Home समाचार रोजगार मेला: 61,000 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र, प्रधानमंत्री ने कहा- यह...

रोजगार मेला: 61,000 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र, प्रधानमंत्री ने कहा- यह विकसित भारत का इनविटेशन लेटर है

SHARE

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज, 24 जनवरी, 2026 को 18वें रोजगार मेले के माध्यम से देश के 61,000 से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं के नियुक्ति पत्र वितरित किए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि साल 2026 की यह शुरुआत उनके जीवन में खुशियों का नया वसंत लेकर आई है। उन्होंने इन नियुक्ति पत्रों को केवल नौकरी का दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प से जुड़ने का एक निमंत्रण पत्र बताया।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आज के दिन के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने याद दिलाया कि आज ही के दिन हमारे संविधान ने ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगीत के रूप में अपनाया था। गणतंत्र दिवस के उत्सव और पराक्रम दिवस के माहौल के बीच युवाओं को यह जिम्मेदारी मिलना देश के लोकतांत्रिक ढांचे को और मजबूती प्रदान करता है। पीएम ने कहा कि ये युवा अब देश की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर भारत की प्रगति को नई गति देंगे।

देश की आर्थिक स्थिति पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। पिछले एक दशक में भारत ने अपनी जीडीपी को दोगुना किया है और दुनिया के 100 से ज्यादा देश यहां निवेश कर रहे हैं। 2014 की तुलना में देश में ढाई गुना अधिक विदेशी निवेश आया है, जिसका सीधा सकारात्मक असर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के रूप में दिख रहा है। साथ ही, उन्होंने स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल इंडिया की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत एनिमेशन और क्रिएटर इकॉनमी का ग्लोबल हब बन रहा है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई क्रांति पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में एक बड़ी ताकत बन चुका है। पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में छह गुना वृद्धि हुई है और यह उद्योग 11 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक का हो चुका है। टू-व्हीलर की बिक्री में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि आम आदमी की आय और खर्च करने की क्षमता बढ़ी है, जिसका श्रेय टैक्स में सुधार और सरकार की बेहतर आर्थिक नीतियों को जाता है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण की एक सुखद तस्वीर भी पेश की। उन्होंने बताया कि आज नियुक्त होने वालों में 8,000 से अधिक बेटियां शामिल हैं। पिछले 11 वर्षों में वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी करीब दोगुनी हो गई है और स्वरोजगार के क्षेत्र में भी उनकी संख्या में 15 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना और स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं ने देश की बेटियों को न केवल स्वावलंबी बनाया है, बल्कि वे अब बड़े संस्थानों में नेतृत्व की भूमिका भी निभा रही हैं।

अंत में प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों को सेवा और सुधार का एक महत्वपूर्ण मंत्र दिया। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अतीत में सरकारी दफ्तरों में हुई अपनी परेशानियों को याद रखें और यह सुनिश्चित करें कि अब उनके पद पर रहते हुए किसी भी नागरिक को वैसी समस्या न झेलनी पड़े। उन्होंने ‘नागरिक देवो भव’ के मूल मंत्र के साथ काम करने की सलाह दी और कहा कि ‘iGOT कर्मयोगी’ जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से उन्हें खुद को लगातार अपडेट करते रहना चाहिए, क्योंकि इन्ही युवाओं के दम पर 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा।

Leave a Reply