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हिंदुस्तान के लिए एक सबक है अफगानिस्तान: हजारों साल पुरानी एक सभ्यता को खत्म करने में सिर्फ 140 साल लगे…

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अफगानिस्तान में कभी हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के लोगों की आबादी बहुतायत में थी। अफगानिस्तान के कंधार का जिक्र महाभारत में भी है। यह राजा शकुनी का गंधार कहलाता था। सिल्क रूट और व्यापार के प्रमुख केन्द्र अफगानिस्तान पर कभी मौर्य साम्राज्य के दौरान हिंदुस्तान का शासन था। हिंदू और बौद्ध धर्म की कई निशानियां यहां मौजूद थीं। लेकिन तालिबान जैसे मुस्लिम कट्टरपंथियों के कारण आज सब खाक में मिल गया है। अफगानिस्तान की करीब पौने चार करोड़ की आबादी से आखिरी 700 हिंदुओं और सिखों के वहां निकलने के साथ ही कहा जा रहा है कि यहां से एक पूरी सभ्यता मिट गई है। जहां सभी धर्म के लोग भाईचारे के साथ रहते थे वहां सिर्फ 140 साल में तालिबानों ने हजारों साल की सभ्यता-संस्कृति को खत्म कर दिया। यह उन लोगों के लिए एक तरह से चेतावनी है जो भारत में 85 प्रतिशत और 15 प्रतिशत का तर्क देकर कट्टरपंथियों का बचाव करते हैं। सोशल मीडिया पर इसी पर चर्चा हो रही है कि हजारों साल पुरानी एक सभ्यता को खत्म करने में सिर्फ 140 साल लगे, लेकिन अब कम्यूटराइज्ड वाले जमाने में तो 10-20 साल वाली बात रह गई है….

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