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UP में अवैध धर्मांतरण के तार पाकिस्तानी आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़ रहे, ATS का दावा – विदेशों से 79 करोड़ रुपए की फंडिंग

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उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में अवैध धर्मांतरण गिरोह चलाने वालों के तार पाकिस्तानी आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़ रहे हैं। ये गिरोह पैसे का लालच देकर मूक-बधिर और मामूली दिव्यांग लोगों को अपना पहला टारगेट बनाता था। इस गिरोह के सदस्य प्रतिबंधित संगठन सिमी (Student’s Islamic movement of India) से तो पहले से ही जुड़े हुए थे। अब यूपी एटीएस के हत्थे चढ़े अवैध धर्मांतरण में संलिप्त आरोपियों के पास के ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिससे इनका कनेक्शन अलकायदा से भी जुड़ रहा है।जिहाद की हिंसात्मक विचारधारा अलकायदा से प्रभावित और पोषित
यूपी में एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने दावा किया है कि इस मामले में पूर्व में महाराष्ट्र से गिरफ्तार एडम और कौसर आलम के पास से जो साक्ष्य मिले हैं, उससे पता चला है कि दोनों जिहाद की हिंसात्मक विचारधारा अलकायदा से प्रभावित और पोषित हैं। इसके अलावा कई ऐसे धार्मिक साहित्य जिनका संबंध अलकायदा जैसे आतंकी समूह से रहा है, उनसे भी दोनों का प्रभावित होना पाया गया है।अब्दुल्ला धर्मांतरण गिरोह के लिए फंडिंग जुटाने का काम करता था
उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (UP ATS) की टीम ने अवैध धर्मांतरण मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद उमर गौतम के बेटे अब्दुल्लाह को भी गौतम बुद्ध नगर से गिरफ्तार कर लिया। अब्दुल्ला पर धर्मांतरण गिरोह की फंडिंग करने का आरोप है। यूपी एटीएस के मुताबिक जहांगीर आलम और कौसर के सीधे संपर्क में रहकर अब्दुल्ला धर्मांतरण गिरोह के लिए फंडिंग जुटाने का काम करता था। अब्दुल्ला अपने पिता मौलाना उमर गौतम के अल फारुकी मदरसा व मस्जिद एवं इस्लामिक सेंटर का काम भी देख रहा था।धर्मांतरण के बड़ा सिंडिकेट, अब तक 16 गिरफ्तार
एटीएस ने धर्मांतरण के बड़े सिंडिकेट का खुलासा किया था। मुख्य सरगना मौलाना उमर गौतम और कलीम सिद्दीकी समेत 16 आरोपियों को अलग अलग दिनों में अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया जा चुका है। उमर का बेटा अब्दुल्ला इस सिंडिकेट में शामिल जहांगीर आलम, कौसर व फराज शाह से सीधे व सक्रिय रूप से संपर्क में रहा है।मास्टरमाइंड के खातों में 79 करोड़ रुपये की फंडिंग
एडीजी ने बताया कि पूर्व में गिरफ्तार उमर गौतम और कलीम सिद्दीकी के खातों में 79 करोड़ रुपये की फंडिंग के साक्ष्य मिले हैं। इसमें उमर गौतम के खातों से 57 करोड़ और कलीम के खातों से 22 करोड़ रुपये मिले हैं। उमर और कलीम दोनों को ही लगभग एक जैसे संगठनों से ही फंडिंग हुई है। इनके और इनकी संस्थाओं के खातों में ब्रिटेन, अमेरिका व अन्य खाड़ी देशों से भी भारी मात्रा में हवाला व अन्य माध्यमों से पैसों के आने का प्रमाण मिला है।

उमर-कलीम के ट्रस्ट को भारी विदेशी फंडिग
एटीएस के अनुसार जिन संगठनों ने उमर गौतम से संबंधित ट्रस्ट अल हसन एजुकेशनल एंड वेलफेयर फाउंडेशन को फंडिंग की थी, उन्हीं ने मौलाना कलीम सिद्दीकी के ट्रस्ट जामिया इमाम वालीउल्लाह ट्रस्ट को भी नियमित रूप से भारी मात्रा में फंडिंग की। उमर गौतम, कलीम सिद्दीकी और इनके साथियों के बैंक अकाउंट में यूके, अमेरिका व अन्य खाड़ी देशों से भारी मात्रा में हवाला व अन्य माध्यमों से पैसे आए। जांच एजेंसी के सामने आरोपी अपनी आय के स्त्रोतों का उल्लेख नहीं कर सके न ही ट्रस्ट को मिली फंडिंग के खर्चे का हिसाब दे सके। एटीएस आईजी ने बताया कि अभी तक की जांच में मौलाना कलीम सिद्दीकी के ट्रस्ट के खाते में लगभग 22 करोड़ रुपयों की कुल फंडिंग के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।धर्मांतरण गिरोह का अहम सदस्य है अब्दुल्ला
आरोपी अब्दुल्ला सिंडिकेट के सह आरोपी जहांगीर आलम, कौशर व फराज शाह से सीधे व सक्रिय रूप से जुड़ा है, तथा मौलाना उमर गौतम द्वारा संचालित अल फारूकी मदरसा व मस्जिद तथा इस्लामिक दावा सेंटर से संचालन का कार्य देखता है। एटीएस के अनुसार आरोपी अब्दुल्ला के खातों में भी उन्हीं स्त्रोतों से भारी मात्रा में धन का आना प्रमाणित हुआ है, जिन स्त्रोतों से मौलाना उमर गौतम के खातों में धन आया था। अब्दुल्ला के विभिन्न बैंक खातों में अब तक 75 लाख रुपये ट्रांसफर हुए हैं, जिसमें लगभग 17 लाख रुपये विदेश से आए हैं। इन पैसों को अब्दुल्ला अपने पिता उमर गौतम व अन्य आरोपियों के साथ मिलकर धर्मांतरित हुए व्यक्तियों में बांटने का काम करता था।

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