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सेना को बदनाम करने में गुरु केजरीवाल से कम नहीं है उनके चेले, AAP विधायक ने पुराना वीडियो शेयर कर जातिगत भेदभाव का लगाया आरोप

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जब किसी घर का मुखिया ही किसी का सम्मान नहीं करता हो, उसके घर के बाकी सदस्यों से सम्मान की ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती। इस बात की पुष्टि दिल्ली के मालिक यानि सीएम अरविंद केजरीवाल के आचरण और बयान से होती है। जब सेना पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करती है, तो वह सबूत मांग कर सेना के पराक्रम पर संदेश व्यक्त करते हैं और सेना को बदनाम करने की कोशिश करते हैं। केजरीवाल के अपमानजनक बर्ताव के कारण कई साथियों ने उनका साथ छोड़ दिया। केजरीवाल के नक्शेकदम पर चलते हुए उनके चेले और आम आदमी पार्टी के विधायक राजेंद्र पाल गौतम ने एक पुराना वीडियो शेयर कर सेना को बदनाम करने की कोशिश की। जब सेना ने इस मामले में जवाब दिया, तो उन्हें अपना वीडियो डिलीट करना पड़ा।

आप विधायक का सेना पर आपत्तिजनक आरोप

दिल्ली के सीमापुरी से विधायक राजेंद्र पाल गौतम ने 11 मई, 2020 को एक ट्वीट किया, जिसमें भारतीय सेना के खिलाफ आपत्तिजनक दावा किया गया है। एक पुराने वीडियो के आधार पर आप विधायक ने लिखा है कि भारतीय सेना के जवानों को उनके वरिष्ठों द्वारा जातिसूचक गालियों और टिप्पणियों से अपमानित किया जाता है। यहां तक कि आप विधायक ने अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को टैग किया और उन्हें इस मामले का संज्ञान लेने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोहराया न जा सके।

भारतीय सेना ने जतायी कड़ी आपत्ति

राजेंद्र पाल गौतम के इस ट्वीट के बाद भारतीय सेना ने कड़े शब्दों में अपनी आपत्ति दर्ज करायी और कहा कि सेना से सत्यापित किए बिना इस तरह के पुराने वीडियो को सर्कुलेट करना निंदनीय और अफसोसजनक है। सेना ने स्पष्ट किया कि उसे जाति, मजहब या धर्म के संदर्भ के बिना सभी सैनिकों पर गर्व है। सेना ने कहा कि वीडियो तीन साल पुराना (2017) है और भारतीय सेना को बदनाम करने के लिए शत्रुतापूर्ण तत्वों द्वारा सर्कुलेट किया गया है। 

आप विधायक गौतम ने डिलीट किया सेना विरोधी ट्वीट

सेना के जवाबी ट्वीट और आपत्ति के बाद आप विधायक गौतम को अपनी गलती का अहसास हुआ। विधायक ने वीडियो यह कहते हुए हटा लिया कि अभी आर्मी के वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें फोन कर बताया कि यह 2-3 साल पुरानी घटना है। इस सैनिक ने आपसी झगड़े के चलते नाराज़गी मे एक वीडियो रिकॉर्ड किया जिसे बाद मे छेड़छाड़ कर दोबारा वायरल किया गया।

आप विधायक ने खेला जाति कार्ड

जब सेना को बदनाम करने की कोशिश के लिए सोशल मीडिया में आलोचना होने लगी तो राजेंद्रपाल गौतम ने विक्टिम कार्ड खेलना शुरू कर दिया। ऊना, झज्जर, रोहित वेमुला, पायल तडवी और कई अन्य लोगों की घटनाओं का हवाला देते हुए जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया। साथ ही अपने को पक्का राष्ट्रवादी और देशभक्त बताते हुए कहा कि सेना का मनोबल गिराने का इरादा नहीं है।

भगवान राम और कृष्ण की प्रमाणिकता पर उठाया सवाल

यह कोई पहला मौका नहीं है, जब आप विधायक राजेंद्र पाल गौतम ने आपत्तिजनक बयान दिया हो। इससे पहले उन्होंने नवंबर 2019 में ट्वीट कर भगवान राम और कृष्ण की प्रमाणिकता पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अगर यह बात प्रमाणित है कि भगवान राम और कृष्ण पूर्वज है तो इतिहास में क्यों नहीं पढ़ाया जाता ? पूर्वजों का इतिहास होता है, जबकि इनका कोई प्रमाणिक इतिहास नहीं है।  

चौतरफा हमले के बाद डिलीट किया ट्वीट

इस ट्वीट के बाद जब चौतरफा हमला होने लगा तो राजेन्द्रपाल गौतम ने अपने खिलाफ साजिश बताते हुए ये ट्वीट डिलीट कर दिया। एक और ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा कि मैंने कोई ट्वीट नहीं किया है, ट्वीट देखकर ऐसा लग रहा है कि किसी ने राजनैतिक द्वेष के चलते, चुनाव के समय हमारी पार्टी को नुकसान पहुंचाने के लिए ऐसी शरारत की है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए सभी धर्म बराबर हैं, हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।

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