलाकारों ने अपना योगदान दिया और 3 दिनों तक 24 घंटे काम किया। टीम ‘परिवर्तन’ द्वारा बनाए गए इस पोर्ट्रेट का वर्ल्ड बुक ऑफ लंदन की टीम ने निरीक्षण किया। टीम ने इसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन का प्रमाण पत्र भी सौंपा। टीम ‘परिवर्तन’ पूर्व में भी इस तरह की आकृति बनाकर एक रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है। टीम चाहती है कि उनके द्वारा बनाई गया पोर्ट्रेट किसी भी तरह से प्रधानमंत्री मोदी के पास पहुंचे। आर्ट स्टूडियो इंदौर की टीम ‘परिवर्तन’ ने बताया कि देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। इसके तहत लोगों को जागरूक करना चाहते थे। इसलिए एक खास संदेश देने के उद्देश्य से इस पोर्ट्रेट का निर्माण किया गया। कलाकार यह बताना चाहते थे कि कैसे हर तरह के कचरे को एक विश्वस्तरीय कला में बदल कर इतिहास रचा जा सकता है। क्योंकि, खुद प्रधानमंत्री मोदी भी वेस्ट को बेस्ट बनाने का संदेश दे चुके हैं। गौरतलब है कि आर्ट स्टूडियो के कलाकार अकसर वेस्ट मटेरियल से पोट्रेट बनाकर सामाजिक संदेश देते रहते हैं।

14 साल की लड़की ने बनाई पीएम मोदी की अनोखी तस्वीर
उत्तर प्रदेश के जालौन की रहने वाली एक बाल कलाकार प्रज्ञा लोगों की हूबहू तस्वीर बना देती है। प्रधानमंत्री मोदी के काम से खुश होकर प्रज्ञा ने उनकी एक ख़ास तस्वीर तैयार की, जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया। कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री मोदी जालौन आकर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उद्धघाटन किया था। उनके इस दौरे से लोगों में जश्न जैसा माहौल था। बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री मोदी का भाषण सुनने पहुंचे थे। इसी खुशी का इजहार करने के लिए जालौन के उरई की रहने वाली छात्रा प्रज्ञा महेश्वरी ने क्यूब्स से प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर बना डाली। तस्वीर को बनाने के लिए प्रज्ञा किसी रंग, पानी, कपड़े और कागज का इस्तेमाल नहीं करती बल्कि बच्चों के खेलने वाले क्यूब से जस का तस व्यक्ति की आकृति उकेर देती है।

मुजफ्फरपुर का चायवाला किसी से कम नहीं
भारत की जनता प्रधानमंत्री मोदी से बेशुमार प्रेम करती है। इसकी एक झलक 12 जुलाई, 2022 को देखने को मिली, जब प्रधानमंत्री मोदी बिहार विधानसभा के शताब्दी समापन समारोह में हिस्सा लेने पटना पहुंचे। इस दौरान उनसे मिलने और चाय पिलाने के लिए उनका एक प्रशंसक चायवाला मुजफ्फरपुर से पटना पहुंचा, तो सभी की निगाहें उस पर टिक गईं। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी के सुरक्षा कारणों से उसका सपना पूरा नहीं हो पाया। भले ही चायवाला प्रधानमंत्री मोदी से न मिल पाया हो लेकिन उसकी चर्चा हर जगह हो रही है। दरअसल प्रधानमंत्री मोदी के इस फैन का नाम अशोक कुमार साहनी है। जो कि बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाला हैं। अशोक ने अपने पूरे शरीर को प्रधानमंत्री मोदी के रंग में रंग दिया था। अपने पेट पर प्रधानमंत्री मोदी की पेंटिंग भी बनाई थी। उसके ऊपर नमो-नमो लिखवाया था। सिर पर आगे की तरफ भारत का नक्शा बना था। सिर के पीछे जय हिंद और सिर के दाहिने साइड में स्वच्छ भारत लिखवाया था। हाथ में चाय की केतली और पीठ पर डस्टबिन टांग रखा था।

नौवीं की छात्रा ने बनाया पीएम मोदी का टाइपोग्राफिक प्रोर्ट्रेट
दिल्ली की रहने वाली नौवीं क्लास की छात्रा याशिका दास ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र और मेक इन इंडिया अभियान से प्रभावित होकर उनका टाइपोग्राफ़िक प्रोर्ट्रेट तैयार किया, जिसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया। याशिका दास ने “Be vocal for your amazing local” शीर्षक से प्रधानमंत्री मोदी का पोर्ट्रेट तैयार किया। इसमें ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का प्रतिनिधित्व करने वाले 500 भारतीय ब्रांडों के नाम का इस्तेमाल किया गया था। A3 आकार की शीट पर बने इस पोर्ट्रेट में सेल, हिन्दुस्तान नेशनल गैंस एंड इंडस्ट्रीज, पतंजलि आयुर्वेद जैसे भारतीय ब्रांडों के नाम का उल्लेख किया गया था।

केरल की 10वीं की छात्रा ने प्रधानमंत्री मोदी को भेजा खास तोहफा
यह प्रधानमंत्री मोदी के प्रति प्यार ही है कि केरल की 10वीं कक्षा की एक छात्रा जयलक्ष्मी ने हाल ही में उन्हें जैविक अमरूद का एक पौधा भेजा। पथानामथिट्टा जिले में पंडलम की रहने वाली जयलक्ष्मी अपने घर के आंगन में जैविक खेती करती है। वह चाहती हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग जैविक खेती को अपनाएं। जयलक्ष्मी ने बीजेपी सांसद सुरेश गोपी से अमरूद का पौधा प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का आग्रह किया था। सुरेश गोपी ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर जयलक्ष्मी का उपहार उन्हें भेंट किया। प्रधानमंत्री तक पौधा पहुंचने के बाद जयलक्ष्मी काफी खुश है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जयलक्ष्मी को राज्य सरकार की ओर से ‘कार्शक थिलकम’ पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र लिखकर जयलक्ष्मी को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने पत्र में लिखा कि आंगन में जैविक खेत को बनाए रखने की आपकी पहल नेक और विचारशील है। युवा दिमाग में रचनात्मक विचार हमारे देश की ताकत हैं।

बेंगलुरू के छात्र ने बनाई प्रधानमंत्री की खूबसूरत पेंटिंग
हाल ही में बेंगलुरू के 20 वर्षीय उभरते कलाकार स्टीवेन हैरिस ने एक चिट्ठी के साथ प्रधानमंत्री मोदी की दो खूबसूरत पेंटिंग बनाकर उन्हें भेजी थी। इसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र लिखकर स्टीवेन का हौसला बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि रचनात्मक क्षेत्र में युवाओं की लगन और मेहनत को देखना अत्यंत सुखद है। स्टीवेन की तारीफ करते हुए उन्होंने लिखा कि आपकी पेंटिंग से आपमें चीजों को गहराई से अनुभव करने की प्रतिभा का पता चलता है। आपने जिस बारीकी से सूक्ष्म भावों को कैनवास पर उतारा है, उसे देखकर मन आनंदित हो जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में स्टीवेन के विचारों की भी प्रशंसा की। कोरोना काल में लोगों के अच्छे स्वास्थ्य और कुशल मंगल को लेकर स्टीवेन के विचारों की उन्होंने सराहना की। प्रधानमंत्री ने लिखा कि टीकाकरण अभियान, अनुशासन और 130 करोड़ भारतीयों के सम्मिलित प्रयास इस महामारी के खिलाफ हमारी लड़ाई को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि समाज में पॉजिटिविटी फैलाने के स्टीवेन के प्रयासों से दूसरे लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।

इससे पहले स्टीवेन ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में बताया था कि वह पिछले 15 सालों से पेंटिंग कर रहे हैं और विभिन्न स्तर पर 100 से अधिक पुरस्कार भी जीत चुके हैं। स्टीवेन ने प्रधानमंत्री मोदी को अपनी प्रेरणा बताया। साथ ही स्टीवेन ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत के टीकाकरण अभियान की भी तारीफ की थी।

दुबई में रहने वाले 14-वर्षीय सरन शशिकुमार को पत्र भेज जताया आभार
दुबई में रहने वाले केरल के 14-वर्षीय सरन शशिकुमार और उनके परिवार को उस समय खुशी का ठिकाना नहीं रहा, जब उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से प्रशंसा पत्र प्राप्त हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में ‘सुंदर चित्र’ भेजने के लिए ‘हार्दिक आभार’ जताया और कहा कि कला हमारे अंतरतम विचारों और भावनाओं को व्यक्त करने और हमारी कल्पना को रचनात्मकता से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। आपके द्वारा उकेरी गई पेंटिंग कला के प्रति आपकी प्रतिबद्धता और समर्पण को दर्शाती है। साथ ही साथ राष्ट्र के प्रति आपके प्यार और स्नेह को भी प्रतिबिंबित करती है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में लिखा गया है कि मुझे यकीन है कि आप अपने कलात्मक कौशल को आने वाले वर्षों में उत्कृष्टता के उच्च स्तर तक ले जाएंगे। आप इसी तरह सुंदर चित्र बनाना जारी रखें और अकादमिक क्षेत्र में भी उत्कृष्टता प्राप्त करें। एक उज्ज्वल और सफल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।

सरन शशिकुमार ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय प्रधानमंत्री मोदी को उपहार स्वरूप देने के लिए उनका छह-स्तरीय स्टैंसिल चित्र बनाया था। 90 सेमी गुणा 90 सेमी आकार वाले इस पोट्रेट में 2019 में केंद्रीय औद्योगिक पुलिस बल के फाउंडेशन के 50 साल पर आयोजित समारोह में गार्ड ऑफ ऑनर लेते हुए प्रधानमंत्री मोदी को चित्रित किया गया है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी ने एक हैट पहना है जिसपर CISF का लोगो है। जनवरी 2021में केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा की थी, इस दौरान सरन ने पोट्रेट को उन्हें सौंप दिया था, ताकि इसे प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया जा सके।

12 बीघा जमीन पीएम मोदी के नाम करने का फैसला
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में किशनी के गांव चितायन की रहने वाली 85 साल की बिट्टन देवी ने अपनी 12 बीघा जमीन प्रधानमंत्री मोदी के नाम करने का फैसला किया। सरकारी काम और योजनाओं से प्रभावित महिला अपनी जिद पर अड़ी रही कि वह अपने सारे खेत प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर ही करेगी। अमर उजाला की खबर के अनुसार प्रधानमंत्री के नाम पर खेत करने की बात सुनकर वकील भी हैरान रह गए। बिट्टन देवी ने बताया कि उनके पति पूरन लाल की मौत हो चुकी है। सरकार की ओर से मिल रही वृद्धावस्था पेंशन से उनका गुजारा हो रहा है। ऐसे में वह अपने नाम दर्ज भूमि प्रधानमंत्री मोदी के नाम करना चाहती हैं।कोरोना के खिलाफ जंग में मोदी मास्क
कोरोना संकट काल में सूरत की एक सामाजिक संस्था मोदी मास्क लेकर सामने आई। इस मास्क पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर लगी थी। इस संस्था ने लाखों मास्क फ्री बांटे। आजतक की खबर के अनुसार सूरत के मोटामंदिर युवक मंडल ने 22 लाख मास्क फ्री में बांटे थे। इन्होंने सिर्फ गुजरात में ही नहीं बल्कि यूपी के वाराणसी और अमेठी में भी लाखों मास्क भेजे। मोटा मंदिर युवक मंडल के एक सदस्य संजय दलाल के अनुसार कोरोना काल में मास्क सबसे जरूरी चीज बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को मास्क पहनने के लिए कहा है। गरीब लोग मास्क नहीं खरीद सकते हैं इसलिए हम उन्हें मुफ्त में मास्क मुहैया करा रहे हैं।

फोटो सौजन्य

किसान ने अनाज से बनाया प्रधानमंत्री मोदी का चित्र
प्रधानमंत्री मोदी से प्रभावित मध्य प्रदेश में हरदा जिले के कुकरावद गांव के एक युवा किसान ने अनोखे तरीके से आभार जताया। किसान सतीश जगदीश प्रसाद गुर्जर ने अनाज से प्रधानमंत्री मोदी का चित्र बनाया। सतीश ने घर की छत पर 800 स्क्वायर फीट में इस पोर्ट्रेट को बनाया। उन्होंने इसे बनाने में कई तरह के अनाजों का इस्तेमाल किया, जिसमें 60 किलो चना, 25 किलो गेहूं, 20 किलो चावल, 2 किलो मटर और 1 किलो काले तिल का उपयोग हुआ। किसान और शिक्षक सतीश को इसे बनाने में करीब 16 घंटे का समय लगा । डीडी न्यूज के अनुसार सतीश का कहना था कि कोरोना संकट काल में प्रधानमंत्री मोदी ने कई योजनाओं के जरिए जिस तरह से किसानों और देश के अन्य लोगों को राहत देने का काम किया है, उससे प्रभावित होकर उन्होंने अपनी भावनाएं अनाज के माध्यम से इस तरह व्यक्त की हैं।सतीश ने कहा कि किसान होने के कारण मुझे घर पर ही गेहूं के ढेर को देख कर यह ख्याल आया कि हम किसान भाइयों को भी प्रधानमंत्री जी के लिए कुछ करना चाहिए तब मैंने इस कलाकृति का निर्माण किया। यह चित्र देश के अन्नदाताओं की ओर से प्रधानमंत्री जी को समर्पित है।

लॉकडाउन में बना डाली प्रधानमंत्री मोदी की वॉल पेंटिंग
इसके पहले जबलपुर के सराफा में रहने वाले सोमिन जैन ने लॉकडाउन के दौरान उनकी वॉल पेंटिंग बना डाली।

फाइन आर्ट के स्टूडेंट सोमिन ने छत पर एक दीवार में प्रधानमंत्री मोदी की यह पेंटिंग बनाई। इसे बनाने में उन्हें 15 दिन का समय लगा।

सोमिन जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के लिए कई बड़े चुनौतीपूर्ण फैसले किए हैं। प्रधानमंत्री जिस तरह से कोरोना संकट में दिन-रात काम कर रहे हैं उसकी पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी आज दुनिया के लिए एक मिसाल की तरह है इसलिए मैंने उनकी यह पेंटिंग बनाई है।

देखिए वीडियो-

सोमिन इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी की पेंटिंग बना चुके हैं।

शादी कार्ड पर छपवाया सीएए के समर्थन में नारा, पीएम मोदी को भेजा न्योता
 राजस्थान में सीकर के अमित खंडेलवाल ने शादी कार्ड पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में नारे छपवाए। अमित की शादी नौ फरवरी हुई। शादी कार्ड के लिफाफे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फोटो के साथ ‘हम सीएए और एनआरसी का समर्थन करते हैं’ का नारा छपवाया गया। कार्ड पर प्रधानमंत्री मोदी के फोटो के साथ स्वच्छ भारत अभियान का लोगो भी है। अमित ने कहा कि यह मोदी सरकार के सही निर्णयों के बारे में लोगों को जागरूक करने की एक पहल है।

सीएए-एनआरसी के समर्थन में शादी कार्ड पर छपवाया स्लोगन
देहरादून के अवंतिका विहार में रहने वाले उत्तर प्रदेश के सम्भल, चंदौसी निवासी मोहित मिश्रा ने भी अपने विवाह के कार्ड में सीएए और एनआरसी के समर्थन में संदेश लिखवाया। मोहित ने कार्ड पर छपवाया गया कि हम सीएए और एनआरसी का समर्थन करते हैं। काफी लोगों ने इसे सराहा। मोहित ने कहा कि सीएए देशहित में जरूरी है।

इसके पहले लोकसभा चुनाव के समय भी कई लोग शादी के कार्ड में नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए बीजेपी को वोट देने की अपील कर चुके हैं-
लोकसभा चुनाव के समय बिहार में अरवल के एक व्यक्ति ने शादी के कार्ड में मेहमानों से प्रधानमंत्री मोदी के लिए वोट करने की अपील की। अलवर जिले में करपी प्रखंड के अईयारा गांव के निवासी अशोक सिंह ने अपने बेटे की शादी के निमंत्रण पत्र में एनडीए के पक्ष में वोट देने की अपील की। अशोक सिंह प्रधानमंत्री मोदी के प्रशंसक हैं। उनके बेटे विपुल की शादी 25 अप्रैल, 2019 को हुई। शादी के कार्ड पर उन्होंने छपवाया कि मोदी-नीतीश को वोट दें। 

फोटो सौजन्य

शादी कार्ड पर छपवाया ‘नमो अगेन’
मध्‍यप्रदेश में श्योपुर के एक व्यक्ति ने अपनी शादी के कार्ड में मेहमानों से प्रधानमंत्री मोदी के लिए वोट करने की अपील की। विवाह का निमंत्रण पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। श्योपुर तहसील के बगदिया ग्राम पंचायत के गांधीनगर गांव के राहुल बीका की शादी 24 अप्रैल,2019 को हुई। राहुल ने अपनी शादी के कार्ड में दूल्हा-दुल्हन के प्रतीक चिन्ह के पास बड़े अक्षरों में ‘मोदी अगेन” लिखवाया था।

फोटो सौजन्य

आशीर्वाद के रूप में प्रधानमंत्री मोदी को वोट देने की अपील
बिहार में सीवान जिले के सिसवा कलां निवासी अशोक सिंह की बेटी सलोनी की शादी 12 मार्च,2019 को हुई। अशोक सिंह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फैन हैं । उन्होंने बेटी की शादी के निमंत्रण कार्ड पर नरेन्द्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने का आग्रह किया। निमंत्रण कार्ड पर मेहमानों से बिटिया को आशीर्वाद स्वरूप 2019 लोकसभा चुनाव में देशहित में नरेन्द्र मोदी के पक्ष में वोट करने की अपील की गई।

मेहमानों से की फिर मोदी सरकार बनाने की अपील
मध्य प्रदेश में मुरैना जिले के एक किसान के बेटे ने शादी के कार्ड पर अनूठी अपील छपवाई। इसमें लिखा कि ‘न चाहिए आशीर्वाद न उपहार, हमें तो चाहिए केंद्र में फिर से मोदी सरकार’। दुल्हेनी गांव निवासी किसान मुरारीलाल राठौर के बेटे राजकुमार की शादी के लिफाफे पर भाजपा के चिन्ह कमल के नीचे नमो अगेन-2019 और नरेन्द्र मोदी को फिर से सरकार में लाने की अपील छपवाई गई।

गिफ्ट नहीं मोदी जी को वोट दीजिए
हैदराबाद के एक व्यक्ति ने अपनी शादी के कार्ड में मेहमानों से प्रधानमंत्री मोदी के लिए वोट करने की अपील की। विवाह का निमंत्रण पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 27 वर्षीय यांदे मुकेश राव ने मेहमानों से कहा कि मुझे गिफ्ट मत दीजिए। बस आप लोकसभा चुनाव 2019 में नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए बीजेपी को वोट दीजिए मैं उसी को अपना गिफ्ट समझूंगा। यांदे ने शादी कार्ड के साथ कमल का फूल भेजकर निमंत्रण दिया। शादी के कार्ड पर लिखा गया, ‘2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी के लिए वोट ही हमारा उपहार है।’ इस संदेश के दोनों ओर बीजेपी का चुनाव चिह्न कमल का फूल भी प्रिंट कराया गया था।

शादी के कार्ड पर वोट देने की अपील
प्रधानमंत्री की लोकप्रियता का आलम यह है कि कर्नाटक में दावणगेरे के एक जोड़े रेखा और नागराज ने अपनी शादी के निमंत्रण पत्र पर मेहमानों से आगामी चुनावों में पीएम मोदी को वोट देने की अपील की। जोड़े ने अपनी शादी के कार्ड पर प्रधानमंत्री मोदी की फोटो छपवाकर लिखा, ‘2019 के चुनाव में पीएम मोदी के लिए आपका वोट ही हमारा उपहार है।’ दावणगेरे में होसकेरे के जगलूर तालुक के नागराज बेंगलुरु में काम करते हैं।

इससे पहले सूरत में एक शादी के निमंत्रण कार्ड में मेहमानों को 2019 के आम चुनावों में प्रधानमंत्री मोदी को वोट देने की अपील की गई थी। कार्ड में छापा गया कि 2019 के लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री मोदी को वोट देकर जीत दिलाएं। साथ ही नमो एप के माध्यम से लोगों से योगदान करने की अपील भी की गई। कार्ड के एक हिस्से पर राफेल विवाद की पूरी कहानी लिखी गई है। इसमें राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के एनडीए सरकार के फैसले को सही ठहराया गया है।

पीएम मोदी ने दी बधाई
राफेल लड़ाकू विमान की थीम पर अपनी शादी का कार्ड छपवाने वाले युगल को प्रधानमंत्री मोदी ने शुभकामनाएं देते हुए पत्र लिखा। पीएम मोदी ने इस काम के लिए युगल की तारीफ की। सूरत के दंपति युवराज पोखरना और उनकी होने वाली दुल्हन साक्षी अग्रवाल को लिखी चिट्ठी में पीएम मोदी ने कार्ड पर लिखी सामग्री को ‘सरल’ बताया और कहा कि इसने उन्हें देश के लिए और भी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया है।  

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में लिखा, ‘युवराज और साक्षी की शादी की खुशी के अवसर पर पोखरना परिवार को हार्दिक बधाई। मेहमानों को भेजे गए शादी के निमंत्रण पत्र की एक अनूठी चीज पर मेरा ध्यान गया। इसकी सामग्री की सरलता राष्ट्र के प्रति आपकी चिंता और प्यार को दर्शाती है। इससे मुझे अपने देश के लिए और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा मिलती है। पीएम मोदी ने लिखा, ‘सुखी और समृद्ध जीवन के लिए दंपति को शुभकामनाएं और आशीर्वाद।’ 

राजस्थान के टोंक में शादी के कार्ड पर- ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’
राजस्थान के टोंक जिले में एक शादी कार्ड में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के साथ बेटी को आशीर्वाद के रूप में लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी के पक्ष में वोट करने की अपील की गई। शादी के कार्ड के मुताबिक रूचिका की शादी चौथमल से 22 जनवरी, 2019 को हुई। आमंत्रण कार्ड में लड़की के पिता भंवर लाल राजेश सोनी ने लिखा, ‘सादर अनुरोध- बिटिया को आशीर्वाद स्वरूप 2019 में लोकसभा चुनाव में अपना वोट देश हित में नरेन्द्र मोदी के पक्ष में करें।’

‘पीएम मोदी को दिया वोट ही हमारा गिफ्ट है’
गुजरात के सूरत में धवल और जया की शादी 1 जनवरी, 2019 को हुई। इनकी शादी का ये कार्ड सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया गया।दरअसल, इस वेडिंग इनविटेशन के जरिए लोगों से साल 2019 में होने वाले लोकसभा के चुनाव में बीजेपी के लिए वोट देने की अपील की गई। इस कार्ड में सबसे नीचे लिखा है ‘लोकसभा चुनाव 2019 में आपका मोदी को दिया वोट ही हमारा गिफ्ट है।’

बेंगलुरु में शादी के कार्ड पर पीएम मोदी की तस्वीर
कर्नाटक के बेंगलुरु में रहने वाले एक जोड़े ने अपनी शादी के कार्ड को खास बनाने के लिए पीएम मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल किया। साथ ही, मोदी सरकार की उपलब्धियों की भी जमकर तारीफ की।कार्ड में लिखा गया- ‘आप पीएम मोदी के लिए वोट करें, यही हमारा गिफ्ट है।’ इस जोड़े की शादी का कार्ड सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। दूल्हे प्रवीण सोमेश्वर ने कार्ड को खास डिजायन में बनवाया। कुवैत में रहने वाले प्रवीण की शादी 31 दिसंबर, 2018 को हुई।  

हिमाचल प्रदेश में शादी के कार्ड पर ‘नमो अगेन’
हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब के विशाल ठाकुर ने नरेंद्र मोदी को जिताने के लिए शादी के कार्ड पर कमल के फूल के साथ लिखवाया- नमो अगेन। विशाल ने लोगों से की भाजपा को वोट देने की अपील की। यह कार्ड भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। विशाल का मानना है कि सभी देशवासियों को मोदी को दोबारा पीएम बनाना चाहिए। इस अनोखी अपील के साथ कार्ड पर देश के पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ-साथ सरकार की कई सारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया। 

‘काशी में भोले शंकर का त्रिशूल और देश में कमल का फूल’
पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के बीएचयू से वकालत करने वाले छात्र आत्म प्रकाश ने पिछले साल अपनी शादी का समारोह तो सादा रखा, लेकिन शादी के निमंत्रण कार्ड में पीएम ​मोदी की तस्वीर छपवाई। कार्ड पर लिखा- काशी में भोले शंकर का त्रिशूल और देश में कमल का फूल। शादी के इस कार्ड की चर्चा बनारस के हर गली-चौराहे पर हुई। आत्म प्रकाश ने पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा बनारस के विकास से प्रभावित होकर कार्ड छपवाया। 

लड़की ने पीठ पर बनवाया मोदी का टैटू
जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने से खुश 21 साल की एक लड़की ने अपनी पीठ पर प्रधानमंत्री मोदी का टैटू बनवा लिया।

फोटो सौजन्य जागरण

लड़की ने कहा कि कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाना एक साहसिक फैसला है। जागरण की खबर के अनुसार रांची की लड़की रिधी शर्मा ने कहा कि मैं तो पीएम मोदी की पहले से ही फैन रही हूं। मैं अच्छे मौके का इंतजार कर रही थी। यह बहुत ही खुशी का दिन है। इसलिए मैंने यह टैटू बनवाया। मोदी जी ने महिलाओं के लिए कई अच्छे काम किए हैं। तीन तलाक से महिलाओं को आजादी दिलाई है। वे बहुत हार्ड वर्कर हैं। मुझे उन पर बहुत भरोसा है। 

रिधी ने कहा कि सभी लोगों का जश्न मनाने का अपना तरीका होता है। मैं पीठ पर प्रधानमंत्री की तस्वीर बनाकर जश्न मना रही हूं। टैटू बनाने वाले विनय कुमार का कहना है कि रिधी मेरे पास मंगलवार को ही आई थीं, मैंने उन्हें बहुत समझाया। लेकिन दो दिन बाद वह फिर आईं और आखिरकार मैंने उनकी पीठ पर प्रधानमंत्री का टैटू बना दिया। इसे बनाने में छह घंटे का समय लगा।

मोदी राखी की धूम
रक्षाबंधन से पहले देशभर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर स्पेशल राखी की धूम रही। भास्कर की खबर के अनुसार लोकसभा चुनाव में मिली भारी जीत और आर्टिकल 370 हटने के बाद लोगों ने मोदी राखी से इसे सेलिब्रेट किया।

किसान ने बनाया प्रधानमंत्री मोदी का मंदिर
तमिलनाडु में त्रिची के एक किसान प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में उनका एक मंदिर बनवाया है। इराकुडी गांव के रहने वाले 50 साल के पी शंकर यह मंदिर अपनी खेत की जमीन पर खुद के पैसे से बनवाया है। मंदिर बनाने में करीब सवा लाख रुपये लगे हैं। पी शंकर रोज सुबह इस मंदिर में पूजा करते हैं और आरती करते हैं। मंदिर के अंदर सफेद शर्ट और नीले रंग की जैकेट में प्रधानमंत्री की एक मूर्ति है।

मोदी जी की मूर्ति को माला और फूलों से सजाया गया है। मंदिर की दीवारों पर तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता, वर्तमान सीएम पलानीसामी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तस्वीरों को भी सजाया गया है।

अमरेली से दिल्ली तक साइकिल यात्रा
अमरेली के भीखूभाई ने लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। भीखूभाई ने कहा था कि अगर भाजपा लोकसभा चुनाव में 300 से ज्यादा सीटें जीतती है तो वह अमरेली से दिल्ली तक साइकिल से जाएंगे। भीखूभाई से मिलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया कि अमरेली के असाधारण भीखूभाई से मुलाकात हुई।

भीखूभाई ने तय किया था कि अगर भाजपा 300 से ज्यादा सीटें जीतती है तो वह साइकिल चलाकर अमरेली से दिल्ली तक जाएंगे। उन्होंने अपनी बात रखी। मैं उनकी विनम्रता और जुनून से बहुत प्रभावित हुआ।

चायवाले ने त्यागा अन्न
प्रधानमंत्री मोदी को 2019 में एक बार फिर से पीएम बनाने के लिए उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के कस्बा खतौली में पुल के नीचे ठेले पर चाय बेचने वाले सुरेंद्र ने 2 अप्रैल 2019 को अन्न का त्याग कर दिया था। सुरेंद्र ने अन्न त्याग कर प्रधानमंत्री मोदी की जीत के लिए प्रार्थना की। जी न्यूज के अनुसार सुरेंद्र का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सबका साथ सबका विकास किया है। मोदी जी ने जो भी किया सबके लिए अच्छा किया किसी को दुरुपयोग नहीं किया। हिंदू हो या मुसलमान उन्होंने सबको सहयोग दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने लिखे गीत
दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर प्रधानमंत्री मोदी से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने चौकीदार पर एक सुपरहिट गाना लिख दिया। हिन्दी विभाग के प्रोफेसर निरंजन कुमार देश-दुनिया के दर्जनों यूनिवर्सिटी में पढ़ा चुके हैं। अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, मिशिगन यूनिवर्सिटी और एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी में भी अध्यापन का कार्य कर चुके हैं। प्रोफेसर कुमार नियमित रूप से पत्र-पत्रिकाओं में आलेख लिखते रहे हैं और न्यूज चैनलों के डिबेट शो में हिस्सा लेते रहते हैं। प्रोफेसर कुमार का सिविल सेवा परीक्षा के लिए दो बार चयन हो चुका है, लेकिन अध्यापन से विशेष लगाव होने के कारण उन्होंने इसे ही जारी रखने का फैसला किया। देखिए प्रोफेसर निरंजन का चौकीदार पर वीडियो-

कर्नाटक के युवक ने छोड़ी ऑस्‍ट्रेलिया में नौकरी
प्रधानमंत्री मोदी के एक प्रशंसक ने उन्हें वोट देने के लिए ऑस्‍ट्रेलिया में अपनी नौकरी छोड़ दी। सिडनी एयरपोर्ट पर तैनात स्‍क्रीनिंग ऑफिसर सुधींद्र हेब्‍बार भारत आकर मतदान करना चाहता था, लेकिन ईस्‍टर और रमजान की वजह से एयरपोर्ट पर होने वाली भारी भीड़ की वजह छुट्टी में परेशानी होने पर नौकरी से इस्‍तीफा दे दिया। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार सुधींद्र हेब्‍बार का कहना है कि, ‘सिडनी में मैं दुनिया भर से आए लोगों के बीच काम करता हूं। मुझे गर्व होता है जब वे कहते हैं कि भारत का भविष्‍य बहुत अच्‍छा है। मैं भारत की बदलती इमेज और इस कामयाबी का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को दूंगा।’ 
‘डोर बेल खराब है, दरवाजा खुलवाने के लिए मोदी-मोदी चिल्लाएं’
मध्य प्रदेश के मुरैना शहर के रामनगर में कई घरों के दरवाजों पर कुछ ऐसे पोस्टर लगे मिले जिसने लोगों को चौंका दिए। न्यूज18 की खबर के अनुसार शहर में लोगों ने घरों के दरवाजे के पास पोस्टर प्रिंट कर लगवाया कि- ‘डोर बेल खराब है, कृपया दरवाजा खुलवाने के लिए मोदी-मोदी चिल्लाएं।’
मुंबई लोकल में मोदी-मोदी के नारे
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें मुंबई लोकल में बैठे लोग गाना गा रहे थे। गाने में लोग अपील कर रहे थे कि मोदी जी को वोट देना लोकसभा चुनाव में, गूंज रहा है नाम मोदी का पूरे हिंदुस्तान में, भारत से ज्यादा परदेसी करें तेरा गुणगान रे, मोदी केवल नाम नहीं भारत का अभिमान रे। ये वीडियो इतना वायरल हुआ कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस वीडियो को ट्विटर पर शेयर किया।


देखिए वीडियो-

 

 

 

 

 

 

 

गांववालों ने लगाया ‘मैं भी चौकीदार हूं’ का बोर्ड
उत्तर प्रदेश में अमरोहा के फरीदपुर गांव के लोगों ने गांव के बाहर बीजेपी के पक्ष में बोर्ड लगाए। बोर्ड पर लिखा था कि ‘मैं भी चौकीदार हूं’। सोशल मीडिया पर यह बोर्ड काफी वायरल हुआ। इस तरह के बोर्ड इस गांव में अलग-अलग जगहों पर दिखाई पड़ रहे थे। आजतक की खबर के अनुसार गांव के किसानों ने कहा कि हमारी पिछले 30 वर्षों से एक बहुत बड़ी मांग चली आ रही थी कि किसान सम्मान निधि योजना के अंदर पैसा दिया जाए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 6,000 रुपये देने की जो योजना बनाई है, वह सराहनीय है। गांववालों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह से पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है उससे गांव के लोग काफी खुश हैं और इन्होंने अपने बोर्ड में लिखा कि यह गांव चौकीदारों का है। इस गांव में गठबंधन प्रत्याशी का आना मना है।
300 लोगों ने हाथ पर गुदवाया ‘मैं भी चौकीदार हूं’
गुजरात में हिम्मतनगर में करीब 300 से अधिक लोगों ने हाथ पर ‘मैं भी चौकीदार हूं’ का टैटू गुदवाया। प्रधानमंत्री मोदी के प्रति क्रेज को देखते हुए टैटू गोदने वाले ने भी टैटू गुदवाना फ्री कर दिया। टैटू गुदवाने वाले लोगों का साफ कहना था कि प्रधानमंत्री मोदी ने पांच वर्ष में देश के लिए चौकीदारी की। उन्होंने चौकीदारी की है, उसलिए हम भी हाथ पर टैटू गुदवाकर समर्थन दे रहे हैं।

फोटो सौजन्य पत्रिका
भोपाल में भी फ्री टैटू अभियान
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान शुरू किया। इसके बाद से सोशल मीडिया पर अपने नाम के आगे चौकीदार लिखने का ट्रेंड चल पड़ा। इस कैंपेन के समर्थन में युवाओं ने ना सिर्फ सोशल मीडिया पर नाम के पहले चौकीदार लगा लिए बल्कि अपने हाथों पर मैं भी चौकीदार के टैटू भी बनवा लिए। नवभारत टाइम्स का यह वीडियो देखिए-

एक फैन ने खोला मोदी थीम वाला कैफे
लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर से पीएम बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रशंसक दिनेश रोडी ने तमिलनाडु के थूथुकुडी में मोदी थीम पर एक कैफे, रोडी रेस्टो खोल लिया। कैफे की दीवारों को मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई कई योजनाओं के नामों के हैशटैग के साथ सजाया। बिजनेस टुडे के अनुसार दिनेश ने पीएम मोदी के नाम पर स्पेशल कैंडी भी लॉन्च किए। यह कैफे यहां के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। सूरत की महिलाओं ने किया यज्ञ
चुनाव से पहले नरेन्द्र मोदी को एक बार फिर से प्रधानमंत्री बनाने के लिए गुजरात के सूरत की महिलाओं ने एक महायज्ञ का आयोजन किया। शहर की महिलाओं ने 23 मार्च को भगवान शनि को प्रसन्न करने के लिए यज्ञ का अनुष्ठान किया। तापी नदी के किनारे कपोदरा इलाके में सिद्ध कुटीर में इस 108 कुंडी शनि महायज्ञ में 532 महिलाओं ने भाग लिया और हवन आदि किया। यज्ञ में शामिल महिलाओं का कहना था कि मोदी सरकार की ओर से महिला सशक्तीकरण के लिए उठाए गए कदमों से महिलाएं इतनी खुश हैं कि वे चाहती हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ही फिर से देश की बागडोर संभालें और इन योजनाओं को और आगे बढ़ाएं।
मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने के लिए बाइक से कर डाली 15 हजार किमी की यात्रा
नरेन्द्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने के लिए तमिलनाडु की राजलक्ष्मी मांडा ने मोटरसाइकिल से 15 हजार किलोमीटर की यात्रा की। राजलक्ष्मी अपनी 62 दिनों की यात्रा में 10 राज्यों के 172 जिलों के लोगों से हस्ताक्षर कराते हुए दिल्ली पहुंचीं। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान उनकी टीम में 25 लोग और भी शामिल थे। दिल्ली पहुंचने पर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने इंडिया गेट पर राजलक्ष्मी का स्वागत किया। राजलक्ष्मी ने कहा कि सब कहते हैं ‘फिर से एक बार, मोदी सरकार, मैं कहती हूं ‘बार-बार मोदी सरकार।’
बुलेट रानी के नाम से मशहूर राजलक्ष्मी मांडा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली ने उन्हें बहुत प्रभावित किया है। इसीलिए वह इस मुहिम के तहत बीजेपी की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण को लेकर मोदी सरकार ने जितना काम किया, उतना आज तक किसी ने नहीं किया।

बिल बुक पर ‘नमो अगेन’ और ‘वोट फॉर मोदी’ छपवाकर वोट देने की अपील
नोटबंदी और जीएसटी जैसे कठोर फैसलों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता आसमान से भी ऊंची बनी हुई है। प्रधानमंत्री की लोकप्रियता का आलम यह है कि चुनाव अभियान के दौरान व्यापारी अपनी बिल बुक पर ‘नमो अगेन’ और ‘वोट फॉर नमो’ लिखाकर प्रधानमंत्री मोदी के लिए वोट मांग रहे थे। सूरत के कपड़ा व्यापारी राकेश सिंघवी ने अपनी बिल बुक पर प्रधानमंत्री मोदी का फोटो छपाकर ‘वोट फॉर बीजेपी’ का संदेश लिखा। राकेश सिंघवी की विवा इम्पेक्स नाम की दुकान है। राकेश सिंघवी का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के काम से खुश होकर उन्होंने अपनी बिल बुक पर ‘वोट फॉर बीजेपी’ छपवाया। उनका कहना है कि वह मोदी की बेटी बचाओ अभियान से काफी प्रभावित हुए हैं।

सूरत के ही एक अन्य व्यापारी भरत रंगोलिया अपनी बिल बुक पर पीएम मोदी की तस्वीर के साथ ‘मोदी अगेन’ लिखकर प्रचार किया। जिसके एक तरफ स्वच्छ भारत का लोगो और दूसरी तरफ सुरक्षित भारत लिखा। उनका कहना है कि देश को नरेन्द्र मोदी जैसे प्रधानमंत्री की जरूरत है।

दूल्हे ने रचाई प्रधानमंत्री मोदी के नाम की मेहंदी
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक दूल्हे ने अपने हाथों पर दुल्हन के नाम की मेहंदी रचाने की जगह ‘मोदी अगेन’ नाम की मेहंदी रचाई। दूल्हा अनुभव वर्मा प्रधानमंत्री मोदी के एक बड़े प्रशंसक हैं और इसलिए शादी के समय उन्होंने मोदी अगेन के नाम की मेहंदी लगाई। उन्होंने कलाई पर # Modi Again 2019 लिखवाने के साथ कमल का फूल भी बनवाया। शहर में बारात गुजरने के समय उसी रास्ते से राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी गुजर रहे थे। जब उन्हें इस बात का पता चला तो वे खुद को रोक नहीं पाए और गाड़ी से उतरकर दूल्हे को आशीर्वाद दिया और इस बारे में ट्वीट भी किया।

मोदी साड़ी और मोदी कैफे का ट्रेंड
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक बार फिर से पीएम बनाने के लिए मोदी डिजाइन की साड़ी भी बाजार में लाई गई।

फोटो सौजन्य

प्रधानमंत्री मोदी के फोटो प्रिंट वाली साड़ी को लोगों के बीच अच्छा रिस्पॉन्स मिला। गुजरात में सूरत के एक व्यापारी ने प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे के प्रिंट वाली इस खास साड़ी को डिजाइन किया।

फोटो सौजन्य

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले टेक्सटाइल मार्केट में यह नया ट्रेंड किसी सरप्राइज से कम नहीं रहा। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार लॉन्च के बाद से ही यह साड़ी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।

फोटो सौजन्य

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