प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज,9 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के हल्दिया में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए टीएमसी सरकार पर तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने बंगाल के गौरव को फिर से स्थापित करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ सीट जीतने का नहीं, बल्कि बंगाल की नींव को मजबूत करने और ‘निर्मम’ सरकार को विदाई देने का चुनाव है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जहां एक तरफ भारत तेजी से विकास कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल पीछे जा रहा है। कभी देश की औद्योगिक और व्यापारिक ताकत रहा बंगाल आज विकास के पैमानों पर नीचे खिसक गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की मौजूदा सरकार ने उद्योगों और निवेश का माहौल खराब कर दिया है।
तामलुक और हल्दिया का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक ताम्रलिप्त कभी एक समृद्ध पोर्ट सिटी हुआ करती थी, जबकि हल्दिया आधुनिक भारत का बड़ा औद्योगिक केंद्र था। लेकिन अब स्थिति ऐसी है कि फैक्ट्रियों में ताले लटक रहे हैं और नौजवान रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं।
PM Shri @narendramodi exposed Haldia’s collapse, from an employment hub to locked factories; how West Bengal’s youth are being pushed out to Andaman for survival. He asserted that under TMC, industry died while infiltration thrived. pic.twitter.com/FWvB9Vv4BR
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) April 9, 2026
प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में घुसपैठियों, दंगाइयों और अपराधियों को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि यहां उद्योग नहीं, बल्कि फर्जी दस्तावेज और तस्करी की इंडस्ट्री फल-फूल रही है। उन्होंने कहा कि टीएमसी की राजनीति भय और डर पर आधारित है, जबकि विकास के लिए भरोसा जरूरी होता है और ये भरोसा बीजेपी ही दे सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सिंडिकेट और कमीशन का राज है, जहां बिना कटमनी कुछ नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि सिर्फ बीजेपी ही ऐसा माहौल बना सकती है जहां उद्योग और निवेश पनप सके।
रैली में प्रधानमंत्री ने युवाओं के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के साथ डबल धोखा किया है—एक तरफ निजी क्षेत्र खत्म हो गया और दूसरी ओर सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार हावी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रियाओं में घोटालों ने हजारों युवाओं के सपनों को तोड़ दिया है। उन्होंने धर्म के आधार पर आरक्षण के मुद्दे पर भी तृणमूल कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के चलते संविधान की अनदेखी हो रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बीजेपी सरकार संविधान के अनुसार हर व्यक्ति को उसका अधिकार देगी और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने रोजगार को लेकर वादा किया कि अगर राज्य में बीजेपी की सरकार बनती है तो रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा और सरकारी नौकरियों को समयबद्ध तरीके से भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई बिचौलिया नहीं, कोई कट-कमीशन नहीं—यही बीजेपी का मॉडल होगा।
मछली पालन के मुद्दे पर भी मोदी ने राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इतनी संभावनाओं के बावजूद पश्चिम बंगाल आज भी मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर नहीं है और दूसरे राज्यों पर निर्भर है। उन्होंने बिहार और असम का उदाहरण देते हुए कहा कि बीजेपी सरकारों की नीतियों से वहां उत्पादन दोगुना हुआ है। पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार ‘PM’ नाम से जुड़ी योजनाओं को लागू करने में रुचि नहीं दिखाती। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के गरीबों और मछुआरों को नुकसान हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि इन योजनाओं का लाभ भी बंगाल के लोगों को पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने इसे नफरत की राजनीति करार दिया।
रैली के अंत में पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के लिए छह गारंटियां भी घोषित कीं। इनमें कानून व्यवस्था में सुधार, भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई, सरकारी सिस्टम को जवाबदेह बनाना, घुसपैठ पर रोक, शरणार्थियों को अधिकार और सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग का लाभ शामिल है।
उन्होंने लोगों से बीजेपी के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार ही बंगाल को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है। मोदी ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार भय की राजनीति को खत्म कर भरोसे का माहौल बनाएगी।









