साल 2025 ग्रामीण भारत के इतिहास में एक क्रांतिकारी बदलाव साल रहा। वे गांव जो कभी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करते थे, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के नए पावरहाउस बनकर उभरे हैं। अंत्योदय के संकल्प के साथ, ग्रामीण विकास विभाग ने इस साल इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल गवर्नेंस और महिला सशक्तिकरण के मोर्चे पर अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।
आइए, एक नजर डालते हैं ग्रामीण विकास मंत्रालय की कुछ खास उपलब्धियों पर:
सड़कें बनीं तो रास्ते खुले: पीएम ग्राम सड़क योजना
प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि सड़क सिर्फ आवाजाही का रास्ता नहीं, बल्कि समृद्धि का मार्ग है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना- PMGSY के तहत इस साल सड़क और पुल निर्माण पर 8,548 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस साल देशभर में 1,720 सड़क परियोजनाएं पूरी की गईं। करीब 8,700 किलोमीटर से ज्यादा नई सड़कें बनीं और 481 पुल तैयार हुए। इससे दूर-दराज और नदी-नालों से कटे इलाकों में बारहों महीने संपर्क मुमकिन हो सका। PMGSY सिर्फ सड़कें नहीं बना रही, सिस्टम भी मजबूत कर रही है। PMGSY ओएमएमएएस पोर्टल को ई-बैंक गारंटी से जोड़ा गया, जिससे ठेके और भुगतान की प्रक्रिया आसान हुई है। डेल्टा रिपोर्ट जैसे टूल्स से अब हर सड़क की प्रगति रियल-टाइम में देखी जा सकती है। निविदा प्रक्रिया भी पूरी तरह ऑनलाइन हो गई, जिससे गड़बड़ियों की गुंजाइश कम हुई है।
पक्के घर का सपना हुआ सच
प्रधानमंत्री मोदी ने संकल्प लिया था कि देश के हर गरीब के सिर पर अपनी पक्की छत होगी। इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए इस साल प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत करोड़ों परिवारों का गृह-प्रवेश हुआ। अब तक 4.14 करोड़ घरों का लक्ष्य तय हुआ है, जिनमें से करीब 2.92 करोड़ पूरे हो चुके हैं। पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान के कारण आवास+ ऐप और फेस रिकग्निशन तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार को खत्म कर सीधे पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाया जा रहा है।

महिलाओं की ताकत बनी अर्थव्यवस्था: DAY-NRLM
दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) 2025 में ग्रामीण महिलाओं के लिए सबसे बड़ा सहारा साबित हुआ। स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाएं सिर्फ बचत नहीं कर रहीं, बल्कि कारोबार भी संभाल रही हैं। इस दौरान देशभर में लाखों सेल्फ हेल्प ग्रुप, ग्राम संगठन और क्लस्टर फेडरेशन सक्रिय रहे।

आमदनी, बचत और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी
DAY-NRLM के असर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्वीकार किया गया है। अध्ययनों के मुताबिक, महिलाओं की आय में करीब 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता घटी है और बचत बढ़ी है। खेती, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और छोटे उद्योगों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। गांवों में आर्थिक फैसलों में महिलाओं की आवाज पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है।

लखपति दीदी: पीएम मोदी की ओर से आर्थिक सौगात
महिला सशक्तिकरण प्रधानमंत्री मोदी के एजेंडे में सबसे ऊपर रहा है। उन्होंने लाल किले की प्राचीर से 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का जो वादा किया था, वह 2025 में हकीकत में बदलता दिखा। पीएम मोदी के प्रोत्साहन से आज 2 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के जरिए सालाना एक लाख रुपये से ज्यादा कमा रही हैं। बैंकिंग सेवाओं को सरल बनाने के लिए 1.44 लाख बीसी सखी गांवों में तैनात की गई हैं, जो मोदी सरकार की डोरस्टेप बैंकिंग का बेहतरीन उदाहरण हैं।

जनमन पहल: सबसे दूर तक पहुंच
PM-जनमन पहल के तहत पीवीटीजी परिवारों के लिए आवास, सड़क और बुनियादी सुविधाओं पर खास फोकस रहा। दिसंबर 2025 तक करीब 4.7 लाख घरों को मंजूरी मिली और 2.4 लाख से ज्यादा पूरे हो चुके हैं। यह पहल उन इलाकों तक पहुंची, जहां सरकारी योजनाएं पहले मुश्किल से पहुंच पाती थीं।

हुनर से नौकरी तक: DDU-GKY
दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना-DDU-GKY ने 2025 में ग्रामीण युवाओं को हुनर देकर रोजगार से जोड़ा। अब तक करीब 18 लाख युवाओं को ट्रेनिंग मिली और 11 लाख से ज्यादा को नौकरी। साल 2025 में ही 82 हजार से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षित किया गया। खास बात यह रही कि महिलाओं, एससी-एसटी और दिव्यांगों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। रोशनी और हिमायत जैसे विशेष कार्यक्रमों ने नक्सल प्रभावित और सीमावर्ती इलाकों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा है।

स्वरोजगार की राह: RSETI
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) गांव के युवाओं के लिए उद्यमिता का स्कूल बनते जा रहे हैं। 625 RSETI में अब तक 59 लाख युवाओं को ट्रेनिंग दी गई। इनमें से 43 लाख से अधिक युवाओं ने खुद का काम शुरू किया या नौकरी पाई। RSETI 2.0 के तहत अब लोन लिंकेज और डिजिटल निगरानी पर ज्यादा जोर है। पीएम मोदी की मेक इन इंडिया मुहिम को सफल बनाने के लिए इन युवाओं को सीधे उद्योगों से जोड़ा जा रहा है।

मनरेगा का नया अवतार नया वीबी-जी राम जी कानून
भ्रष्टाचार मुक्त भारत के प्रधानमंत्री के विजन को लागू करते हुए मनरेगा में क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं। अब 99 प्रतिशत से अधिक भुगतान सीधे बैंक खातों (DBT) में जा रहे हैं, जिससे बिचौलियों का खेल खत्म हो गया है। अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (वीबी-जी राम जी) अधिनियम, 2025’ लागू किया गया। यह नया कानून अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी देता है। अब इसमें जल सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और प्राकृतिक खेती को प्राथमिकता दी जा रही है। ग्राम सभा की योजना, GIS आधारित निगरानी और सख्त सामाजिक ऑडिट से यह कानून ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

अमृत सरोवर: जल संरक्षण के लिए मोदी का जन-आंदोलन
पीएम मोदी के आह्वान पर शुरू किया गया मिशन अमृत सरोवर 2025 में एक जन-आंदोलन बन चुका है। अब तक 68,000 से ज्यादा सरोवर बनाए गए हैं। स्वतंत्रता दिवस और योग दिवस जैसे मौकों पर इन सरोवरों पर लाखों लोगों की भागीदारी पीएम मोदी के सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को चरितार्थ करती है।

सुरक्षा का सहारा: NSAP
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम ने बुज़ुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को आर्थिक सुरक्षा दी। 3 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों को पेंशन मिली। डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट और UMANG ऐप से प्रक्रिया आसान हुई। 44 लाख से ज्यादा लाभार्थियों का डिजिटल सत्यापन किया गया।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम #NSAP के तहत गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों, जरूरतमंद बुजुर्गों, दिव्यांगजनों एवं विधवाओं को सामाजिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। यह योजना इन लाभार्थियों को दे रही है एक सम्मानजनक जीवन जीने की आज़ादी।#MoRD #SchemesofRD #SocialAssistance… pic.twitter.com/xN4oPyxilq
— Ministry of Rural Development, Government of India (@MoRD_GoI) November 7, 2025
2025 में ग्रामीण विकास सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं रहा। यह साल उन सड़कों का रहा जो बच्चों को स्कूल और किसानों को बाजार तक ले गईं, उन घरों का रहा जिन्होंने सुरक्षा दी, और उन महिलाओं-युवाओं का रहा जिन्होंने आत्मनिर्भरता की नई परिभाषा लिखी। ग्रामीण भारत ने इस साल दिखा दिया कि सही नीतियों, तकनीक और समुदाय की भागीदारी से बदलाव मुमकिन है। यही बदलाव विकसित भारत की मजबूत नींव बनता दिख रहा है।









