स्वामी विवेकानंद की जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन सत्र में हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम शाम करीब 4:30 बजे शुरू होगा, जहां प्रधानमंत्री देशभर से आए लगभग 3,000 युवाओं और अंतरराष्ट्रीय प्रवासी युवा प्रतिनिधियों से सीधे संवाद करेंगे। यह आयोजन युवाओं के विजन को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने की एक बड़ी कोशिश है।
The stage is set for second edition of Viksit Bharat Young Leaders Dialogue 2026, where the young change-makers would present their vision and innovative ideas.
🗓️9th – 12th Jan 2026 at Bharat Mandapam pic.twitter.com/7WdbbVx3dY
— Central Bureau of Communication (CBC) (@CBC_MIB) January 8, 2026
इस संवाद कार्यक्रम में चुने हुए प्रतिभागी दस अलग-अलग विषयों पर प्रधानमंत्री के सामने अपना अंतिम प्रजेंटेशन देंगे। इसमें युवा शिक्षा, तकनीक और सामाजिक विकास जैसे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर अपने ऐसे सुझाव साझा करेंगे, जिन्हें जमीन पर उतारा जा सके। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ से संबंधित एक निबंध संकलन भी जारी करेंगे, जिसमें युवाओं के राष्ट्र निर्माण से जुड़े चुने हुए लेख शामिल हैं।

यह डायलॉग प्रधानमंत्री के उस आह्वान का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने लाल किले से एक लाख ऐसे युवाओं को राजनीति में लाने की बात कही थी जिनका कोई राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं है। यह मंच गैर-राजनीतिक युवाओं को बिना किसी पूर्वाग्रह के विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए एक राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।
Where young minds shape the nation’s direction. The Viksit Bharat Young Leaders Dialogue 2026 is a decisive initiative that connects India’s youth with policy-making, leadership, and the vision of the future
🗓️9th–12th January 2026
📍Bharat Mandapam, New Delhi📽️Watch to know… pic.twitter.com/4ZxYmvSTlM
— PIB India (@PIB_India) January 10, 2026
9 से 12 जनवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम में देश भर के 50 लाख से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले इन 3,000 प्रतिभागियों का चयन एक कठिन तीन-स्तरीय प्रक्रिया डिजिटल क्विज, निबंध प्रतियोगिता और राज्य-स्तरीय प्रस्तुति के जरिए किया गया है। यह चयन प्रक्रिया पूरी तरह से मेरिट पर आधारित रही है।

दूसरे संस्करण में ‘डिजाइन फॉर भारत’ और ‘टेक फॉर विकसित भारत’ जैसी नई पहलों को जोड़ा गया है, जो सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देती हैं। साथ ही, पहली बार अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को शामिल कर इस डायलॉग को वैश्विक पहचान दी गई है, जिससे भारतीय युवा दुनिया की चुनौतियों पर भी अपना नजरिया पेश कर सकेंगे।










