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मोदी सरकार के आठ साल : पीएम मोदी ने विदेशी नेताओं को खास गिफ्ट देकर जीता दिल, खुद को मिले गिफ्ट को जनसेवा में किया समर्पित

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केंद्र की सत्ता में आठ साल पूरे हो चुके हैं। इन आठ सालों में प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के देशों से भारत के संबंध प्रगाढ़ करने के लिए कई विदेश यात्राएं कीं और दुनिया के नेताओं को भारत बुलाया भी। प्रधानमंत्री मोदी जब भी विदेश दौरे पर गए या फिर कोई भी विदेशी मेहमान प्रधानमंत्री मोदी से मिलने पहुंचा तो उसे उन्होंने कुछ खास गिफ्ट दिया। इसी तरह प्रधानमंत्री मोदी को भी देश और विदेश में यात्रा के दौरान उपहार मिले। इन उपहारों ने जहां दो देशों के नेताओं के बीच आपसी प्रेम, स्नेह, सम्मान और विश्वास को बढ़ावा दिया, वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने खुद को मिले उपहारों को जन और देश सेवा में समर्पित कर दिया। 

क्वाड शिखर सम्मेलन में गिफ्ट की ‘शानदार सौगातें’
प्रधानमंत्री मोदी क्वाड नेताओं के एक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर 23 मई, 2022 को जापान पहुंचे थे। इस सम्मेलन का मकसद प्रभावशाली समूह के सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना एवं हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकास पर चर्चा करना था। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने क्वाड में शामिल अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को मथुरा के ठकुरानी घाट की थीम पर आधारित एक सांझी ‘पैनल’ भेंट किया। यह वास्तव में कागज को हाथ से तराशने की कला है।। प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज को मध्य प्रदेश से संबंधित गोंड कला की पेंटिंग भेंट की। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा को रोगन पेंटिंग के साथ लकड़ी का नक्काशीदार बक्सा उपहार दिया। ये उपहार भारत की समृद्ध विरासत और संस्कृति की झलक पेश करते हैं।

सांझी ‘पैनल’

गोंड कला की पेंटिंग

रोगन पेंटिंग

अमेरिकी दौरे पर पीएम मोदी के खास गिफ्ट
अमेरिकी दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, ऑस्ट्रेलिया और जापान के पीएम को खास उपहार भेंट कर उन लोगों का दिल जीत लिया। विशेष बात यह है कि इन सभी उपहारों का काशी से खास संबंध है।

स्पेशल गिफ्ट देखकर कमला हैरिस को आई दादा की याद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कमला हैरिस को उनके दिवंगत दादा पीवी गोपालन से संबंधित पुरानी अधिसूचनाओं से संबंधित लकड़ी के हस्तशिल्प के फ्रेम की कॉपी भेंट की। गौरतलब है कि, सरकारी अधिकारी के तौर पर पीवी गोपालन को ये फ्रेम सेवाकाल के दौरान सराहनीय कार्य के लिए दिया गया था। कमला हैरिस बचपन में ही अपने माता पिता के साथ भारत छोड़कर अमेरिका चलीं गई थीं। प्रधानमंत्री मोदी का उपहार पाकर अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को अपने दादा के साथ अपने बचपन की याद ताजा हो गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने कमला हैरिस को एक गुलाबी मीनाकारी शतरंज का सेट भी भेंट किया। ये शतरंज दुनिया के सबसे पुराने शहरों में से एक काशी के हस्त शिल्प कला से जुड़ा है। बता दें कि पीएम मोदी काशी से निर्वाचित सांसद भी हैं। इस शतरंज सेट पर हस्तशिल्प की कलाकारी की गई है। जबकि इसके चमकीले रंग काशी की जीवंतता को दर्शाते हैं।

ऑस्ट्रेलिया के पीएम को दिया गुलाबी मीनाकारी वाला चांदी का जहाज
इसके बाद पीएम मोदी ने एक मुलाकात के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन को एक चांदी का गुलाबी मीनाकारी जहाज उपहार में दिया, ये हस्तशिल्प काशी शहर की प्रगति को दर्शाता है।

जापान के प्रधानमंत्री को चंदन से बनी बुद्ध प्रतिमा भेंट की
पीएम मोदी ने जापान के प्रधान मंत्री योशीहिदे सुगा को चंदन की बुद्ध प्रतिमा भेंट की। पीएम ने कहा कि भारत और जापान को एक साथ लाने में बौद्ध धर्म बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। भगवान बुद्ध के विचार जापान की संस्कृति को दर्शाता है। जापान की अपनी पिछली यात्राओं के दौरान पीएम मोदी वहां बौद्ध मंदिरों का दौरा कर चुके हैं।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी जब कभी किसी विदेशी मेहमान या राष्ट्राध्यक्ष से मिलते हैं तो वह भारतीय परंपरा या संस्कृति से जुड़ा कोई न कोई गिफ्ट उन्हें जरूर देते हैं। इस गिफ्ट के जरिये प्रधानमंत्री मोदी किसी भी वैश्विक नेता के साथ एक सहज संबंध भी स्थापित कर लेते हैं।

आईये देखते हैं प्रधानमंत्री मोदी ने किन-किन लोगों को कौन सा गिफ्ट दिया –

 जापान के पीएम शिंजो आबे को उपहार

हाल ही में भारत आए जापान के पीएम ने भारत को बुलेट ट्रेन तोहफे मे दी है. वहीं, पीएम मोदी ने गांधी जी को याद करते हुए मार्बल का तीन बंदरों वाला स्टेच्यू जापान के पीएम शिंजो आबे को गिफ्ट किया है। जापान के पीएम शिंजो आबे को पिछली बार पीएम मोदी ने गीता और विवेकानंद की किताब की थी गिफ्ट।

 अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को गिफ्ट

इजराइल पहुंचने से पहले नरेन्द्र मोदी अमेरिका की यात्रा पर थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की। पीएम मोदी ने ट्रंप को अब्राहम लिंकन के निधन के बाद 1965 में जारी किया गया एक पोस्टल स्टाम्प उपहार में दी थी। इसके अलावा नरेन्द्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप को कश्मीर और हिमाचल में हाथ से बने शॉल गिफ्ट में दिए। तोहफों में सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने मिलेनिया ट्रंप के लिए कांगड़ा वैली के कारीगरों के बनाया सिल्वर रंग का ब्रेसलेट भी दिया।

 नवाज शरीफ की मां के लिए शॉल
प्रधानमंत्री पद के लिए हुए शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्‍तान के पीएम नवाज शरीफ को न सिर्फ भारत आने का न्‍योता दिया, बल्कि उन्‍हें उनकी मां के लिए एक शॉल भी भेंट की थी। अगले साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवाज शरीफ की पोती मेहरूनिसा को भारतीय ड्रेस गिप्ट में दी, जबकि शरीफ की पत्‍नी कलसूम के लिए वह शॉल लेकर गए थे।

 ओबामा को रोगन पेटिंग

साल 2014 में अपनी अमेरिका की यात्रा के दौरान नरेन्द्र मोदी ने तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा को एक नायाब तोहफा दिया था। उन्होंने ओबामा को 400 साल पुरानी रोगन कला से जुड़ी एक पेटिंग उपहार में दी थी।

चीनी प्रमुख शी जिनपिंग को दी थी बुद्ध की विरासत
आज बेशक भारत और चीन के बीच संबंध काफी तनावपूर्ण हों लेकिन जब चीनी प्रमुख शी जिनपिंग भारत आए थे तो प्रधानमंत्री मोदी ने एक खास उपहार दिया था। बौद्ध धर्म दोनों देशों के बीच एक मज़बूत कड़ी है इसलिए शी जिनपिंग को तीसरी-चौथी शताब्दी ई. के गौतम बौद्ध से जुड़ी चीज़ें और पत्थर की प्रतिमा दी थी।

प्रधानमंत्री मोदी के गिफ्ट से झूम उठीं फ्रांस की पहली महिला

हाल ही में भारत दौरे पर आए फ्रांसिसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पत्नी ब्रिगिटी मैक्रों को भी जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गिफ्ट दिया, तो उनके चेहरे की खुशी देखने लायक थी। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों और उनकी पत्नी को सबसे पहले वाराणसी में गंगा घाटों के दर्शन कराए और फिर हस्तशिल्प कला से परिचय करवाया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस की प्रथम महिला को गुलाबी मीनाकारी से तैयार खूबसूरत झुमके भेंट दिए। झुमके का आकर्षण बिग्रटी के चेहरे पर खुशी के रूप में देखने को मिली। म्यूजियम में लाइव डेमोंस्ट्रेशन के दौरान जरी जरदोजी के स्टॉल पर आए। महिला बुनकर लोहता की अफसाना और तरन्नुम ने फ्रांस का एबलम दिखाया, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष को भेंट किया। अफसाना से फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने हाथ भी मिलाया।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को यहूदियों से जुड़ी कलाकृति

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू को केरल से पुरावशेष के दो सेट की प्रतिकृतियां उपहार स्‍वरूप भेंट की, जिन्‍हें भारत में यहूदियों के लंबे इतिहास में प्रमुख कलाकृतियों के तौर पर जाना जाता है। इनमें तांबे के प्‍लेटों के दो अलग-अलग सेट शामिल हैं। समझा जाता है कि इन पर 9-10वीं शताब्‍दी सी. ई. में लिखा गया होगा।

अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप को दिया लिंकन की पुण्यतिथि पर जारी भारतीय डाक टिकट, शहद और चाय
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पीएम नरेन्द्र मोदी ने 1965 में भारत सरकार द्वारा जारी स्मारक डाक टिकट की मूल फोलियो भेंट दी। यह डाक टिकट अब्राहम लिंकन की पुण्यतिथि की शताब्दी दिवस पर जारी किया गया था। इसके अलावा मोदी ने ट्रंप को हाथ से बनी हिमाचली सिल्वर ब्रासलेट, कांगड़ा घाटी की चाय और शहद, हाथों से बुना जम्मू कश्मीर का शॉल उपहार में दिया।

सउदी के शाह को जुमा मस्जिद की रिप्लिका भेंट
सउदी अरब के दौरे पर गए तो पीएम मोदी ने सउदी के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सौद को केरल की चेरामन जुमा मस्जिद की सोने की रिप्लिका भेंट की। कहा जाता है कि केरल के थिरूस्सर जिले में बनी यह मस्जिद भारत की पहली मस्जिद है, जिसे मुहम्मद साहब के जीवन में ही बनवा दिया था।

ईरान के शीर्षस्थ नेता अयातुल्ला खुमौनी को दिया पवित्र कुरान की दुर्लभ पांडुलिपि
खुमौनी को पवित्र कुरान की 7वी सदी की एक दुर्लभ पांडुलिपि उपहार में दी। यह कुरान कुफिक लिपि में लिखी गई है। इस लिपि का श्रेय पैगंबर मोहम्मद साहब के दामाद हजरत अली को दिया जाता है। शिया बहुल देश होने के चलते ईरान में इसका विशेष महत्व है।

ईरान के राष्ट्रपति को रामायण का फारसी अनुवाद और मिर्जा गालिब की फारसी में लिखी शायरी का एक विशेष संग्रह
ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी को मिर्जा गालिब की फारसी में लिखी शायरी के विशेष रूप से तैयार किया गया संग्रह भेंट दिया। सबसे पहले 1863 में प्रकाशित कुलियात-ए-फारसी-ए-गालिब गालिब की 11 हजार से अधिक आयतों का संग्रह है। सुमेरचंद के रामायण के फारसी अनुवाद को भी उन्हें उपहार में दिया। 1715 में अनुदित यह रामायण की दुर्लभ पांडुलिपि है। इसमें 260 से अधिक रेखाचित्र है, जो संभवत किसी भी हस्तलिखित रामायण की पांडुलिपि में सर्वाधित संख्या है।

तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा को दिया महात्मा गांधी की लिखी गीता
2015 में अमेरिकी दौरे पर गए। तब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को महात्मा गांधी द्वारा लिखी गई गीता भेंट में दी थी। गीता की इस प्रति को विशेष रूप से खादी से कवर किया गया था। ओबामा के लिए यह उपहार दिल को छूने वाला था, क्योंकि बराम ओबामा महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानते हैं।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कैमरन को हस्तशिल्प की बेहतरीन कलाकृति
ब्रिटेन के दौरे पर गए तब वहां के तत्कालीन प्रधानमंत्री डेविड कैमरन को हस्तशिल्प की बेहतरीन कलाकृति बुकेन्ड्स भेंट की। इस बुकेन्ड्स को लकड़ी, मार्बल और सिल्वर से तैयार किया गया था। बुकेन्ड्स के मध्य भाग में चांदी की घंटी थी, जिस पर संस्कृत में गीता के श्लोक को इसके अंग्रेजी के अर्थ के साथ उकेरा गया था। बुकेन्ड्स को टेबल या आलमारी में पुस्तकों को सीधा रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

तत्कालीन फ्रांसिस राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद को पेंटिंग
पीएम मोदी फ्रांस गए तो वहां के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद को ‘ट्री ऑफ लाइफ’ पेंटिंग तोहफे में दी। यह भारत में प्रकृति के प्रति पारंपरिक सामाजिक सम्मान को प्रदर्शित करती है। इसमें भारतीय हस्तकरघा की विशेष छाप है। इसे ओडिशा के कलाकार भास्कर महापात्र ने रेशम पर तैयार किया। 

  • ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ से मिलने पीएम मोदी गए। उन्हें असम के मकईबारी क्षेत्र की अवार्डी चाय और जम्मू कश्मीर की आर्गेनिक शहद भेंट स्वरूप दिया।  
  • पीएम मोदी जब जापान गए तो उन्होंने जापान के पीएम शिंजो अबे को जापानी भाषा में लिखा गीता की विशेष प्रति भेंट की। इसके साथ ही उन्हें विवेकानंद से जुड़ी एक पुस्तक भी उपहार स्वरूप दिया गया।
  • संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बान की मून को चरखा पर सूत काटते महात्मा गांधी की बड़ी पेटिंग्स उन्हें भेंट की गई।
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को चाइनीज मेंडारिन भाषा में गीता उपहार में दिया।
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आस्ट्रेलियन प्रधानमंत्री टोनी अबोट को भगवत गीता के साथ-साथ योग पर आधारित पुस्तक भी भेंट की।                            

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अक्सर देश और विदेश का दौरा करते रहते हैं। इस दौरान लोग उपहार देकर अपना प्यार और सम्मान व्यक्त करते हैं। आइए देखते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी किस तरह इन उपहारों का लोक हित में इस्तेमाल करते हैं….

पीएम मोदी ने शुरू की उपहारों की नीलामी की परंपरा
प्रधानमंत्री मोदी किसी भी उपहार को अपने पास नहीं रखते। वह इन उपहारों को लोककल्याणकारी योजनाओं के लिए दान कर देते हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने उपहारों को नीलाम करने की परंपरा की शुरुआत गुजरात में मुख्यमंत्री रहने के दौरान की थी, जो अब भी जारी है। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें भेंट किए गए प्रतिष्ठित उपहारों और स्मृति चिन्हों की तीन बार नीलामी हो चुकी है। सबसे पहले प्रधानमंत्री के उपहारों को 2015 में गुजरात के सूरत में निलाम किया गया था और उस नीलामी से 8.55 करोड़ रुपये की राशि मिली थी। प्रधानमंत्री ने उस राशि को नमामी गंगे मिशन को दान कर दिया था। इसके बाद जनवरी 2019 में दूसरी बार और सितंबर 2021 में तीसरी बार नीलामी हुई। इस दौरान नीलामी से मिली राशि को प्रधानमंत्री मोदी ने नमामि गंगे मिशन को दान कर दिया।

तीसरे दौर में 1348 स्मृति चिन्हों की नीलामी
ई-नीलामी का तीसरा दौर 17 सितंबर को शुरू हुआ था और सात अक्टूबर, 2021 तक वेब पोर्टल www.pmmementos.gov.in के माध्यम से आयोजित किया गया। तीसरे दौर में ई-नीलामी के लिए कुल 1348 स्मृति चिन्ह रखे गए थे, जिसने जनता के बीच एक बड़ी रुचि पैदा की, जिन्होंने उत्साहपूर्वक इतिहास के एक मूल्यवान टुकड़े के मालिक होने का अवसर पाने के लिए बोली लगाई। ई-नीलामी के इस दौर की मुख्य वस्तुओं में पदक विजेता टोक्यो 2020 पैरालंपिक खेलों और टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों के खेल यादगार, अयोध्या राम मंदिर के मॉडल, वाराणसी का रुद्राक्ष सभागार और कई अन्य कीमती और दिलचस्प संग्रहणीय वस्तुएं शामिल रहे। इन वस्तुओं के लिए 8600 से अधिक बोलियां प्राप्त हुई थीं। ई-नीलामी में सबसे अधिक 140 बोलियां सरदार पटेल की मूर्ति के लिए मिली तो टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल विजेता नीरज चोपड़ा की ओर से पीएम मोदी को दी गई जैवलिन (भाला) के लिए सबसे अधिक 1.5 करोड़ रुपये की बोली लगी।

दान देने में पीएम मोदी ने पेश की मिसाल

  • सितंबर 2021 में 1348 उपहारों की ई-नीलामी से मिली राशि को ‘नमामि गंगे’ मिशन को दान किया।
  • सितंबर 2020 में पीएम केयर्स फंड के लिए 2.25 लाख रुपये का दान किया।
  • 2019 में कुंभ मेले में स्वच्छता कर्मचारियों के कल्याण के लिए 21 लाख रुपये दान किया।
  • 2019 में सोल पीस प्राइज़ के साथ मिली 1.3 करोड़ की राशि को ‘नमामि गंगे’ मिशन को दान किया।
  • जनवरी 2019 में स्मृति चिन्हों की नीलामी से मिले 3.40 करोड़ रुपये ‘नमामि गंगे’ मिशन को दान किया।
  • 2015 में सूरत में उपहारों की नीलामी से मिले 8.35 करोड़ रुपये ‘नमामि गंगे’ मिशन को दान किया।
  • 2014 में पीएम पद संभालने से पहले गुजरात सरकार के कर्मचारियों की बेटियों की पढ़ाई के लिए 21 लाख रुपये का दान किया।
  • गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान मिले सभी उपहारों की नीलामी से मिले 89.96 करोड़ रुपये को कन्या केलावनी फंड में दे दिया।

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