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राजस्थान सरकार के मंत्री शान्ति धारीवाल का ‘बेशर्म’ बयान : राजस्थान मर्दों का प्रदेश इसलिए रेप में नंबर वन, प्रियंका वाड्रा मंत्री की निर्लज्ज स्वीकारोक्ति पर क्या कहेंगी ?

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राजस्थान के संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने विधानसभा में रेप के बारे में ‘बेशर्म’ बयान दे डाला है। हैरानी की बात यह भी है कि उनके आपत्तिजनक बयान को करेक्ट करने के बजाए विधानसभा में मौजूद मंत्री और कांग्रेस विधायक ठहाके लगाते रहे। संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल के महिलाओं को अपमानित करने वाले इस बयान पर बवाल मचना ही था। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि मंत्री ने सदन को कलंकित करने का काम किया है। राजस्थान में पहली बार बिगड़ी कानून व्यवस्था चर्चा में हैं। रोज 18 मामले बलात्कार के दर्ज हो रहे हैं और मंत्रीजी को हंसी-ठठ्ठा सूझ रहा है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि संसदीय कार्यमंत्री को सदन और महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए।

यह राजस्थान तो मर्दों का प्रदेश रहा है यार…उसका क्या करें ?
विधानसभा में पुलिस और जेल की अनुदान मांगों पर बहस का जवाब देने के दौरान संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने राजस्थान को रेप में नंबर वन बताने के साथ उसके कारणों पर बेहद आपत्तिजनक बयान भी दे दिया। शांति धारीवाल ने कहा कि ये सच है कि राजस्थान रेप के मामलों में नंबर वन है. कुछ देर चुप रहकर बोले कि अब ये रेप के मामले क्यों हैं? फिर हंसते हुए कहा- वैसे भी यह राजस्थान तो मर्दों का प्रदेश रहा है यार…उसका क्या करें ? धारीवाल ने जब रेप के मामले बढ़ने को मर्दों के प्रदेश से जोड़कर बयान दिया तो किसी को गलती का अहसास नहीं हुआ।

रेप को मर्दानगी से जोड़ने के बयान का यू-ट्यूब पर सीधा प्रसारण
यह कहकर धारीवाल फिर हंसे तो कई मंत्री और कांग्रेस विधायक भी हंसने लगे। किसी ने धारीवाल को टोका तक नहीं। इस मौके पर सरकार के मंत्री और सत्ताधारी पार्टी के विधायक हंसते रहे। सरकार में तीन-तीन महिला मंत्री भी हैं, उनमें से भी किसी ने नहीं टोका। संसदीय कार्यमंत्री धारीवाल ने बताया कि रेप के मामले में रेप और रेप विद मर्डर के आंकड़े अलग-अलग हैं। रेप विथ मर्डर में राजस्थान 11 वें नंबर पर है। धारीवाल जिस वक्त रेप को मर्दानगी से जोड़ने का बयान दे रहे थे, उस वक्त विधानसभा की कार्यवाही का यू-ट्यूब पर सीधा प्रसारण चल रहा था। बड़ी संख्या में आम लोगों ने भी उनके बयान को सुना।

विपक्ष के विधायक सदन से बायकॉट करके चले गए थे
संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने जिस वक्त यह बयान दिया, उस वक्त सदन में विपक्ष के बीजेपी विधायक मौजूद नहीं थे। धारीवाल के जवाब शुरू होते ही उनकी टिप्पणियों से नाराज होकर बीजेपी विधायक सदन से बहिष्कार कर गए थे। ऐसे में विपक्ष की गैर मौजूदगी में दिए गए बयान पर किसी ने आपत्ति नहीं की। आपत्ति करना तो दूर सत्ता पक्ष के विधायक संसदीय कार्यमंत्री के गैर-जिम्मेदाराना बयान पर ठहाके ही लगाते रहे।

अपने मंत्री की निर्लज्ज स्वीकारोक्ति पर प्रियंका क्या कहेंगी
संसदीय कार्यमंत्री धारीवाल के बयान पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि सदन में प्रदेश में बलात्कार में एक नंबर पर होने की निर्लज्ज स्वीकारोक्ति और मर्दों की आड़ में नारी के प्रति स्तरहीन बयान प्रदेश की महिलाओं का अपमान है। पूनिया ने कहा कि धारीवाल ने इस बयान से पुरुषों की गरिमा को भी गिराया है। उन्हें सदन और महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अपने मंत्री के इस तरह के बयान पर अब प्रियंका जी क्या कहेंगी।

शांति धारीवाल ने सदन को कलंकित किया, माफी मांगें
उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि मंत्री ने सदन को कलंकित करने का काम किया है। भाजपा इसकी निंदा करती है, उन्हें सदन में माफी मांगनी होगी। बलात्कार के मामलों को लेकर राजस्थान को मर्दो का प्रदेश कहना और हंसना, साथ ही कांग्रेस के अन्य विधायकों का भी हंसना, बड़ा ही शर्मनाक है। कांग्रेसियों की इस हंसी ने सदन की गरिमा को गिराया है। राठौड़ ने धारीवाल की बात का जवाब देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा अपनी कानून व्यवस्था के बल पर ही सत्ता में लौटी है। लेकिन राजस्थान में बिगड़ी कानून व्यवस्था चर्चा में हैं। यहां रोज 18 मामले बलात्कार के दर्ज हो रहे हैं। सरकार इस दिशा में कुछ नहीं कर रही है।

अबलाओं की अस्मत पर यूपी में हंगामा, राजस्थान में चुप्पी
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को महिला होने के बावजूद लगता है महिलाओं की पीड़ा के कोई सरोकार नहीं है। न ही उनकी बेटी प्रियंका गांधी को राजस्थान की महिलाओं पर हो रहे अत्याचार नजर आते हैं। यह और बात है कि यदि यही अत्याचार उत्तर प्रदेश या अन्य किसी बीजेपी शासित राज्य में घटित हो जाएं तो वह सियासत करने का कोई मौका नहीं गंवाती हैे। महिलाओं की अस्मत लुटने के मामले में राजस्थान देशभर में शर्मसार हो रहा है, लेकिन राहुल-प्रियंका के कदम इस ओर नहीं उठ रहे हैे। क्योंकि यहां पर उनकी पार्टी की सरकार जो है। हाल ही में शिक्षा के मंदिरों में शिक्षकों के द्वारा छात्राओं के साथ यौैन अपराध सुर्खियों में हैं।

रेप में राजस्थान देशभर में पहले नंबर पर
नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं की अस्मत लुटने के मामले में राजस्थान देशभर में पहले नंबर पर है। एनसीआरबी के मुताबिक साल 2020 में देशभर में कुल 28046 रेप के मामले दर्ज हुए। इनमें से अकेले राजस्थान में ही 5310 बलात्कार के केस दर्ज हुए। हैरानी की बात यह भी है कि दूसरे नंबर पर आने वाले राज्य की तुलना में गहलोत सरकार के कार्यकाल में दोगुने मामले दर्ज हुए।

देश में मासूमों से 49 फीसदी रेप अकेले राजस्थान में
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार नाबालिगों के साथ तो राजस्थान में और भी बुरा हाल हो रहा है। हवस के दरिंदे मासूमों को भी नहीं बख्श रहे हैं। उन्हें प्रदेश की पुलिस का कोई खौफ नहीं है। 18 वर्ष से कम उम्र की बलात्कार पीड़िताओं की संख्या देशभर में 2640 रही। अकेले राजस्थान में ही 49 फीसदी यानी 1279 नाबालिगों का बलात्कार हुआ।

राजस्थान में कांग्रेस सरकार के आने के बाद बढ़े बलात्कार
ऐसा भी नहीं है कि सिर्फ पिछले साल में महिलाओं के साथ यह बर्बरता हुई। 2019 में भी राजस्थान में ऐेसे ही हालात थे। पुलिस की बजाए बलात्कारियों के हौसले बुलंद थे। इसी के कारण बेखौफ भूखे-भेड़ियों ने मासूम बच्ची, नाबालिग किशोरी, आदवासी महिला, बेटी और दलित विवाहिता किसी को भी नहीं बख्शा। गहलोत सरकार आने के बाद 2019 की पहली तिमाही में ही एक हजार से ज्यादा अबलाओं की अस्मत लुट चुकी थी।

हाथरस गैंगरेप पर हंगामा, राजस्थान पर मौन
आपको याद ही होगा कि पिछले साल सितंबर माह में यूपी के हाथरस में युवती के साथ बलात्कार के बाद पीड़िता की मौत का मामला कितना तूल पकड़ा था। हाथरस गैंगरेप की घटना के विरोध में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने हाथरस कूच किया था। नेता द्वय ने इस घटना के लिए योगी सरकार को जिम्मेवार ठहराया। दिलचस्प तथ्य यह है कि उसी सितंबर माह में उनकी पार्टी द्वारा शासित राजस्थान में बलात्कार की एक नहीं, कई घटनाएं हुईं, लेकिन यहां राहुल-प्रियंका ने बलात्कारियों को सजा दिलवाने के लिए आवाज उठाना तो दूर पीड़िताओं और उनके परिजनों से मिलना तक जरूरी नहीं समझा।

सदन में प्रदेश में बलात्कार में एक नंबर पर होने की निर्लज्ज स्वीकारोक्ति और मर्दों की आड़ में नारी के प्रति स्तरहीन बयान न केवल प्रदेश की महिलाओं का अपमान है बल्कि पुरूषों की गरिमा को भी गिराया है। @priyankagandhi जी अब क्या कहेंगी, क्या करेंगी ? pic.twitter.com/XWWuJZ7MPj

 

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