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पीएम मोदी ने केदारनाथ धाम को दी 400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात, जानिए बीते 8 साल में कितना बदला भोले शंकर का धाम

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्र ऋषि के रूप में देश और उसकी संस्कृति को समृद्ध बनाने के लिए भगीरथ प्रयास कर रहे हैं। इसका नतीजा है कि उनके शासनकाल में अतीत का गौरव फिर से लौट रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की शिव भक्ति किसी से छिपी नहीं है। उनकी शिव पर आस्था काशी से लेकर केदारनाथ तक शिव धामों के कायाकल्प में भी नजर आती है। प्रधानमंत्री बनने के बाद अब तक पांच बार केदारनाथ धाम की यात्रा कर चुके हैं। इस बार दीवापली के ठीक एक दिन बाद प्रधानमंत्री मोदी केदारधाम पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बाबा की पूजा-अर्चना व जलाभिषेक किया। इसके बाद आदि शंकराचार्य जी की समाधि का लोकार्पण किया। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने करीब चार सौ करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनमें सरस्वती और मंदाकिनी रिटेनिंग वॉल, आस्था पथ, घाट, तीर्थ पुरोहितों के घरों और मंदाकिनी नदी पर गरुड़ चट्टी पुल शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि चारधाम सड़क परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है और चारों धाम हाईवे से जुड़ रहे हैं। भविष्य में यहां केदारनाथ तक श्रद्धालु केबल कार के जरिए आ सकें, इससे जुड़ी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। हेमकुंड साहिब जी के दर्शन आसान हों, इसके लिए वहां भी रोप-वे बनाने की तैयारी है। गौरतलब है कि करीब 8 साल पहले एक भयानक त्रासदी आई थी, जिसने केदारनाथ धाम को पूरी तरह तबाह कर दिया था। लेकिन शिव भक्ति से मिली प्रधानमंत्री मोदी की संकल्प शक्ति ने केदारनाथ धाम को पूरी तरह से बदल दिया है। अब केदारनाथ मंदिर, श्रद्धालु और वहां रहने वाले सेवादारों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हो चुके हैं। आपदा से पहले के मुकाबले यहां पर यात्रियों को बेहत्तर सुविधाएं मिल रही हैं। इससे अब केदारनाथ में रिकॉर्ड संख्या में यात्री आ रहे हैं। पहली बार वर्ष 2019 में दस लाख से अधिक यात्री दर्शन के लिए आए थे। विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद कम समय में पुनर्निर्माण कार्यों को पूरा करना प्रधानमंत्री मोदी की लगातार मॉनिटरिंग के कारण संभव हुआ है।

पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ने बदली केदारधाम की तस्वीर

  • मंदिर के ठीक पीछे थ्री लियर सुरक्षा दीवार का निर्माण हुआ है।
  • मंदिर से आधा किमी दूर तक पैदल मार्ग 50 फिट चौड़ा हुआ है।
  • अब आधा किमी दूर से तीर्थ यात्रियों को मंदिर दिखाई दे रहा है।
  • मंदिर के आगे एवं पीछे के परिसर को काफी चौड़ा किया गया है।
  • परिसर चौड़ा होने से हजारों यात्री परिसर में ही ठहर सकते हैं।
  • मंदाकिनी व सरस्वती नदी पर आस्था पथ, घाट, चबूतरे बने हैं।
  • 7 हजार यात्रियों के रहने के लिए काटेज का निर्माण हुआ है।
  • न सिर्फ हेलीपैड बने हैं, बल्कि सड़कें भी व्यवस्थित की गई हैं।
  • भीमबली से केदारनाथ तक 10 किमी नया रास्ता बनाया गया है।
  • छोटी लिनचोली, लिनचोली, रुद्रा प्वांइट में कई छोटे बाजार बने हैं।
  • केदारनाथ मंदिर के पीछे ब्रह्मवाटिका का निर्माण किया गया है।

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