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फ्रांस के बाद जर्मनी में भारत ने कट्टरपंथ और आतंकवाद के खिलाफ साझी लड़ाई पर दिया जोर, कहा- पीड़ित देशों को एकजुट होने की जरूरत

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फ्रांस के बाद ऑस्ट्रिया में आतंकी हमलों ने पूरे विश्व को झकझोर दिया है। ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में यहूदी उपासनागृह के करीब आतंकी हमला हुआ, जिसमें अब तक सात लोगों के मारे जाने और 15 लोगों के घायल होने की खबर है। इसी बीच भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी वैश्विक लड़ाई को तेज कर दिया है। फ्रांस के बाद जर्मनी पहुंचे भारत के विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला ने कट्टरपंथ और आतंकवाद की साझा लड़ाई में भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

जर्मनी में वार्ताकारों से विदेश सचिव ने स्पष्ट कहा कि रणनीतिक स्तर पर आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने के लिए यूरोप और जर्मनी के साथ हमारे साझा हित हैं। उन्होंने कहा कि मेरी यूरोप यात्रा ऐसे समय में भी हुई है जब हम यूरोप में कट्टरपंथ और उग्रवाद की अभिव्यक्ति के गवाह हैं। उन्होंने कहा, ‘हम सभी फ्रांस में हाल ही में हुए दुखद आतंकी हमलों से स्तब्ध हैं और हमारे आम लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए ये हमले खतरा हैं।’

विदेश सचिव ने कहा कि फ्रांस में हुए आतंकी हमले हमारे दीर्घकालिक दावे को बल देते हैं कि आतंक कोई सीमा नहीं जानता। दुर्भाग्य से आतंकवादियों को खास उद्देश्य और कार्रवाई में एकजुट किया जाता है जबकि हम पीड़ित देश एकजुट नहीं है। भारत ने आतंक के इन कृत्यों की कड़ी निंदा की है और राष्ट्रपति मैक्रोन और फ्रांस के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की है। 

विदेश सचिव ने पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला करते हुए कहा कि विडंबना यह है कि कुछ देश जो आतंक के जनक हैं, वे अंतरराष्ट्रीय सहानुभूति हासिल करने के लिए आतंक का शिकार होने का दावा कर रहे हैं। हमें इन चालों के बारे में पता होना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में आतंक का कोई औचित्य नहीं हो सकता। संतोष की बात है कि दुनिया आज तेजी से इसे महसूस कर रही है और इस पर काम कर रही है। 

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