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राजस्थान में कृषि कानून विरोधी किसानों की गुंडागर्दी, श्रीगंगानगर में बीजेपी नेता कैलाश मेघवाल पर किया हमला, फाड़े कपड़े

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तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान अब कानून को अपने हाथों में लेते नजर आ रहे हैं। वे जबरन अपनी बात मनवाने के लिए गुंडागर्दी, धमकी, हिंसा और हमले का सहारा ले रहे हैं। ये फर्जी किसान देश में अराजकता का माहौल पैदा कर सरकार को चुनौती दे रहे हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर में इन फर्जी किसानों की गुंडागर्दी देखने को मिली, जब गहलोत सरकार के खिलाफ हो रहे भाजपा के जिला स्तरीय प्रदर्शन में शामिल होने आए भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश मेघवाल पर किसानों ने हमला कर दिया। संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसानों ने महाराजा गंगासिंह चौक पर मेघवाल के कपड़े फाड़ दिए। अचानक हुई इस घटना से अफरा-तफरी का माहौल हो गया। 

किसानों से मेघवाल को छुड़ाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस तनाव के माहौल के बीच भाजपा के धरने की ओर कूच कर रहे किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया और उन्हें खदेड़ा। पुलिस द्वारा किए गए हल्के बल प्रयोग में कुछ किसानों को भी चोटें भी आई। इस घटना के बाद श्रीगंगानगर जिला कलेक्ट्रेट, महाराजा गंगा सिंह चौक, भगत सिंह चौक रोड पर तनाव का माहौल बना गया। एहतियात के तौक पर पुलिस टीम को जगह-जगह तैनात करना पड़ा। 

कैलाश मेघवाल पर किसानों के हमले के बाद राजस्थान में सियासत गर्मा गई है। भाजपा ने इस हमले के लिए राज्य की गहलोत सरकार पर निशाना साधा है। वहीं अलवर के भाजपा सांसद योगी बालकनाथ ने ट्वीट कर इस हमले की निंदा की। उन्होंंने कहा कि राजस्थान भाजपा के एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश मेघवाल के ऊपर जानलेवा हमला राजस्थान की कानून व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को बयां करता है। इस कायराना हमले की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। उन्होंने राज्य सरकार से इस हमले में शामिल सभी अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की। 

एक सप्ताह में ये दूसरा मौका है जब प्रदर्शनकारी किसानों ने किसी भाजपा नेता पर हमला किया और कपड़े फाड़े। गौरतलब है कि इससे पांच दिन पहले जयपुर दिल्ली हाईवे पर शहांजापुर में आंदोलन कर रहे किसानों ने भाजपा नेता प्रेम सिंह बाजौर पर हमला किया था। इस दौरान किसानों ने उनके कपड़े फाड़ दिए थे। इसके विरोध में भाजपा ने प्रदर्शन भी किया था।

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