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गुजरात में पीएम मोदी ने कांग्रेस के ‘गुपचुप दांव’ से किया सावधान, कहा- पुराना दांव आजमा रही पार्टी

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इस साल गुजरात विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसके लिए हर दल अपने समीकरण बिठाने में लगा है। बीजेपी वहां 1995 से यानी पिछले 27 साल से सत्ता में है। बीजेपी ने इससे पहले 1990 में जनता दल के साथ मिलकर गुजरात में सरकार बनाई थी, लेकिन यह गठबंधन राम मंदिर आंदोलन के नाम पर टूट गया था। इसके बाद बीजेपी ने 1995 के गुजरात विधानसभा चुनाव में जबर्दस्त वापसी की थी। इसके बाद से पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए विकास कार्यों की वजह से गुजरात एक तरह से बीजेपी का अपराजेय किला बना हुआ है। उसे सत्ता से बेदखल करने की कांग्रेस की सारी कोशिशें नाकाम हो चुकी हैं। पीएम मोदी तीन दिन के गुजरात दौरे पर थे और दौरे के आखिरी दिन मंगलवार को जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के ‘चुप्पी दांव’ सावधान रहने को कहा। उन्होंने कहा, ”पिछले 20 साल से जो लोग गुजरात के खिलाफ थे उन्होंने राज्य को बदनाम करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखी। उन्होंने मुझे मनचाही गालियां दीं, मुझे मौत का सौदागर भी कहा। अचानक वे चुप हो गए हैं। उन्होंने मुझे गाली देने, हंगामा करने और शोर मचाने और अब मुझे गाली देने का काम दूसरों को दे दिया है। वे चुपचाप गांवों में जा रहे हैं और लोगों से वोट मांग रहे हैं।” पीएम मोदी ने कहा कि विकास विरोधी इस पार्टी से जनता को सावधान रहना है।

कांग्रेस के गांवों के स्तर पर चुनाव की तैयारी को समझें

पीएम मोदी ने आणंद में जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को कांग्रेस पार्टी की रणनीति के बारे में सावधान किया। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस चुनाव में अपनी रणनीति बदल दी है। पीएम मोदी ने भाजपा के कार्यकर्ताओं को सचेत करते हुए कहा कि कांग्रेस इस बार बड़े स्तर पर तैयारी नहीं कर रही है। वो बड़े प्रेस कांफ्रेंस और भाषणों पर ध्यान न देकर छोटे और माइक्रो स्तर पर काम कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गांवों के स्तर पर चुनाव की तैयारी कर रही है। उन्होंने अपने संबोधन में भाजपा कार्यकर्ताओं को इस तैयारी को लेकर सावधान रहने को कहा है। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस की इस साजिश को नाकाम करेगी।

20 साल से जो लोग गुजरात के खिलाफ थे, उसके ‘चुप्पी दांव’ से सचेत रहें

पीएम मोदी ने कहा, ”पिछले 20 साल से जो लोग गुजरात के खिलाफ थे उन्होंने राज्य को बदनाम करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखी। उन्होंने मुझे मनचाही गालियां दीं, मुझे मौत का सौदागर भी कहा। अचानक वे चुप हो गए हैं। उन्होंने मुझे गाली देने, हंगामा करने और शोर मचाने और अब मुझे गाली देने का काम दूसरों को दे दिया है। वे चुपचाप गांवों में जा रहे हैं और लोगों से वोट मांग रहे हैं। पीएम मोदी ने कांग्रेस के गुपचुप प्रचार को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं को सावधान किया। उन्होंने कहा, ”मैं आपको विपक्ष के चुप्पी दांव से सचेत करना चाहता हूं। मैं इसे जानता हूं कि क्योंकि ये उनके द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है, जो दिल्ली से गुजरात के खिलाफ साजिश करने के लिए जाने जाते हैं।” पीएम मोदी ने गुजरात में कांग्रेस के शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि तब राज्य में भय का माहौल होता था, आए दिन कर्फ्यू लगाना पड़ता था।

गुजरात की जनता ने कांग्रेस की रणनीति को फेल कर दिया

जामकंदोरना में मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की रणनीति को लेकर सावधान किया। पीएम ने कहा, ”पिछले चुनावों में गुजरात की जनता ने कांग्रेस की रणनीति को फेल कर दिया। अब कांग्रेस सभाएं नहीं कर रही है, प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं कर रही है और ना ही मोदी को गाली दे रही है। कांग्रेस चुपचाप गांवों में जाकर लोगों से वोट मांग रही है।”

मैं सरदार साहब के नक्शे कदम पर चलता हूं, कश्मीर समस्या खत्म किया 

पीएम ने नाम न लेते हुए जवाहर लाल नेहरू पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल ने तत्कालीन रियासतों के विलय के सभी मुद्दों को हल कर दिया था लेकिन कश्मीर का जिम्मा ”एक अन्य व्यक्ति” के पास था। उन्होंने कहा कि इसीलिए कश्मीर का मुद्दा अनसुलझा ही रह गया। मोदी ने रैली में कहा कि वो कश्मीर का मुद्दा इसलिए हल कर पाए क्योंकि वो सरदार पटेल के नक्शे कदम पर चलते हैं। उन्होंने कहा, ”मैं चूंकि सरदार साहब के नक्शे कदम पर चलता हूं, मुझ में सरदार पटेल की भूमि के मूल्य हैं और यही कारण है कि मैंने कश्मीर की समस्या का समाधान किया और सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी।”

अर्बन नक्सलियों को बर्बाद कर देगा गुजरात

पीएम मोदी ने अपने गुजरात दौरे के भरूच की रैली में कहा कि ‘शहरी नक्सली ऊपर से आकर यहां पैर जमाने की कोशिशें कर रहे हैं। हम अपनी युवा पीढ़ी को बर्बाद होने नहीं देंगे। हमें देश को बर्बाद करने पर तुले इन शहरी नक्सलियों से अपने युवाओं को बचाना है। वे विदेशी शक्तियों के एजेंट हैं। गुजरात उनके समक्ष कभी अपना शीश नहीं झुकाएगा। गुजरात उन्हें बर्बाद कर देगा।’ मोदी ने कहा कि जब 2014 में उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी तब भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व में 10वें पायदान पर थी लेकिन आज भारत पांचवें स्थान पर है।

गुजरात के चुनावों में बीजेपी का प्रदर्शन

पिछले 27 साल में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव के परिणामों पर नजर डालें तो पाएंगे कि बीजेपी एकछत्र राज करता आया है। इसकी सबसे बड़ी वजह पीएम मोदी के नेतृत्व में किया गया विकास कार्य है। बीजेपी ने 1995 के बाद और 2017 से पहले के चुनाव में 100 ज्यादा सीटें जीती थीं। इस दौरान उसका सबसे बेहतर प्रदर्शन 2002 के चुनाव में रहा, जब उसने 182 में से 127 सीटों पर अपना झंडा लहराया था। इसके बाद 2007 के चुनाव में बीजेपी ने 117 और 2012 के चुनाव में 115 सीटें जीती थीं। इन सालों में केवल 2017 में ही इसे 100 से कम सीटें आईं लेकिन बाद में कुछ उपचुनाव और विधायकों की दलबदल के बाद विधानसभा में उसके सदस्यों की संख्या 100 से ऊपर हो गई। वहीं पिछले 27 साल में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन की बात करें तो उसने सबसे अधिक 77 सीटें 2017 के चुनाव में जीती थीं। उससे पहले 2012 के चुनाव में कांग्रेस ने 61, 2017 के चुनाव में 59, 2002 के चुनाव में 51 और 1998 के चुनाव में 53 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। गुजरात के चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के वोट शेयर की बात करें तो बीजेपी ने 1998 के चुनाव में 45 फीसदी और कांग्रेस ने 35 फीसदी वोट हासिल किए थे। बीजेपी को 2002 के चुनाव में कुल हुए मतदान में से आधे यानी की 50 फीसदी वोट मिले थे। इस चुनाव में कांग्रेस का वोट बढ़कर 39 फीसदी हो गया था। वहीं 2007 के चुनाव में बीजेपी ने 49 तो कांग्रेस ने 38 फीसदी वोट अपने नाम किए थे। इसी तरह 2012 के चुनाव में बीजेपी पर 48 फीसदी और कांग्रेस पर 39 फीसदी मतदाताओं ने भरोसा जताया था। वहीं 2017 के चुनाव में बीजेपी पर 49 और कांग्रेस पर 41 फीसदी मतदाताओं ने भरोसा जताया था। गुजरात का 2017 का चुनाव आम आदमी पार्टी ने भी लड़ा था। लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिली थी। उसने 29 सीटों पर चुनाव लड़कर करीब 30 हजार वोट हासिल किए थे। आप किसी भी सीट पर अपनी जमानत नहीं बचा पाई थी।

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