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राहुल का ‘किताब कांड’ पड़ा उल्टा: पब्लिशर के बयान ने खोली पोल, अब FIR के फंदे में फंसी कांग्रेस!

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दिल्ली की सियासत में इन दिनों एक किताब ने ऐसा बवाल मचाया है कि कांग्रेस और लोकसभा मे विपक्ष के नेता राहुल गांधी खुद सवालों के घेरे में आ गए हैं। मामला है पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘Four Stars of Destiny’ का, जिसे लेकर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक हंगामा मचा हुआ है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में इस किताब के कुछ हिस्सों का हवाला देकर सरकार पर हमला करने की कोशिश की। मगर यहीं पर खेल उल्टा पड़ गया।

राजनीति में कहावत है- आधी-अधूरी जानकारी सेहत के लिए हानिकारक होती है, लेकिन कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के लिए यह सिर्फ सेहत नहीं, बल्कि कानूनी मुसीबत का सबब बनती दिख रही है। दरअसल में संसद में जिस किताब को ‘ब्रह्मास्त्र’ बनाकर राहुल गांधी सरकार पर वार कर रहे थे, अब उसी किताब के पब्लिशर ने उनके दावों की हवा निकाल दी है। पब्लिशर ने साफ कह दिया- किताब छपी ही नहीं है। पब्लिशर पेंगुइन रैंडम हाउस ने आधिकारिक बयान जारी कर सबको चौंका दिया है। पेंगुइन ने साफ कहा कि किताब न तो अभी पब्लिश हुई है, न ही इसकी कोई कॉपी (डिजिटल या प्रिंट) जनता के लिए जारी की गई है।

कंपनी ने यह भी कहा कि अगर कोई कॉपी कहीं घूम रही है, तो वह सीधा-सीधा कॉपीराइट का उल्लंघन है। अब सवाल यह उठ रहा है कि अगर पब्लिशर ने किताब छापी ही नहीं, तो राहुल गांधी सदन में क्या लहरा रहे थे? क्या राहुल गांधी के पास किताब की कोई गैर-कानूनी कॉपी है? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन में पहले ही कहा था कि किताब अभी पब्लिश नहीं हुई है, जिसे राहुल ने ‘झूठ’ करार दिया था। लेकिन अब पब्लिशर की सफाई ने राहुल गांधी को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।

अब मामला सिर्फ राजनीतिक तू-तू मैं-मैं तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है। जांच इस बात की हो रही है कि जो किताब अभी रक्षा मंत्रालय के रिव्यू में है और पब्लिश नहीं हुई, उसकी ‘टाइपसेट पीडीएफ’ इंटरनेट पर कैसे पहुंची? अगर राहुल गांधी उसी लीक कॉपी का इस्तेमाल कर रहे थे, तो उन पर कॉपीराइट एक्ट और आईटी एक्ट के तहत गाज गिर सकती है।

साफ है कि कांग्रेस जिस नैरेटिव के जरिए सरकार को घेरना चाहती थी, वह अब उसके अपने ही गले की फांस बन गया है। अब सोशल मीडिया पर तो जैसे मीम्स और आलोचनाओं की बाढ़ आ गई है। लोग राहुल गांधी को ट्रोल कर रहे हैं, तो कई लोग पूछ रहे हैं कि संसद को सर्कस क्यों बनाया गया? यूजर्स पूछ रहे हैं कि क्या राहुल गांधी ने देश की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी वाली किताब को गैर-कानूनी तरीके से हासिल किया? कुछ लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि उन पर ‘ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट’ लगना चाहिए। कुछ लोग इसे भारतीय लोकतंत्र का सबसे घटिया विपक्ष का सबसे घिनौना चेहरा बता रहे हैं। आप भी देखिए लोग सोशल मीडिया पर किस तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं…

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