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अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, सितंबर में एक साथ कई आर्थिक मोर्चे पर देखी गई बढ़ोतरी

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कोरोना संकट से उबरती हुई भारतीय अर्थव्यवस्था ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। सितंबर महीने में एक साथ कई आर्थिक मोर्चे पर सुधार देखा गया। मैन्यूफैक्चरिंग इंडेक्स से लेकर राजस्व के लिए जरूरी जीएसटी कलेक्शन तक में बढ़ोतरी हुई। इस दौरान ऑटो क्षेत्र ने भी पिछले साल सितंबर के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। 

बाजार में मांग सुधरने से आठ साल बाद इंडियन मैन्यूफैक्चरिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। सितंबर में पीएमआई 56.8 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं इस साल अगस्त में पीएमआई 52 के स्तर पर था। यह लगातार दूसरा महीना था, जब पीएमआई 50 से ऊपर रहा। पीएमआई इकोनॉमी के बारे में पुष्‍ट जानकारी को आधिकारिक आंकड़ों से भी पहले उपलब्‍ध कराता है। इससे अर्थव्‍यवस्‍था के बारे में सटीक संकेत पहले ही मिल जाते हैं। 

ऑटो सेक्टर के लिए सितंबर का महीना राहत देने वाला रहा। वाहनों की बिक्री में आई तेजी से मैन्यूफैक्चरिंग को मजबूती मिली। मारुति सुजुकी की घरेलू बिक्री में सितंबर में पिछले साल सितंबर के मुकाबले 32.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुजुकी का देश के मोटर वाहनों में 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। इसी तरह दूसरी कंपनियों की बिक्री में भी बढ़ोतरी दिखी गई।

जीएसटी का कलेक्शन इस साल सितंबर माह में 95,480 करोड़ रहा जो पिछले साल सितंबर के मुकाबले 4 प्रतिशत अधिक है और इस साल अगस्त के मुकाबले यह 9 प्रतिशत अधिक है। जीएसटी कलेक्शन में बढ़ोतरी से सरकार को राजस्व के मोर्चे पर बड़ी राहत मिलेगी और वित्तीय घाटे में कमी आएगी।

देश भर में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होते ही सप्लाई चेन ने भी काम करना प्रारंभ कर दिया। सितंबर में माल की ढुलाई में तेजी देखी गई, जो पिछले साल सितंबर के मुकाबले अधिक है। रेलवे की माल ढुलाई में बढ़ोतरी से सितंबर में 14 प्रतिशत अधिक राजस्व की प्राप्ति हुई। सितंबर में 1021 लाख टन माल की ढुलाई की गई जो पिछले साल सितंबर के 885 लाख टन मुकाबले 15 प्रतिशत अधिक है। 

सितंबर महीने में बिजली उत्पादन में भी तेजी देखी गई। पॉवर सिस्टम ऑपरेशन कारपोरेशन के मुताबिक इस साल सितंबर में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले बिजली उत्पादन में 4.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जबकि खपत में पिछले साल के मुकाबले 5.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दिखी। कोयला उत्पादन में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले अगस्त में 3.6 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई थी। इसको देखते हुए सितंबर में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है। 

सितंबर महीने में पेट्रोल की बिक्री पिछले साल की समान अवधि के तुलना में 2 प्रतिशत अधिक रही। इस साल मार्च के बाद पहली बार पेट्रोल की खपत में पिछले साल के मुकाबले बढ़ोतरी हुई है। इस साल अगस्त के मुकाबले सितंबर में डीजल की बिक्री 22 प्रतिशत अधिक हुई। इन संकेतों से पता चलता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अब कोरोना महामारी को मात देकर तेजी से आगे बढ़ रही है।

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