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सर्वे: देश के 73% से अधिक लोग मोदी सरकार के कृषि सुधार कानूनों के पक्ष में!

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विपक्षी दलों के बहकावे पर किसानों के कुछ संगठन मोदी सरकार के नए कृषि सुधार कानूनों का विरोध कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि देश के करोड़ों किसान ही नहीं, बल्कि अधिकांश नागरिक भी सरकार के कृषि कानूनों के पक्ष में हैं। न्यूज 18 नेटवर्क की तरफ से कराए गए देशव्यापी सर्वे में यह तथ्य सामने आया है कि देश के लोग आंदोलनकारी किसानों के पक्ष में नहीं हैं, बल्कि मोदी सरकार के कदमों के साथ खड़े हैं।

सर्वे के नतीजों के मुताबिक करीब 70 फीसदी लोग नए कृषि कानूनों के समर्थन में हैं और इनका मानना है कि इससे किसानों का फायदा होगा। जबकि 54 प्रतिशत लोगों का मानना है कि किसानों का आंदोलन राजनीति से प्रेरित है। न्यूज 18 नेटवर्क ने इस सर्वें में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक यानि देश के लगभग हर कोने से लोगों की राय जानने की कोशिश की गई है। इसके तहत देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लोगों से सवाल पूछे गए। इसके तहत नए कानूनों को लेकर लोगों की राय जानने की कोशिश की गई। इस सर्वे के तहत लोगों से कृषि कानून को लेकर कुल 12 सवाल पूछे गए।

ज्यादातर लोगों का कहना है कि ये कानून देश और किसानों के हक में है और इससे आने वाले दिनों में किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। साथ ही लोग ये भी चाहते हैं कि दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसानों का यह आंदोलन तुरंत खत्म होना चाहिए।

सर्वेक्षण में पूछे गए सवालों पर लोगों की राय-

* 73.05% भारतीय कृषि में सुधार और आधुनिकीकरण का समर्थन करते हैं।

*69.65% लोगों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है कि अब किसानों को APMC मंडी के बाहर अपने अनाज बेचने का विकल्प होगा।

*56.59% लोगों का मानना है कि इस आंदोलन को खत्म किया जाए।

*53.6% लोग नए कृषि कानूनों के समर्थन में हैं. 30.6% लोग इस कानून के समर्थन में नहीं हैं। जबकि 15.8% इसको लेकर कुछ कहने की हालत में नहीं हैं।

*48.71% लोगों का मानना है कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का ये आंदोलन राजनीति से प्रेरित है।

*52.69% लोगों का मानना है कि प्रदर्शनकारी किसानों को कृषि सुधार कानूनों को रद्द करने पर जोर नहीं देना चाहिए और समझौता करना चाहिए।

*60.90% का मानना है कि नए कृषि सुधार कानूनों के तहत किसानों को बेहतर कीमत मिल सकती है।

*53.94% लोग सरकार के लिखित आश्वासन की पेशकश का समर्थन करते हैं कि एमएसपी जारी रहेगा।

*66.71% इस बात से सहमत नहीं हैं कि लोग केंद्र सरकार के पराली जलाने के बैन करने वाले अध्यादेश को वापस लेने की मांग करें।

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