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दलितों, महिलाओं और पिछड़ों को मंत्री नहीं देखना चाहता विपक्ष- लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी

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मॉनसून सत्र के पहले दिन आज, 19 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब लोकसभा में अपने नए मंत्रियों का परिचय करा रहे थे, तो विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को दलितों, महिलाओं और पिछड़ों का मंत्री बनना रास नहीं आता है। इसलिए वे उनका परिचय नहीं कराने दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं सोच रहा था कि आज सदन में एक उत्साह का वातावरण होगा क्योंकि बहुत बड़ी मात्रा में हमारी महिला सांसद मंत्री बनी हैं। आज मुझे खुशी होती कि बहुत बड़ी मात्रा में हमारे दलित भाई मंत्री बने हैं। खुशी होती आज हमारे आदिवासी शिड्यूल ट्राइब्स के सारे साथी बहुत बड़ी मात्रा में मंत्री बने हैं, सबको खुशी होती। इस बार सदन में हमारे साथी सांसद जो किसान परिवार से हैं, ग्रामीण परिवेश के हैं, सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग से हैं, ओबीसी समाज से हैं, बहुत बड़ी मात्रा में उनको मंत्रिपरिपषद में मौका मिला, उनका परिचय करने का आनन्द होता, हर बेंच पर से, बेंच को थपथपा करके उनका गौरव किया गया होता। लेकिन शायद देश के दलित मंत्री बने, देश की महिला मंत्री बने, देश के ओबीसी मंत्री बने, देश के किसानों के बेटे मंत्री बने, ये बात कुछ लोगों को रास नहीं आती है और इसलिए उनका परिचय तक नहीं होने देते हैं। और इसलिए माननीय अध्यक्ष जी, मंत्रिमंडल में नवनियुक्त सदस्यों को लोकसभा में इंट्रोड्यूस्ड समझा जाए।’

देखिए वीडियो-

विपक्ष के हंगामे पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नाराजगी जताई और कहा कि यह परंपरा ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि नए मंत्रियों को सदन में इंट्रोड्यूस्ड माना जाए।

इसके पहले संसद भवन परिसर में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने अपनी बांह में कोरोना का टीका लगवाया है वह बाहुबली बन गए हैं। बारिश के बीच खुद छाता लेकर संसद पहुंचे श्री मोदी ने कहा कि हम सभी सांसदों और दलों से अपील करते हैं कि वे कठिन से कठिन सवाल पूछें। लेकिन सरकार को भी जवाब देने का मौका दें। इससे लोकतंत्र मजबूत होगा और लोगों का विश्वास कायम होगा।

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