Home नरेंद्र मोदी विशेष प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा अटकाने-लटकाने-भटकाने की संस्कृति नुकसानदेह

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा अटकाने-लटकाने-भटकाने की संस्कृति नुकसानदेह

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को 83 किलोमीटर लंबे कुंडली-मानेसर-पलवल वेस्टर्न एक्सप्रेस-वे के कुंडली-मानेसर भाग और बल्लभगढ़ मेट्रो लिंक का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने दोनों योजनाओं को दिल्ली और हरियाणा में यातायात के क्षेत्र में एक ‘क्रांति’ बताया। इस एक्सप्रेस के शुभारंभ से हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली के सड़कों से वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। अब गाड़ियां बिना दिल्ली की सीमा में प्रवेश किए दूसरे राज्यों में प्रवेश कर पाएंगी। इस मार्ग से कुंडली से पलवल जाने में सिर्फ डेढ़ घंटे का समय लगेगा। इस एक्सप्रेस के पहले भाग का शुभारंभ दो साल पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ही किया था। 500 करोड़ रुपये की लागत से बल्लभगढ़-मुजेसर मेट्रो लाइन के शुभारंभ से हरियाणा में मेट्रो का जाल और बड़ा हो गया। प्रधानमंत्री ने सभी योजनाओं का रिमोट के जरिए उद्घाटन और शिलान्यास किया।

एक्सप्रेस-वे और मेट्रो रेल की दोनों योजनाओं का उद्घाटन करने के साथ ही पीएम मोदी ने पलवल में स्थापित होने वाले विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की आधारशिला भी रखी। 960 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस विश्वविद्यालय को उन्होंने कौशल विकास और स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया के अभियान में काफी महत्वपूर्ण बताया। पीएम मोदी ने कहा, “इस विश्वविद्यालय से युवाओं को नई ताकत मिलेगी। परंपरागत नौकरी के अवसरों से इतर युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में यह विश्वविद्यालय अहम योगदान देगा। यह विश्वविद्यालय ‘मेक इन इंडिया’ की चमक बढ़ाएगा।”

इस मौके पर पीएम मोदी ने कांग्रेस की अटकाने, लटकाने और भटकाने की संस्कृति को एक बार फिर आड़े हाथों लिया। गौरतलब है कि वर्ष 2006 में शुरू हुई एक्सप्रेस-वे की योजना को 2009 में ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इसे पूरा होने में 12 साल लग गए। पीएम मोदी ने बीजेपी और विपक्ष की कार्य संस्कृतियों की तुलना करते हुए कहा कि यह एक्सप्रेस-वे हमारे सामने दो तस्वीर पेश करता है। एक है, बीजेपी के काम करने का तरीका और दूसरा है अटकाने-लटकाने-भटकाने की कार्य संस्कृति। बीजेपी की कार्यसंस्कृति में इच्छाशक्ति और संकल्पशक्ति की झलक मिलती है। काम को लटकाने की संस्कृति ने हरियाणा का कितना नुकसान किया, इसे समझा जा सकता है।

दरअसल, इस एक्सप्रेस-वे को दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम के समय ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। कॉमनवेल्थ गेम के समय इस हाइवे का प्रयोग किया जाना था। समय पर काम पूरा नहीं होने के कारण एक्सप्रेस-वे के निर्माण में 1,200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से करीब तीन गुना ज्यादा खर्च करने पड़े। यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली पर ट्रैफिक के भार को भी कम करेगा। साथ ही, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण के स्तर को भी नीचे लाने में योगदान देगा। पीएम मोदी ने इस एक्सप्रेस-वे को ‘इकॉनोमी, एनवायरनमेंट, इज ऑफ लीविंग और इज ऑफ ट्रेवलिंग’ में गति लाने वाला बताया। इसके साथ ही, दिल्ली के चारों ओर अब करीब 270 किलोमीटर लंबी सड़क का नेटवर्क पूरा हो गया है। दूसरी ओर, वल्लभगढ़-मुजेसर मेट्रो रेल के शुभारंभ होने से दिल्ली जाने-आने में सुविधा होगी, समय और धन की बचत भी होगी।

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार की कई योजनाओं का उल्लेख किया। सड़क और रेल के विकास में सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ और ‘बेची बचाओ बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं से हरियाणा को हुए लाभ की चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की विकास करने की गति को रेखांकित करते हुए कहा कि पहले की सरकार एक दिन में 12 किलोमीटर सड़क बनाती थी, जबकि आज की केंद्र सरकार एक दिन में 27 किलोमीटर सड़क का निर्माण करती है। भारतमाला प्रोजेक्ट के अंतर्गत 35,000 किलोमीटर सड़क बनाने पर काम चल रहा है। देश में रेल कनेक्टिविटी पर भी तेजी से काम चल रहा है। बिना इंजन वाली अत्याधुनिक ट्रेन भी जल्द ही पटरी पर उतरेगी। प्रधानमंत्री ने उड़ान योजना की चर्चा करते हुए कहा कि अब हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज पर उड़ रहा है।

देश के हर पंचायत को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकार ने 4 साल में सिर्फ 59 पंचायतों को ही ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा था, वहीं हमारी सरकार ने 4 साल में एक लाख पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ दिया है।

लघु उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अब उद्यमियों को एक करोड़ तक का लोन सिर्फ 59 मिनट में मिल रहा है। बैंकों और कानून की प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया है। बिना बैंक गारंटी कर्ज दिया जा रहा है, कर्ज लेने वालों में 70 फीसदी महिलाएं हैं।

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