Home समाचार “मंदिरों और धार्मिक उत्सवों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला भेदभावपूर्ण!”

“मंदिरों और धार्मिक उत्सवों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला भेदभावपूर्ण!”

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सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई में पर्यूषण पर्व के दौरान तीन जैन मंदिरों को खोलने की सशर्त इजाजत दी है। टाइम्स ऑफ इंडिया के एसोसिएट एडिटर धन्नंजय महापात्रा ने ट्वीट कर लिखा, “मॉल्स और अन्य आर्थिक गतिविधियों को खोलने की अनुमति देने और मंदिरों को नहीं देने पर सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की है। CJI के नेतृत्व वाली पीठ ने जैन मंदिरों से जुड़े एक मामले में कहा, “वे हर गतिविधि की अनुमति दे रहे हैं,जिसमें पैसा शामिल है, लेकिन वे मंदिरों के लिए कहते हैं कि कोविड है।” 

एक अन्य ट्वीट में महापात्रा ने लिखा,”लेकिन SC का कहना है कि गणपति उत्सव की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि भीड़ बेकाबू होती है।”

एक अन्य ट्वीट ने महापात्रा ने लिखा, “सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के SoP का पालन करते हुए मुंबई के दादर, बाइकूला और चेंबूर में जैन समुदाय के मंदिरों को 22 और 23 अगस्त को पर्यूषण के अंतिम दो दिनों के लिए पूजा करने वालों के लिए खोलने की अनुमति दे दी है।

एक ट्वीट में महापात्रा ने लिखा, ” SC का कहना है कि यह रियायत किसी भी अन्य मंदिर या गणेश चतुर्थी समारोह के लिए लागू नहीं की जा सकती है जिसमें large congregation शामिल होती है।

 

 

 

 

 

 

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