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पीएम मोदी की कार डिप्लोमेसी: जब पुतिन से लेकर यूएई प्रेसिडेंट तक प्रोटोकॉल तोड़कर एक साथ निकले दुनिया के दिग्गज

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डिप्लोमेसी सिर्फ बंद कमरों की फाइलों और लंबी बैठकों तक सीमित नहीं होती। कभी-कभी यह कार की पिछली सीट पर भी रची जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते कुछ वर्षों में अपनी इसी ‘कार डिप्लोमेसी’ के जरिए दुनिया को भारत के मजबूत रिश्तों की एक नई तस्वीर दिखाई है। खास बात यह है कि ये तस्वीरें न तो किसी भव्य मीटिंग हॉल की हैं और न ही औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। ये तस्वीरें हैं — कार के भीतर, अनौपचारिक माहौल में, भरोसे की बातचीत की।

ताजा मामला: यूएई राष्ट्रपति के साथ प्रोटोकॉल ब्रेक
19 जनवरी 2026 को जब यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (MBZ) भारत पहुंचे, तो प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए खुद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेता एक ही कार में बैठकर एयरपोर्ट से रवाना हुए। इन पलों की तस्वीरें खुद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा कीं। तस्वीरें वायरल हुईं क्योंकि यह सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि भारत-यूएई के बीच रणनीतिक और व्यक्तिगत भरोसे का प्रतीक बन गईं।

व्लादिमीर पुतिन: Aurus से Fortuner तक
प्रधानमंत्री मोदी की कार डिप्लोमेसी सबसे पहले वैश्विक चर्चा में तब आई, जब सितंबर 2025 में चीन में हुए SCO समिट के दौरान वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक ही कार में नजर आए। दोनों नेता रूस की लग्जरी कार Aurus में साथ बैठे बातचीत करते दिखे। ये तस्वीरें इतनी वायरल हुईं कि अमेरिका तक में इसका जिक्र हुआ।

इसके बाद दिसंबर 2025 में पुतिन के भारत दौरे के दौरान भी दोनों नेता Toyota Fortuner में साथ बैठकर प्रधानमंत्री आवास तक गए। यह दृश्य भी कूटनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना।

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज: नई केमिस्ट्री
12 जनवरी 2026 को जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ भी पीएम मोदी की कार सवारी की तस्वीर सामने आई। दोनों नेता एक ही गाड़ी में बैठे दिखाई दिए। बताया गया कि इस दौरान पीएम मोदी ने कार में ही भारतीय संस्कृति और भारत-जर्मनी सहयोग पर विस्तार से चर्चा की। इसे डिप्लोमेसी में ‘पर्सनल टच’ का नया उदाहरण माना गया।

जॉर्डन और इथियोपिया: जब नेताओं ने खुद संभाली स्टीयरिंग
प्रधानमंत्री मोदी की कार डिप्लोमेसी यूरोप या रूस तक सीमित नहीं रही। जॉर्डन में क्राउन प्रिंस अल-हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय ने खुद कार चलाकर पीएम मोदी को जॉर्डन म्यूजियम तक पहुंचाया। दोनों नेताओं की यह तस्वीर व्यक्तिगत मैत्री और आपसी भरोसे का प्रतीक बनी।

इथियोपिया में भी ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जब नोबेल पुरस्कार विजेता प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने प्रोटोकॉल से हटकर खुद कार ड्राइव की और पीएम मोदी को होटल तक ले गए। यह पल भी सोशल मीडिया पर खूब साझा किया गया।

ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर: अनौपचारिक बातचीत
इसके बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ भी पीएम मोदी की कार में बैठी तस्वीरें सामने आईं। अनौपचारिक माहौल में हुई यह बातचीत ब्रेक्ज़िट के बाद भारत-यूके संबंधों के बदलते समीकरणों की झलक देती है।

कार डिप्लोमेसी सिर्फ साथ बैठने की तस्वीर नहीं है। यह संदेश है कि दो देशों के नेताओं के बीच इतना भरोसा है कि वे बिना किसी औपचारिक तामझाम के एक-दूसरे के साथ सहज हैं। प्रधानमंत्री मोदी की ये तस्वीरें बताती हैं कि आज भारत सिर्फ एक रणनीतिक साझेदार नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों के लिए भरोसेमंद दोस्त बन चुका है।

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