Home समाचार प्रणब दा ने एक पिता की तरह रास्ता दिखाया- पीएम मोदी

प्रणब दा ने एक पिता की तरह रास्ता दिखाया- पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मेरे लिए एक पिता की तरह रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए सौभाग्य रहा कि दिल्ली में मुझे प्रणब दा से बहुत कुछ सीखने का मौका मिला और उनकी उंगली पकड़ कर दिल्ली की जिंदगी में स्वयं को सेट करने की सुविधा मिली। प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात राष्ट्रपति भवन में तस्वीरों पर आधारित ‘प्रेसिडेंट प्रणब मुखर्जी: अ स्टेट्समेंट’ किताब के लोकार्पण समारोह में कही।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि हम इतिहास के प्रति सजग नहीं रहे। उन्होंने कहा कि, ‘हम सामान्य मानव को राष्ट्रपति के रूप में सिर्फ प्रोटोकॉल दिखता है… राष्ट्रगान हो रहा है…कई कद्दावर लोग चल रहे हैं… लेकिन इन व्यवस्थाओं के बीच में एक जिंदादिल इंसान है, वह तब पता चलता है, जब किसी फोटो जर्नलिस्ट के कैमरा में क्लिक होता है और उसे हम एक किताब के रूप में देखते हैं।’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, ‘जब महात्मा गांधी थे, तब शायद इतने कैमरा नहीं थे, लेकिन गांधी की दो तस्वीरें हैं। एक में वे झाड़ू लेकर सफाई कर रहे हैं और दूसरी में माइक्रोस्कोप से तारे देख रहे हैं। इनसे गांधीजी के व्यक्तित्व को समझने में मदद मिलती है।’ उन्होंने कहा कि, ‘एक जमाना था जब ऑटोग्राफ और फोटोग्राफ का चलन था, लेकिन अब दोनों का मिला-जुला स्वरूप सेल्फी आ गई है।’

पीएम मोदी ने कहा कि आपातकाल के दौरान उन्हें कई अन्य विचारधारा के लोगों के साथ काम करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि, ‘आपातकाल में मैं राजनीति में नही था लेकिन सामाजिक जीवन में जुड़ा हुआ था। इस दौरान विभिन्न विचारधारा के लोगों से मिलने और उनको समझने का मौका मिला। यह मेरे लिए सौभाग्य रहा कि दिल्ली में मुझे प्रणब दा से बहुत कुछ सीखने का मौका मिला।’

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति के साथ अपने आपसी रिश्ते के अनुभव को भी सांझा किया। उस दौरान वह भावुक भी हुए। उन्होंने कहा कि प्रणब दा कहते थे, ‘देखो मोदी जी कुछ कार्यक्रम कम करो। तुम अपनी तबीयत को संभालो। तब यूपी में चुनाव के दिन थे। कहते कि भाई जीत और हार तो चलती रहेगी, लेकिन कुछ शरीर की ओर भी देखोगे की नहीं?। यह राष्ट्रपति के दायित्व का हिस्सा नहीं था लेकिन उनके भीतर का एक इंसान, एक बहुत बड़ा प्रेरणा देने वाला था।’

वहीं प्रणब मुखर्जी ने प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि, ‘निश्चित तौर पर हमारे विचारों में भिन्नता है, लेकिन इसने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के संबंधों को प्रभावित नहीं किया।’ उन्होंने कहा कि, ‘मैं इस अवसर पर प्रधानमंत्री को अपनी गहरी आभार और प्रशंसा व्यक्त करता हूं। हमने करीबी सहयोग की तरह काम किया है’।

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