प्रधानमंत्रनी नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और विजनरी नीतियों के चलते इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में नया रिकॉर्ड बन गया है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहे इस समिट में भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जिम्मेदार उपयोग को लेकर एक नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया है। इंडियाएआई मिशन के एआई रिस्पॉन्सिबिलिटी कैंपेन में सिर्फ 24 घंटे के अंदर ढाई लाख से ज्यादा लोगों ने शपथ ली। इसके साथ ही भारत ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपनी जगह बना ली। India AI Impact Summit 2026 में 24 घंटे में 2 लाख 50 हजार 946 छात्रों ने AI के जिम्मेदार उपयोग के लिए शपथ ली है। इससे भारत का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। एआई का इस्तेमाल करना आज के समय में जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी इसके बारे में लोगों में जागरूकता फैलाना भी है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इसी दिशा में उठाए गए जिम्मेदारी भरे कदम के बाद बना है।
पीएम मोदी के विजन से 2 लाख 50 हजार 946 ने ली शपथ
इस उपलब्धि की घोषणा भारत में हो रहे दुनिया के सबसे बड़े इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की। उन्होंने बताया कि ये 24 घंटे में एआई जिम्मेदारी के लिए सबसे ज्यादा शपथ लेने का विश्व रिकॉर्ड है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एडजुडिकेटर प्रवीण पटेल के अनुसार इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कुल 2,50,946 शपथ मिलीं, जो रिस्पॉन्सिबल टारगेट से कहीं ज्यादा हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पहल का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के विजन को दिया। उन्होंने कहा कि यह उनका विजन था, जिसकी वजह से AI के जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए स्कूलों और कॉलेजों से संपर्क किया गया।
पहले जानिए, क्या है AI responsibility campaign ?
बता दें कि AI responsibility अभियान, MeitY के तहत IndiaAI Mission द्वारा Intel India के सहयोग से चलाया गया था। इसने “Most pledges received for an AI responsibility campaign in 24 hours” कैटिगरी में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। इस अभियान के तहत छात्रों ने एआई के जिम्मेदार इस्तेमाल की शपथ ली है। AI जिम्मेदारी शपथ के लिए एक खास डिजिटल पोर्टल aipledge.indiaai.gov.in/ बनाया गया था। इसमें हिस्सा लेने वालों को जीवन से जुड़े सवालों के जरिए सोचने और समझने का मौका दिया गया, ताकि वे AI के जिम्मेदार उपयोग को बेहतर तरीके से समझ पाएं। IT सेक्रेटरी एस. कृष्णन ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि AI इम्पैक्ट समिट का एक्सपो एक दिन बढ़ाकर 21 फरवरी, 2026 तक कर दिया गया है ताकि सभी मल्टीलेटरल इवेंट्स खत्म होने के बाद अटेंडीज ज्यादा फ्लेक्सिबल सिक्योरिटी अरेंजमेंट के साथ आ सकें।
आइए, अब समझते हैं भारत ने इस एआई इंडिया समिट में कैसे नवाचार किए हैं, जिनकी गूंज विश्वस्तर पर हो रही है…
1.विश्व रिकॉर्ड की गूंज: एआई की शपथ ने इतिहास रचा
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 ने केवल एक कार्यक्रम का रूप नहीं लिया, बल्कि यह भारत की तकनीकी प्रतिबद्धता का वैश्विक उद्घोष बन गया। 24 घंटे के भीतर 2,50,946 छात्रों द्वारा एआई के जिम्मेदार उपयोग की शपथ लेना और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराना इस बात का प्रमाण है कि भारत केवल तकनीक अपनाने में नहीं, बल्कि उसके नैतिक उपयोग में भी अग्रणी बनना चाहता है। यह रिकॉर्ड बताता है कि देश की युवा शक्ति एआई को लेकर जागरूक है और जिम्मेदारी के साथ भविष्य गढ़ने को तैयार है। एआई रिस्पॉन्सिबिलिटी कैंपेन के तहत स्कूलों और कॉलेजों को जोड़कर जो व्यापक अभियान चलाया गया, वह अपने आप में अभूतपूर्व है। यह केवल एक डिजिटल शपथ नहीं थी, बल्कि सोचने-समझने और जिम्मेदार तकनीकी व्यवहार अपनाने की पहल थी।
2.दुनिया के सबसे बड़े एआई इंपैक्ट समिट का आयोजन कौशल
इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 को दुनिया का सबसे बड़ा एआई सम्मेलन है। सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, टेक कंपनियों, स्टार्टअप्स और नीति-निर्माताओं की उपस्थिति ने इसे वैश्विक मंच बना दिया। आयोजन की विशालता, तकनीकी प्रदर्शनी का पैमाना और बहुपक्षीय संवादों की गहराई आदि ने भारत की आयोजन क्षमता को नई ऊंचाई दी। यह समिट दिखाता है कि भारत केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि एआई नीति और नवाचार का निर्माता बन रहा है। समिट में एआई के उपयोग को सरकारी सेवाओं में शामिल करने की योजनाएं भी सामने आईं। स्मार्ट गवर्नेंस, डेटा-आधारित निर्णय और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए एआई का प्रयोग, ये सभी पहलें प्रशासनिक दक्षता के नए रिकॉर्ड स्थापित कर सकती हैं। इससे नागरिक सेवाओं की डिलीवरी तेज और प्रभावी बनेगी। यह तकनीक और नीति के समन्वय का सशक्त उदाहरण है।
3. स्टार्टअप शक्ति का प्रदर्शन: नवाचार का नया रिकॉर्ड
समिट के दौरान सैकड़ों एआई स्टार्टअप्स ने अपने समाधान प्रस्तुत किए। इनमें से कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, भाषा अनुवाद, साइबर सुरक्षा और स्मार्ट गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में प्रमुख रहे। यह भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की परिपक्वता का प्रमाण है। 2014 के बाद जिस तरह भारत दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप हब के रूप में उभरा है, उसका प्रभाव इस समिट में साफ दिखाई दिया। एआई आधारित समाधान की विविधता और सामाजिक उपयोगिता ने भारत को ‘इनोवेशन फॉर इम्पैक्ट’ के नए रिकॉर्ड की ओर अग्रसर किया। स्वास्थ्य निदान में एआई, किसानों के लिए स्मार्ट सलाह, छात्रों के लिए व्यक्तिगत लर्निंग प्लेटफॉर्म समिट में ऐसे अनेक समाधान सामने आए जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की क्षमता रखते हैं। यह ‘सबका साथ, सबका विकास’ के डिजिटल रूपांतरण का उदाहरण है। एआई को केवल व्यावसायिक लाभ तक सीमित न रखकर सामाजिक प्रभाव की दिशा में मोड़ना अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
4. हमारी वैश्विक साझेदारियां: भारत का कूटनीतिक रिकॉर्ड
इंडिया एआई इंपैक्ट समिट ने कई अंतरराष्ट्रीय समझौतों और सहयोगों का मार्ग प्रशस्त किया। बहुराष्ट्रीय कंपनियों और विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ अनुसंधान सहयोग, डेटा साझेदारी और एआई नैतिकता पर संयुक्त कार्य—ये सभी कदम भारत को वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र के केंद्र में स्थापित करते हैं। यह तकनीकी कूटनीति का नया अध्याय है। भारत ने भारतीय भाषाओं के लिए एआई मॉडल विकसित करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दिखाई। समिट में ऐसे कई प्लेटफॉर्म प्रस्तुत हुए जो हिंदी सहित तमिल, बंगाली, मराठी, कन्नड़ और अन्य भाषाओं में एआई सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। यह डिजिटल लोकतंत्रीकरण की दिशा में बड़ा कदम है। बहुभाषी एआई मॉडल भारत को वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए प्रेरणा बना सकते हैं।
5. भविष्य का संकल्प: एआई महाशक्ति बनने की राह
समिट के माध्यम से भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह एआई में केवल भागीदार नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता बनने का संकल्प रखता है। डेटा सेंटर विस्तार, सुपरकंप्यूटिंग क्षमता, सेमीकंडक्टर निर्माण और एआई अनुसंधान फंडिंग—इन सभी क्षेत्रों में योजनाबद्ध निवेश भविष्य के भारत की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। यह डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप आयोजित यह समिट भारत के आत्मविश्वास और तकनीकी परिपक्वता का प्रतीक बन गया है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से लेकर वैश्विक साझेदारियों तक, और स्टार्टअप नवाचार से लेकर जिम्मेदार एआई की शपथ तक—हर उपलब्धि इस बात का संकेत है कि भारत 21वीं सदी के तकनीकी मानचित्र पर अग्रणी स्थान लेने को तैयार है। इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प की ठोस आधारशिला है।









