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कोरोना मामले में चीन के बराबर पहुंची दिल्ली, केजरीवाल सरकार हर मोर्चे पर हुई फेल

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दिल्ली में कोरोना संक्रमण भयानक गति से फैल रहा है। हालत ये है कि अकेले दिल्ली में चीन के बराबर कोरोना मरीज हो गए हैं। दिल्ली में सोमवार सुबह कोरोना मरीजों की संख्या 83,077 पहुंच गई। आपको बता दें कि चीन में कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 83,512 है। स्पष्ट है कि दिल्ली ने लगभग चीन की बराबरी कर ली है और चौबीस घंटे में दिल्ली में मरीजों की संख्या चीन के पार पहुंच जाएगी।

बताया जा रहा है कि केंद्र की मोदी सरकार की दखल के बाद दिल्ली में टेस्टिंग बढ़ाई गई है। और टेस्टिंग बढ़ने के बाद दिल्ली में कोरोना की सही पिक्चर सामने आने लगी है। पिछले दस दिनों से दिल्ली में रोजना करीब 3 हजार कोरोना मरीज सामने आ रहे हैं। दिल्ली सरकार के मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, दिल्ली में अब कोरोना वायरस के कुल 83,077 मामले हैं, जिनमें से करीब 27,000 मामले एक्टिव हैं, जबकि अबतक राजधानी में 2,623 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली के लिए चिंता की बात ये है कि कुल 83 हजार मामलों में से करीब 40 फीसदी के करीब मामले अभी भी एक्टिव हैं। इनमें कुछ कम लक्षण वाले, तो कुछ सीरियस भी हैं।

दिल्ली में टेस्टिंग के बाद ट्रेसिंग पर जोर- अमित शाह
एक तरफ दिल्ली सरकार कोरोना संक्रमण रोकने में सभी मोर्चों पर फेल हो गई है। दिल्ली सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठे सिर्फ मरीजों की संख्या गिन रही है। तभी तो कुछ दिन पहले दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बयान दिया था कि जिस रफ्तार से दिल्ली में केस बढ़ रहे हैं, वैसे ही जारी रहा तो जुलाई के अंत तक साढ़े पांच लाख केस होंगे। लेकिन अब दिल्ली में कोरोना रोकथाम की कमान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने हाथ में संभाल ली है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि अब दिल्ली में कोरोना का फैलाव पहले जितने तेज नहीं होगा, क्योंकि दिल्ली में टेस्टिंग बढ़ाकर अब ट्रेसिंग की जा रही है। ताकि कोरोना वायरस के मामलों को बढ़ने ना दिया जाए।

दिल्ली में केजरीवाल सरकार कोरोना को लेकर कुछ खास नहीं कर रही है, लेकिन अपने झूठे प्रचार में जी-जान से जुटी हुई है। देखिए कैसे-

केजरीवाल एंड गैंग की बेशर्मी, मोदी सरकार द्वारा निर्मित 10,000 बेड के कोविड सेंटर का लिया क्रेडिट

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एंड गैंग के एक और झूठ पर्दाफाश हो गया है। दिल्ली में कोरोना महामारी के संकट को देखते हुए मोदी सरकार ने दिल्ली में 10,000 बेड का सरदार पटेल कोविड सेंटर का निर्माण कराया है लेकिन केजरीवाल और उसके गैंग के लोग इसका क्रेडिट लेकर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, मोदी सरकार के गृह मंत्रालय ने दिल्ली में कोरोना संकट को देखते हुए 10,000 बेड का कोरोना केयर सेंटर का निर्माण कराया है। इस सेंटर के निर्माण के लिए राधा स्वामी ब्यास ने जमीन दी है और ITBP इसकी जिम्मेदारी संभाली है। प्लोरिंग का काम रेलवे के द्वारा किया गया है। इस सेंटर के निर्माण में दिल्ली सरकार की कोई भूमिका नहीं है लेकिन केजरीवाल एंड गैंग बेशर्म से इसकी क्रेडिट लेने में जुटी है। 

आप आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की स्मृति में अरविंद केजरीवाल सरकार ने  दुनिया का सबसे बड़ा कोविड अस्पताल बनवाया जबकि भाजपाईयों ने मूर्ति बनवाई। 

इससे पहले आप आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने एक ट्वीट कर दावा किया था कि दिल्ली सरकार द्वारा बनाये गये दुनिया के सबसे बड़े कोविड अस्पताल का गृह मंत्री अमित शाह “चोरी-चोरी, चुपके-चुपके” उद्घाटन कर रहे हैं।    

संजय सिंह के इस दावे को पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर ने खंडन किया और कहा कि गृह मंत्री कोविड सेंटर का उद्घाटन नहीं बल्कि निरीक्षण करने के लिए जा रहे हैं।

आपको बता दें कि संजय सिंह के इस झूठ का पर्दाफाश तब हो गया है जब गृहमंत्री अमित शाह ने दौरा कर निरीक्षण किया, जबकि संजय सिंह द्वारा दावा किया था कि वे उद्घाटन करने के लिए गए हैं।

मोदी सरकार के प्रयास से दिल्ली के निजी अस्पतालों में कोरोना इलाज का खर्च दो-तिहाई कम
कोरोना महामारी संकट के मद्देजनर दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने बढ़ चढ़ कर दावे किए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए 30,000 बेड तैयार हैं, लेकिन केजरीवाल सरकार के तमाम दावों के बावजूद दिल्ली में स्थिति बिगड़ती गई और कोरोना मरीजों की संख्या में काफी इजाफा होने लगा। मोदी सरकार के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली में स्थिति नियंत्रण में है और दिल्लीवासियों को कई प्रकार से राहत मिल रही है।

मोदी सरकार ने दिल्ली के निजी अस्पताओं में कोरोना के इलाज का खर्च दो तिहाई तक कम किया है। दिल्ली में आइसोलेशन बेड के रेट पहले 24 से 25 हजार थे। अब 8,000 से 10,000 रु में बेड उपलब्ध हैं। बिना वेंटिलेटर के ICU के रेट 34 से 35 हजार थे, अब 13,000 से 15,000 रु में उपलब्ध हैं। वेंटिलेटर सहित ICU के रेट 44 से 45 हजार रु थे, वो हमने घटाकर 15,000 से 18,000 रुपए किए हैं।

न्यूज एजेंसी से बात करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली के लोगों की शिकायत थी कि निजी अस्पताल कोरोना इलाज के भारी रकम वसूल रहे हैं। इस संबंध में डॉ पॉल के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की गई है और फिर निजी अस्पतालओं में इलाज के खर्च की सीमा तय की गई। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 30 जून तक 30,000 बेड बन जाएंगे। रेलवे कोच में 8,000 बेड बन चुके हैं। डीआरडीओ एक विशेष अस्पताल बना रही है। जिसमें 250 आईसीयू बेड वेंटिलेटर के साथ होंगे। राधा स्वामी सत्संग न्यास के कैंपस में 10,000 बेड का अस्पताल बनाया है, इसे आईटीबीपी संचालित करेगी। हमने एनजीओ को भी कोरोना से लड़ाई में जोड़ा है। एनजीओ, एनसीसी, एसएसएस और स्काउट से हमें करीब 6000 वॉलेंटियर मिले हैं। 14 जून को दिल्ली में कुल 9,937 बेड्स उपलब्ध थे आज दिल्ली में लगभग 30 हजार बेड्स की व्यवस्था हो चुकी हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमने दिल्ली सरकार को तत्काल 550 ऑक्सीन सिलेंडर, 440 वेंटिलेटर दिए हैं। एंबुलेंस के लिए दिल्ली सरकार को हाहै कि प्राइवेट कंपनियों के साथ मिलकर इनकी जरूरत को पूरी कर सकते हैं। आने वाले समय में और मदद भी दिल्ली सरकार को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने कहा कि दिल्ली के बाहर के लोगों का यहां इलाज नहीं होगा, इस निर्णय को केंद्र सरकार ने बदला। अमित शाह ने कि दिल्ली में 30 जून तक कंटेनमेंट जोने के हर घर का सर्वेक्षण हो जाएगा। हमने टेस्टिंग को काफी बढ़ाया है। बाद में दिल्ली में घर-घर सर्वेक्षण किया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि कल तक के आंकड़ों के अनुसार प्रति 10 लाख आबादी में भारत में 357 लोग कोरोना संक्रमित हैं और विश्व में 1250 लोग संक्रमित हैं। अमेरिका में 7569, ब्रिटेन में 4537, ब्राजील में 5802 लोग, प्रति 10 लाख की आबादी में संक्रमित हैं।  उन्होंने कहा कि कोरोना में रिकवरी रेट जो 25 मार्च को 7.1 प्रतिशत था, वो आज के अनुसार 57 प्रतिशत है। ये बहुत अच्छी स्थिति है। विकसित देशों की तुलना में भारत ने इस लड़ाई को बहुत अच्छे से लड़ा है।

मोदी सरकार ने संभाला मोर्चा, जानिए दिल्ली को कोरोना मुक्त बनाने वाले दस अहम फैसले
दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामले और केजरीवाल सरकार के हाथ खड़े करने के बाद मोदी सरकार ने मोर्चा संभाल लिया है। प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली और महाराष्ट्र के हालात को लेकर काफी चिंतित है। उन्होंने दिल्ली में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मैदान में उतारा है। पिछले दिनों अमित शाह ने मुख्यमंत्री केजरीवाल, स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के अधिकारियों और एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया के साथ चर्चा की थी। इस बैठक में कोरोना मुक्त दिल्ली बनाने के लिए दस अहम फैसले लिए गए।

गृहमंत्री अमित शाह के 10 बड़े फैसले

पहला : दिल्ली में कोरोना से संक्रमित मरीजों के लिए बेड की कमी को देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने तुरंत 500 रेल्वे कोच दिल्ली को देने का निर्णय लिया है। इन रेलवे कोच से न सिर्फ दिल्ली में 8000 बेड बढ़ेंगे बल्कि यह कोच कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए सभी सुविधाओं से लैस होंगे।

दूसरा : दिल्ली के कन्टेनमेंट जोन में कॉन्टेक्ट मैपिंग अच्छे से हो पाए इसके लिए घर-घर जाकर हर एक व्यक्ति का व्यापक स्वास्थ्य सर्वे किया जायेगा, जिसकी रिपोर्ट 1 सप्ताह में आ जाएगी। साथ ही अच्छे से मॉनिटरिंग हो इसके लिए वहां हर व्यक्ति के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करवाई जाएगी।

तीसरा : दिल्ली में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अगले दो दिन में कोरोना की टेस्टिंग को बढ़ाकर दो गुना किया जायेगा और 6 दिन बाद टेस्टिंग को बढ़ाकर तीन गुना कर दिया जायेगा। साथ ही कुछ दिन के बाद कन्टेनमेंट जोन में हर पोलिंग स्टेशन पर टेस्टिंग की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।

चौथा : दिल्ली के छोटे अस्पतालों तक कोरोना के लिए सही जानकारी और दिशा निर्देश देने के लिए मोदी सरकार ने AIIMS में टेलीफोनिक गाइडेंस के लिए वरिष्ठ डॉक्टर्स की एक कमेटी बनाने का निर्णय लिया है। जिससे नीचे तक सर्वश्रेष्ठ प्रणालियों का संचार किया जा सके। इसका हेल्पलाइन नं. सोमवार को जारी हो जाएगा।

पाँचवां : दिल्ली के निजी अस्पताओं में कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए निजी अस्पतालों के कोरोना बेड में से 60% बेड कम रेट में उपलब्ध कराने, कोरोना उपचार और कोरोना की टेस्टिंग के रेट तय करने के लिए डॉ. पॉल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गयी है जो सोमवार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

छठा : सरकार ने अंतिम संस्कार के लिए नई गाइडलाइन्स जारी करने का निर्णय लिया है, जिससे अंतिम संस्कार की प्रतीक्षा अवधि कम कम हो जाएगी।

सातवां : इस क्रम में सरकार ने Scout guide,NCC,NSS और अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं को इस महामारी में स्वास्थ्य सेवाओं में वालंटियर के नाते जोड़ने का निर्णय लिया है।

आठवां : भारत सरकार ने दिल्ली सरकार को इस महामारी से लड़ने के लिए आवश्यक संसाधन जैसे ऑक्सीजन सिलिंडर, वेंटीलेटर, पल्स ऑक्सीमीटर और अन्य सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पुर्णतः आश्वस्त किया है।

नौवां : दिल्ली में कोरोना संक्रमण को रोकने और इससे मजबूती से लड़ने के लिए दिल्ली सरकार को भारत सरकार के और पांच वरिष्ठ अधिकारी देने का निर्णय किया गया है।

दसवां : सभी संबंधित विभाग और एक्सपर्ट्स को लिए गए सभी निर्णय पर अच्छे से अमल हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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