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मोदी राज में दुनिया भर में साख हुई मजबूत: भारत बना एशिया का चौथा सबसे शक्तिशाली देश

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की साख दुनियाभर में मजबूत हुई है। मोदी राज में भारत लगातार तरक्की कर रहा है और नए मुकाम हासिल कर रहा है। अब भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र को प्रभावित करने की क्षमता रखने वाला चौथा सबसे शक्तिशाली देश बन गया है। सिडनी स्थित लॉवी इंस्टीट्यूट ने 2020 के एशिया पावर इंडेक्स में 26 देशों और क्षेत्रों की सूची जारी की है। इसमें पहले स्थान पर अमेरिका, चीन दूसरे और जापान तीसरे स्थान पर है।

शोध अध्ययन के प्रमुख और लॉवी के एशिया पावर एंड डिप्लोमेसी प्रोग्राम के निदेशक हर्वे लेमाहियु ने बताया कि भारत ने सालभर में अपनी आर्थिक क्षमता में वृद्धि की है और सैन्य क्षमताओं को भी बढ़ाया है। चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच भारत लगातार मजबूत हो रहा है। इस इंडेक्स के आधार पर रक्षा नेटवर्क के लिहाज से भारत अब चीन से इक्कीस है। एशिया पावर इंडेक्स के अनुसार आक्रामक नीति के कारण चीन के कूटनीतिक दबदबे में काफी गिरावट दर्ज की गई है।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में भारत की साख विश्व में काफी तेजी से बढ़ी है और भारत हर एक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे ही कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं-

इनोवेशन रैंकिंग में पहली बार टॉप 50 में पहुंचा भारत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इनोवेशन के मामले में भी पिछले कुछ वर्षों में भारत की स्थिति में लगातार सुधार आ रहा है। भारतवासियों के लिए खुशी की बात है कि इस साल के Global Innovation Index 2020 में भारत 4 स्थान के सुधार के साथ 48वें स्थान पर पहुंच गया है। 2015 में भारत ग्लोबल इंडेक्स में 81वें नंबर पर था। 2016 में 66वें, 2017 में 60वें, 2018 में 57वें और 2019 में 52वें स्थान पर था। Global Innovation Index 2020 में दिलचस्प बात यह है कि मध्य और दक्षिण एशिया में भारत पहले स्थान पर है।

Global Innovation Index 2020 के द्वारा जारी सूची में स्विट्जरलैंड ने अपनी टॉप रैंकिंग बरकरार रखी है। इसी तरह स्वीडन दूसरे और अमेरिका तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। ब्रिटेन एक स्थान के सुधार के साथ चौथे स्थान पर आ गया है जबकि नीदरलैंड्स एक स्थान फिसल कर पांचवें पर चला गया है। रिपब्लिक ऑफ कोरिया ने पहली बार टॉप 10 में जगह बनाई है। Global Innovation Index 2020 के मुताबिक भारत के अलावा चीन, फिलीपींस और वियतनाम ने हाल के वर्षों में अच्छा प्रदर्शन किया है। चीन 14वें स्थान पर है। मध्य और दक्षिण एशिया में भारत ने अपनी टॉप रैंकिंग बरकरार रखी है। इस इलाके में ईरान दूसरे और कजाकस्तान तीसरे स्थान पर है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में उछाल
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ईज ऑफ डूंइंग बिजेनस की रैंकिंग में भारत ने जबरदस्त छलांग लगाई है। वर्ल्ड बैंक की ओर से अक्तूबर, 2019 को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत 14 पायदान चढ़कर 63वें स्थान पर पहुंच गया है। 2018 में भारत इस सूची में 77वें नंबर पर आ गया था। वर्ल्ड बैंक हर साल आसान कारोबार वाले देशों की सूची जारी करता है। इसमें कुल 190 देश होते हैं। साफ है मोदी राज में भारत में बिजनेस करना और आसान हो गया है। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, रैंकिंग के लिए किसी कारोबार को शुरू करना, कंस्ट्रक्शन परमिट, क्रेडिट मिलना, छोटे निवेशकों की सुरक्षा, टैक्स देना, विदेशों में ट्रेड, कॉन्ट्रैक्ट लागू करना, बिजली प्राप्त करना, संपत्ति का पंजीकरण करना, अल्पसंख्यक निवेशकों की रक्षा करना और दिवालिया शोधन प्रक्रिया को आधार बनाया जाता है।

भारत दुनिया में 10 सबसे बड़े सुधार करने वाले देशों में शामिल है। दरअसल प्रधानमंत्री मोदी के सक्षम, समर्थ व स्पष्ट नेतृत्व के कारण भारत में कारोबारी माहौल बेहतर हुआ है और व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया भी सरल हो गई है।

रिसॉल्विंग इन्सॉल्वेंसी इंडेक्स
विश्व बैंक के रिसॉल्विंग इन्सॉल्वेंसी इंडेक्स 2019 में 56 अंकों की छलांग लगाकर भारत 52वें पायदान पर पहुंच गया। यूपीए सरकार के दौरान 2014 में भारत 137वें स्थान पर था। रिसॉल्विंग इन्सॉल्वेंसी इंडेक्स में भारत का यह बेहतर प्रदर्शन मोदी सरकार की ओर से सन 2016 में लागू इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड 2016 (IBC) के कारण संभव हो सका है।

विश्व डिजिटल प्रतिस्पर्धा रैंकिंग में चार पायदान की छलांग

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्व डिजिटल प्रतिस्पर्धा रैंकिंग में भारत का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। डिजिटल प्रतिस्पर्धा के मामले में भारत ने चार पायदान की छलांग लगायी है। भारत अब 44 वें स्थान पर पहुंच गया है। आईएमडी की विश्व डिजिटल प्रतिस्पर्धात्मकता रैकिंग 2019 के अनुसार, भारत 2018 में 48वें स्थान से आगे बढ़कर 2019 में 44वें पर पहुंच गया है। भारत ने सभी कारकों ज्ञान, प्रौद्योगिकी और भविष्य की तैयारी के मामले में काफी सुधार दर्ज किया है। अमेरिका इस लिस्ट में पहले स्थान पर है।

वैश्विक आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक में 17 पायदान की छलांग
मोदी राज में वैश्विक आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक (Economic Freedom Of the World Ranking) में 17 पायदान की लंबी छलांग लगाते हुए भारत दुनिया के 162 देशों में 79वें क्रम पर पहुंच गया है। सूचकांक में पिछले साल भारत 96वें स्थान पर था। कैनेडियन थिंकटैंक फ्रेजर इंस्टिट्यूट और भारतीय थिंकटैंक सेंटर फॉर सिविल सोसायटी द्वारा शुक्रवार को संयुक्त रूप से ‘वैश्विक आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक 2019’ जारी किया गया। यह सूचकांक दुनियाभर के देशों में सरकार के आकार, कानून व्यवस्था व संपत्ति का अधिकार, मुद्रा की सुगमता, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की आजादी और नियमन आदि जैसे पांच क्षेत्रों के बाबत जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर जारी किया जाता है।

वैश्विक आर्थिक सूचकांक में हांगकांग पहले, सिंगापुर दूसरे, न्यूजीलैंड तीसरे, स्विट्जरलैंड चौथे और यूएस पांचवें क्रम पर है जबकि वेनेजुएला (162वें), लिबिया (161वें), सुडान (160वें), अल्जीरिया (159वें) और अंगोला (158वें) स्थान पर हैं। इस प्रतिष्ठित वैश्विक सूचकांक में भारत ने जहां 17 स्थानों की छलांग लगाई है वहीं इसके सभी पड़ोसी देशों की रैंकिंग में गिरावट आई है। सूचकांक में श्रीलंका को 104, नेपाल को 110, चीन को 113, बांग्लादेश को 123, पाकिस्तान को 136 और म्यांमार को 148वां स्थान प्रदान किया गया है।

विश्व यात्रा पर्यटन प्रतिस्पर्धा सूचकांक में छह पायदान की छलांग
वैश्विक यात्रा एवं पर्यटन प्रतिस्पर्धा सूचकांक 2019 में छह पायदान की छलांग लगाकर भारत 34वें स्थान पर पहुंच गया है। वर्ष 2017 में भारत 40वें स्थान था, जबकि सन 2013 में 65वें स्‍थान पर था। मोदी सरकार के दौरान रैंकिंग में भारत ने 31 पायदान की छलांग लगाई है। विश्व आर्थिक मंच की रिपोर्ट के अनुसार इसकी वजह प्राकृतिक और सांस्कृतिक संसाधन के मामले में भारत का समृद्ध होना और कीमत के लिहाज से बेहद प्रतिस्पर्धी होना है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत दक्षिण एशिया में सबसे प्रतिस्पर्धी यात्रा-पर्यटन अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

प्रतिस्पर्धा रैंकिंग में 43वें स्थान पर भारत
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आईएमडी विश्व प्रतिस्पर्धिता रैंकिंग 2019 में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरा है। इस रैंकिंग में भारत 43वें स्थान पर आ गया है। पिछले साल भारत 44वें स्थान पर था। आईएमडी विश्व प्रतिस्पर्धिता रैंकिंग के अनुसार, वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में तेज वृद्धि, कंपनी कानून में सुधार और शिक्षा पर खर्च बढ़ने के कारण भारत प्रतिस्पर्धिता में रैंकिंग सुधारने में सफल हुआ हैं। 2019 की रैंकिंग में भारत कई आर्थिक मापदंडों पर अच्‍छा स्‍कोर हासिल किया है।

भारत की ईज ऑफ ट्रैवल रैंकिंग में सुधार
भारत की ईज ऑफ ट्रैवल रैंकिंग में सुधार हुआ है। भारत ने 2019 के लिए जारी की गई हेनली पासपोर्ट इंडेक्स में 80वां स्थान हासिल किया है। पिछले साल 2018 में भारत 81वें स्थान पर था और 2015 में जब बार इलेक्ट्रॉनिक वीजा या ई-वीजा की शुरुआत की गई थी तब भारत 88वें स्थान पर था। अब भारतीय पासपोर्ट धारक 60 देशों में वीजा-फ्री यात्रा कर सकते हैं।

भारतीय पासपोर्ट ने लगाई 10 पायदान की छलांग
भारत का पासपोर्ट Henley पासपोर्ट इंडेक्स में 84वें स्थान पर है। भारत को इसमें 58 प्वॉइंट्स दिए गए हैं। यानी कुल 58 देश भारतीय पासपोर्ट धारकों को बिना किसी पूर्व वीजा के प्रवेश की इजाजत देते हैं. इस स्थान पर भारत के साथ मॉरिटानिया और तजाकिस्तान हैं लेकिन इनमें से एक भी विकसित देश नहीं है। बीते 15 साल में भारत की रैंकिंग काफी नीचे आ गई है।

ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन इंडेक्स में चीन से आगे निकला भारत

विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा जारी ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन इंडेक्स में भारत 74 वें स्थान पर आ गया है। विश्व आर्थिक मंच ने 13 मई, 2020 को वार्षिक रैंकिंग जारी की है। भारत ने अपनी बेहतर रैंकिंग के साथ आर्थिक सुरक्षा, आर्थिक विकास और पर्यावरण स्थिरता के प्रमुख मापदंडों में सुधार दिखाया है। विश्व आर्थिक मंच जिनेवा में स्थित एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जो सार्वजनिक और निजी सहयोग के लिए काम करता है। यह रैंकिंग जारी करते हुए आगे कहा गया है कि मौजूदा कोविड -19 संकट के कारण विकसित और विकासशील देश स्वच्छ ऊर्जा के लिए संक्रमण से समझौता करेंगे।

विश्व के सबसे भरोसेमंद देशों में शामिल हुआ भारत
भारत अब कारोबार, सरकार, एनजीओ और मीडिया के मामले में विश्व के सबसे भरोसेमंद देशों में शामिल हो गया है। ‘एडलमैन ट्रस्ट बैरोमीटर-2019’ रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक विश्वसनीयता सूचकांक में तीन अंक के सुधार के साथ भारत 52 अंक पर पहुंच गया है। ये रिपोर्ट 27 बाजारों में किये गए ऑनलाइन सर्वेक्षण पर आधारित है। इनमें 33,000 से अधिक लोगों के जवाब शामिल किये गए हैं।

ग्लोबल कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे में टॉप पर भारत
मोदी राज में भारत वैश्विक उपभोक्ता विश्वास (ग्लोबल कंज्यूमर कॉन्फिडेंस) 2019 सर्वे में पहले पायदान पर है। नेल्सन के सर्वे के अनुसार भारत में वैश्विक उपभोक्ता विश्वास सबसे ज्यादा है। इस सर्वे के परिणाम दर्शाते हैं कि भारत में उपभोक्ता का विश्वास दो साल के शीर्ष पर है। नेल्सन के इस सर्वे में 64 देशों के 32 हजार उपभोक्ताओं ने हिस्सा लिया। भारत कंज्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स (CCI) में 133 अंकों के साथ पहले पायदान पर है। सर्वे में 131 अंकों के साथ फिलीपिंस दूसरे और 127 अंकों के साथ इंडोनेशिया तीसरे पायदान पर है।

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