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ममता बनर्जी के बंगाल में खेतों में बोया जाता है बम, काटी जाती है मौत की फसल, अब तक 350 से अधिक बम बरामद

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पश्चिम बंगाल पूरी तरह अपराधियों और असामाजिक तत्वों के चंगुल में हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अराजक नेतृत्त्व के कारण राज्य में कानून और व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। आज बंगाल बारूद की ढेर पर बैठा है। बीरभूम जिले में रामपुरहाट नरसंहार की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि एक बड़ी हिंसा की तैयारी के खुलासे ने सबको चौका दिया है। राज्य के खेत बम उगल रहे हैं। पिछले दो दिनों की पुलिस छापेमारी में बंगाल की अलग-अलग जगहों से 350 से ज्यादा क्रूड बम मिले हैं।

सबसे ज्यादा बम बीरभूम के मारग्राम इलाके से 200 बम बरामद किए गए हैं। इसी क्रम में मुर्शिदाबाद के दो थाना क्षेत्र से 41 जिंदा बम, हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। बीरभूम के मारग्राम इलाके से बरामद बमों को चार बाल्टियों में रखा गया था। मारग्राम से हिंसा वाले बागटुई गांव की दूरी करीब 40 किमी है। जिले के एसपी नागेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि क्रूड बम बरामदगी को लेकर लगातार छापेमारी की जा रही है।

रेजिनगर थाना क्षेत्र के एकदला मधुदला में एक खेती की जमीन से 3 ड्रम बम बरामद होने से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। इसके बाद पुलिस पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। वहीं बम निरोधक दस्ते को भी सूचना दी गई। बम स्क्वॉड की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर बमों को डिफ्यूज किया। रानीनगर थाना क्षेत्र के नजराना में केले के खेत से 10 जिंदा सॉकेट बम बरामद हुए। रानीनगर थाना क्षेत्र के हरुदंगा से तीन बम, एक शटर पाइप गन और चार कारतूस भी बरामद किए गए।

रामपुरहाट नरसंहार और बम मिलने की खबरों पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल उठाया है। गौरतलब है कि बंगाल में बम हमले की चपेट में मंत्री से लेकर सांसद और विधायक तक आ चुके हैं। 2021 चुनाव प्रचार करने मुर्शिदाबाद गए तत्कालीन मंत्री जाकिर हुसैन बम हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पिछले दिनों कोलकाता के पास बीजेपी सांसद जगनाथ सरकार की कार पर बम से हमला किया गया था। वे इस हमले में बाल-बाल बच गए थे।

आइए देखते हैं ममता बनर्जी के गुंडाराज में किस तरह पश्चिम बंगाल हिंसा की आग में जल रहा है… 

टीएमसी के गुंडों ने 10 लोगों को जिंदा जलाकर मार डाला

21 मार्च, 2022 को बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट में 10 लोगों को जिंदा जलाकर मार डाला गया। बारशल ग्राम पंचायत के उप-प्रधान और टीएमसी नेता भादू शेख की हत्या के बाद टीएमसी के समर्थकों की हिंसक भीड़ ने 10 से 12 घरों में आग लगा कर बाहर से ताला लगा दिया, जिससे लोग जिंदा जलकर मर गए। टीएमसी के गुंडे इतने जालिम हो गए हैं कि उन्होंने जलते हुए लोगों को बचाने की कोशिश को भी नाकाम कर दिया। फायर ब्रिगेड के एक कर्मचारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि उन्होंने कम से कम 10 घरों को आग से बर्बाद पाया। उन्होंने कहा, ‘हमें कुछ स्थानीय लोगों ने आग बुझाने से भी रोका। अब तक हमें एक घर से 7 शव मिल चुके हैं। वह इतनी बुरी तरह से जले हैं कि यह भी नहीं पहचान हो पाई कि मरने वाले पुरुष थे, महिला थे या फिर नाबालिग हैं।’

निकाय चुनाव में टीएमसी के गुंडों द्वारा हिंसा व धांधली

पूरे देश के लोगों ने फरवरी 2022 में पश्चिम बंगाल के निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की गु़ंडागर्दी व आतंक को देखा। निकाय चुनावों में हिंसा और बूथ लूट को कवर करने के दौरान विभिन्न मीडिया हाउस के कम से कम नौ पत्रकारों को पीटा गया। कोन्नगर के वार्ड 10 के बीजेपी प्रत्याशी और पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्णा भट्टाचार्य पर हमला किया गया। बीजेपी का आरोप है कि उम्मीदवार को सड़क पर पीटा गया, जिससे उनके पैर में गंभीर चोट आई है। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।