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पंजाब में केजरीवाल की गारंटी- तीन महीने के अंदर नशा खत्म कर देंगे, 6 महीने हो गए, गारंटी की हवा निकल गई, शराब सस्ती हो गई!

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दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि आप की सरकार पंजाब में बनने पर पंजाब को तीन महीने में नशा मुक्त कर देंगे। केजरीवाल ने कहा था कि कभी पंजाब के नौजवानों का पूरी दुनिया में डंका बोलता था लेकिन पंजाब के घर-घर में नशा पहुंच गया और नौजवानों को इससे बहुत नुकसान पहुंचा है। केजरीवाल ने कहा था कि कुछ बच्चे कनाडा चले गए और बाकी जवानी नशे में डूबी हुई है। गांव-गांव के अंदर खुलेआम नशा बिक रहा है। पिछली बार जब कांग्रेस की सरकार आई थी, तब उन्होंने कहा था कि हम नशा बंद करेंगे। लेकिन कोई नशा बंद नहीं हुआ और आज भी नशा उसी तरह बिक रहा है। क्योंकि इन सबकी सांठगांठ हैं। सारी पार्टियों की और नशा बेचने वाले सारे गिरोह की आपस में सांठगांठ हैं। हम इस पूरे सिंडिकेट को खत्म करेंगे। नशा बेचने वाले पूरे गिरोह को खत्म करेंगे। नशा माफिया को खत्म करेंगे और नशे से अपने बच्चों को बाहर निकाल कर पंजाब को नशा मुक्त करेंगे। लेकिन तीन महीने में ड्रग्स का नशा खत्म करने का उनका वादा खोखला ही साबित हुआ और अब छह महीने हो गए हैं उल्टे नशा बढ़ ही गया है। दूसरी तरफ शराब सस्ती कर दी गई है।

नशा खत्म करने की गारंटी करने वाले केजरीवाल ने दिल्ली की तरह पंजाब में भी आबकारी नीति (Liquor Policy) में कुछ बदलाव किए गए हैं, जिसके बाद शराब करीब 40 प्रतिशत सस्ती हो गई। पंजाब की नई सरकार ने अपनी पहली आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, जिसमें कई नियमों में बदलाव किया गया है। इन नियमों के बदलाव के बाद अब शराब की रेट के साथ ही कंपनियों के प्रोडक्शन को लेकर कुछ बदलाव होने वाले है। साल 2022-23 की नई आबकारी नीति को मंजूरी मिलने के बाद बताया जा रहा है कि शराब की कीमतें करीब आधी हो गई हैं।

नशे की गिरफ्त में फंसे पंजाब के युवा करीब एक दिन में ड्रग्स पर करीब 17 करोड़ रुपए खर्च करते हैं। यानी युवा एक महीने में करीब 6500 करोड़ रुपए ड्रग्स पर लुटा रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पंजाब में नशे के व्यापार का आकार कितना बड़ा होगा। भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब में ड्रग्स का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 2,32,856 है। सर्वेक्षण में दावा किया गया है कि सर्वाधिक 53 फीसदी (123413) लोग हेरोइन और चिट्टे का नशा करते हैं। हेरोइन और चिट्टे का नशा करने के लिए औसतन एक युवक को 1400 रुपए प्रतिदिन की आवश्यकता पड़ती है। इस हिसाब से पंजाब में नशे की गिरफ्त में फंसे युवक एक दिन में करीब 17 करोड़ रुपए चिट्टे और हेरोइन पर खर्च करते हैं। साल में यह राशि 6300 करोड़ रुपए के करीब बनती है।

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