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‘किसान आंदोलन’ के बीच पाकिस्तान की साजिश, भारत में हथियार और विस्फोटक भेजने के लिए चीन से खरीदे ड्रोन्स

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भारतीय सेना ने सीमा पर चीन को मुंहतोड़ जवाब दिया है। मोदी सरकार के कड़े तेवर और सेना की तैयारी देख चीन के होश उड़े हुए हैं। अब चीन ने सीधे सीमा पर भिड़ने की जगह पाकिस्तान की तरह छद्म युद्ध की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। भारत में चल रहे किसान आंदोलन में भी चीन अपनी संभावनाएं देख रहा है। खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक चीन, पाकिस्तान को अत्याधुनिक ड्रोन मुहैया करा रहा है, ताकि पंजाब सीमा के रास्ते हथियार और विस्फोटक भेज सके और भारत में अव्यवस्था फैलाकर मोदी सरकार का ध्यान सीमा से हटा सके।

ख़ुफ़िया रिपोर्ट्स में सबसे बड़ा खुलासा ये हुआ है कि ‘किसान आंदोलन’ का फायदा उठाकर पाकिस्तान और चीन मिलकर खालिस्तान समर्थकों को फिर से सक्रिय कर रहे हैं। दोनों देश राज्य में दहशतगर्दी को दोबारा जिंदा करने के लिए तमाम तरह की साजिश रच रहे हैं। ‘किसान आंदोलन’ में जिस तरह से भारतीय प्रतीक चिह्नों का अपमान हुआ है और इस्लामी सक्रियता देखी गई है, उससे भी इस ख़ुफ़िया सूचना को बल मिलता है।

पहले आतंकवादी संगठन और आईएसआई ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के लिए छोटे ड्रोन्स के इस्तेमाल कर रहे थे। लेकिन LOC पर भारी बर्फ़बारी की वजह से आतंकी सीमा पार नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में आतंकी संगठनों ने पंजाब सीमा पर अपग्रेडेड ड्रोन्स का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है, जो अधिक मात्रा में हथियार और विस्फोटक सीमा के पार भेजने में सक्षम हैं।

केवल पंजाब में अगस्त 12, 2019 से लेकर अब तक 4 चाइनीज ड्रोन्स जब्त किए जा चुके हैं। न सिर्फ इन चाइनीज कमर्शियल ड्रोन्स से सामान पहुंचाए जा सकते हैं, बल्कि अलर्ट में ये भी कहा गया है कि इनका इस्तेमाल कर सीमा पर तैनात भारतीय जवानों पर गोलीबारी भी हो सकती है। सीमा पर नजदीकी लक्ष्यों को निशाना बना कर हमले की भी आशंका है, जिसके बाद इस सम्बन्ध में सतर्कता बरती जा रही है।

खबरों के मुताबिक पाकिस्तान की फ़ौज अब आतंकियों को ड्रोन्स का इस्तेमाल कर के बम बरसाने की ट्रेनिंग दे रही है, ताकि जम्मू कश्मीर के हिस्सों को निशाना बनाया जा सके। ISIS सालों से इराक और सीरिया में क्वाडकॉप्टर ड्रोन्स की मदद से बमबारी कर के इस फॉर्मूले को आजमाता रहा है। ISIS ने इसी तरह से ‘Killer Bees’ के जरिए कई देशों में तबाही मचाई है और उसके ड्रोन्स को रोकने के लिए अमेरिका और कई ड्रोन बनाने वाली कंपनियों को नई तकनीकों पर काम करना पड़ा। भारत भी एंटी-ड्रोन्स टेक्नोलॉजी को मजबूत करने में जुटा है। 

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के नागरोटा में एनकाउंटर में मार गिराए गए आतंकवादियों का चीन कनेक्शन सामने आया था। आतंकियों के पास से 11 AK-47 राइफल, ग्रेनेड, पिस्टल, RDX सहित भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए। हथियारों पर चाइनीज मार्किंग मिली। इन हथियारों पर ‘मेड इन चाइना’ भी लिखा हुआ था। इसे भारत में अशांति फैलाने के मकसद में पाकिस्तान और चीन का गठजोड़ के तौर पर देखा जा रहा है।

 

 

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