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देश के विकास को नई गति दे रहा है जल जीवन मिशन, हर घर जल से बना जीवन आसान

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि जल जीवन मिशन आज देश के विकास को नई गति दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 3 वर्षों से भी कम समय में करोड़ों घरों तक जल पहुंच गया है जो जन-आकांक्षाओं और जनभागीदारी का एक बेहतरीन उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने अपने एक ट्वीट संदेश में कहा, “जल जीवन मिशन आज देश के विकास को एक नई गति दे रहा है। पिछले 3 वर्षों से भी कम समय में जिस प्रकार करोड़ों घरों में नल से जल पहुंचा है, वो जन आकांक्षाओं और जन भागीदारी की एक बड़ी मिसाल है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त, 2019 को लाल किले के प्राचीर से ‘जल जीवन मिशन’ की घोषणा की थी। इस मिशन के तहत 2024 तक हर घर में पाइप के द्वारा पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। इस मिशन की घोषणा होने के वक्त देश भर में 19.27 करोड़ घरों में से केवल 3.23 करोड़ यानी सिर्फ 17 प्रतिशत घरों में ही पानी का कनेक्शन था। मोदी सरकार ने कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बाद भी जल जीवन मिशन के तहत 6.16 करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों तक नल से जल उपलब्ध करा दिया है। इससे आज देश के 9.39 करोड़ ग्रामीण घरों को नल से साफ पानी की आपूर्ति का लाभ मिल रहा है।

हर घर में पीने लायक स्वच्छ जल पहुंचाने का काम जो पिछले 70 साल में नहीं हुआ, वो मोदी सरकार में पिछले तीन साल से भी कम समय में हुआ है। जल जीवन मिशन के तहत मोदी सरकार हर घर नल से शुद्ध जल सुनिश्चित कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी की ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की परिकल्पना पर छोटी सी अवधि में ही 107 जिले और करीब 1.5 लाख गांवों में हर घर जल की सुविधा है। साथ ही 17.39 लाख स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी नल से जल पहुंच रहा है। पेयजल आपूर्ति के लिए 4.82 लाख पानी समितियों का गठन किया गया है।

हर ग्रामीण घर तक नल से जल पहुंचाने के इस भगीरथी कार्य को पूरा करने के लिए वर्ष 2021-22 में 40,009 करोड़ रुपये जारी किए गए। 2022-23 के लिए मिशन का बजट बढ़ाकर 60,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। जल जीवन मिशन का मूलमंत्र है ‘कोई पीछे न छूट जाये,’ और इस तरह, वह सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से ऊपर उठकर हर घर को नल से जल की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहा है। सदियों से घरों के लिए पानी ढोकर लाने के कठिन श्रम से माताओं और बहनों को मुक्ति दिलाने तथा उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों में सुधार लाने के लिये जल जीवन मिशन का प्रयास है।

अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह, आंध्रप्रदेश, दादर एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, कर्नाटक, केरल, पुदुच्चेरी, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तराखंड ने प्रत्येक स्कूल में नल से जल की व्यवस्था कर ली है। केंद्र सरकार ने राज्यों से आग्रह किया है कि वे बाकी बचे स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में जल्द से जल्द साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि बच्चों के लिये बेहतर स्वास्थ्य, स्वच्छता और साफ-सफाई की व्यवस्था बन सके।

जनता और खासतौर से महिलाओं तथा ग्रामीण समुदायों की सक्रिय भागीदारी की बदौलत, जल जीवन मिशन एक जन आंदोलन बन गया है। दीर्घकालीन पेयजल सुरक्षा, स्थानीय समुदाय और ग्राम पंचायतें एक साथ मिलकर यह काम कर रही हैं तथा वे सब मिलकर गांवों में जलापूर्ति प्रणालियों, अपने जल स्रोतों और इस्तेमालशुदा पानी के प्रबंधन की जिम्मेदारी निभा रही हैं। वर्ष 2024 तक हर ग्रामीण घर तक नल से जल पहुंचाने की सरकार की प्रतिबद्धता पूरी करने की दिशा में जल जीवन मिशन अग्रसर है।

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