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हिन्दू धर्म के इन फर्जी साधु संतों को पहचानिए, जो हिन्दुओं में विवाद पैदा करते हैं…

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द्वारिकापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती ने अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन के लिए 5 अगस्त को अशुभ बताया है। स्वरुपानंद सरस्वती की तरह कई साधु संत ऐसे हैं जो सनातन के नाम पर बड़े-बड़े पद पर हैं, लेकिन वे हिंदू धर्म में ही विवाद पैदा करते रहे हैं। आइए ऐसे साधुओं के बारे में जानते हैं, जो धर्म की आड़ में सियासत का खेल खेलते हैं।  
स्वरूपानंद सरस्वती
1. तमाम साधु-संतों ने विचार करके राम मंदिर भूमि पूजन के लिए जिस पांच अगस्त को शुभ घड़ी बताया उसे स्वरूपानंद सरस्वती ने अशुभ बता दिया। बाद में जब साधु संतों ने शास्त्रार्थ की चुनौती दी तो वे भाग खड़े हुए।
2. कांग्रेस की भाषा बोलने स्वरूपानंद सरस्वती वही शंकराचार्य हैं जो मिशनरियों से जाकर आशीर्वाद लेते हैं।
3. स्वरूपानंद सरस्वती एक संत की तरह नहीं, बल्कि कांग्रेस नेता की तरह बर्ताव करते हैं।
4. स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती इससे पहले अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाखुशी जाहिर कर चुके हैं।
5. शंकाराचार्य साईं भक्तों को राम का नाम नहीं लेने की बात करके भी विवाद में आ चुके हैं। उन्होंने कहा था कि साईं भक्तों को भगवान राम की पूजा, गंगा में स्नान और हर-हर महादेव का जाप नहीं करना चाहिए।
 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
1. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती विवादित शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य हैं।
2. स्वामी स्वरूपानंद की तरह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भी 5 अगस्त को अशुभ बता चुके हैं।
3. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद चाहते हैं कि मंदिर निर्माण का काम उनके जिम्मे किया जाए।
4. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भी कांग्रेसी कार्यकर्ता की तरह पेश आते हैं और वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम का विरोध कर चुके हैं।
5. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आरोप लगाते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी का मंदिर निर्माण का कोई इरादा नहीं है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम
1. उत्तर प्रदेश के संभल जिले के कल्कि धाम के महंत आचार्य प्रमोद कृष्णम लखनऊ से कांग्रेस टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं।
2. चुनाव के समय प्रमोद कृष्णम धर्म विशेष के कार्यक्रमों में नारे लगाते हुए कहता था कि ‘नहीं है जो मुहम्मद का, हमारा हो नहीं सकता’।
3. चिलमबाज पीठाधीश्वर के नाम से मशहूर आचार्य प्रमोद कृष्णम आजकल प्रियंका गांधी वाड्रा को राजनीति में प्रमोट करने का काम कर रहे हैं।
4. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने 2018 में प्रमोद कृष्णम को फर्जी संतों की सूची में डाल दिया था।
5. प्रमोद कृष्णम ने एक विवादित बयान में प्रधानमंत्री मोदी की तुलना आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन से की थी।

महामंडलेश्वर स्वामी मार्तंड पुरी
1. विश्व हिंदू परिषद ने जिस धर्म संसद की शुरुआत की, महानिर्वाणी अखाड़े से जुड़े महामंडलेश्वर स्वामी मार्तंड पुरी ने उसका ही बहिष्कार कर दिया।
2. संघ परिवार जो पूरी तरह से हिंदुओं के लिए समर्पित है, स्वामी मार्तंड पुरी उसके काम से ही नाराजगी जाहिर करते रहते हैं।
3. स्वामी मार्तंड पुरी ने विश्व हिंदू परिषद पर अनर्गल आरोप लगाकर कहा कि यह बीजेपी के लिए काम करती है। सवाल यह उठता है कि बीजेपी कोई हिंदुओं की दुश्मन पार्टी है क्या?
4. स्वामी मार्तंड पुरी का मूल नाम माधवकांत मिश्र है और राष्ट्रीय सहारा सहित कई अखबारों में संपादन का कार्य कर चुके हैं। कात्यायनी चैनल लॉन्च के समय विवादों में आए थे।
5. इनके कारण कई पत्रकारों को चैनल से बाहर होना पड़ा था।

कंप्यूटर बाबा
1. इंदौर के दिगंबर अखाड़े से ताल्लुक रखने वाले कंप्यूटर बाबा हमेशा सत्ता के करीब रहना चाहते हैं।
2. कांग्रेस के करीबी कंप्यूटर बाबा ने पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ प्रचार किया।
3. फरवरी 2019 में पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर हुए एयर स्ट्राइक पर कांग्रेस की तरह सवाल खड़े किए।
4. लोकसभा चुनाव के दौरान कंप्यूटर बाबा ने दिग्विजय सिंह के लिए हठयोग और हवन किया था।
5. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश में लगे कंप्यूटर बाबा ने एलान किया था कि अगर चुनाव में नरेन्द्र मोदी जीते तो समाधि ले लूंगा।

 

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