पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के इतिहास में 22 फरवरी का दिन एक नए अध्याय के रूप में जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को मेरठ के दौरे पर रहेंगे, जहां वे न केवल इस क्षेत्र की सूरत बदलने वाली 12,930 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, बल्कि देश को अब तक की सबसे तेज और आधुनिक परिवहन प्रणाली की सौगात भी देंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा दोपहर करीब 12:30 बजे शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन से शुरू होगा, जहां वे मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री खुद मेरठ साउथ स्टेशन तक मेट्रो का सफर कर इसकी सुविधाओं और अत्याधुनिक तकनीक का जायजा लेंगे, जिसके बाद वे एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्र के नाम अपना संदेश देंगे।

इस दौरे का मुख्य आकर्षण 82 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर है, जिसे प्रधानमंत्री अब पूरी तरह राष्ट्र को समर्पित करने जा रहे हैं। वे भारत की पहली नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के उन शेष खंडों का भी उद्घाटन करेंगे, जो दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बीच की दूरी को बेहद कम कर देंगे। इनमें दिल्ली के भीतर सराय काले खान और न्यू अशोक नगर के बीच का 5 किलोमीटर का हिस्सा और उत्तर प्रदेश में मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच का 21 किलोमीटर का महत्वपूर्ण खंड शामिल है। नमो भारत ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़कर दिल्ली और मेरठ के बीच के फासले को कुछ ही मिनटों में समेट देगी, जिससे साहिबाबाद, गाजियाबाद और मोदीनगर जैसे प्रमुख शहरी केंद्र राजधानी दिल्ली से सीधे और तीव्र गति से जुड़ पाएंगे।

कनेक्टिविटी के इस महाजाल में सराय काले खान स्टेशन एक रणनीतिक मल्टी-मॉडल हब के रूप में उभरा है, जो यात्रियों को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन और आईएसबीटी जैसी सुविधाओं के बीच एक निर्बाध विकल्प प्रदान करेगा। इसके साथ ही मेरठ में शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम स्टेशनों के चालू होने से स्थानीय और अंतर-शहरी यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव मिलेगा। प्रधानमंत्री इस दौरान मेरठ दक्षिण और मोदीपुरम के बीच उस विशेष मेरठ मेट्रो सेवा का भी उद्घाटन करेंगे, जो नमो भारत के ही बुनियादी ढांचे पर संचालित होगी। यह देश में अपनी तरह की पहली और अनोखी पहल है, जहां एक ही ट्रैक पर दो अलग-अलग तरह की ट्रेन सेवाएं उपलब्ध होंगी।

120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली मेरठ मेट्रो भारत की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली बनने जा रही है, जो अपने पूरे सफर को मात्र 30 मिनट में तय करेगी। नमो भारत और मेरठ मेट्रो का यह तालमेल न केवल सड़क यातायात के दबाव को कम करेगा, बल्कि वाहनों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कटौती लाएगा। यह परियोजना केवल रफ्तार का प्रतीक नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री के उस दूरदर्शी दृष्टिकोण को भी प्रदर्शित करती है जिसमें आधुनिक, कुशल और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन के जरिए नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बेहतर कनेक्टिविटी से आने वाले समय में क्षेत्रीय व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक नई उड़ान प्राप्त होगी।









