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प्रधानमंत्री मोदी कल राजकोट में ट्रेड शो के साथ करेंगे वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल, 11 जनवरी 2026 को राजकोट के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे कच्छ और सौराष्ट्र के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देने वाले ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ में शामिल होंगे। यह आयोजन राजकोट की मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में होने जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर लगभग 1:30 बजे होगी। प्रधानमंत्री सबसे पहले सम्मेलन के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में आयोजित ‘ट्रेड शो’ का उद्घाटन करेंगे। इस ट्रेड शो में कच्छ और सौराष्ट्र के उद्योगों की विविधता और उनकी ताकत को प्रदर्शित किया जाएगा। यहां स्थानीय उद्यमियों को अपने उत्पादों और नवाचारों को वैश्विक मंच पर दिखाने का मौका मिलेगा।

इसके ठीक बाद, दोपहर 2:00 बजे प्रधानमंत्री मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में मुख्य सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान वे एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री यहां 14 ‘ग्रीनफील्ड स्मार्ट गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन’ (GIDC) एस्टेट के विकास की घोषणा करेंगे। ये स्मार्ट GIDC एस्टेट्स पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इनका निर्माण इस तरह किया जाएगा कि यहां आने वाले उद्योगों को न केवल बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मिले, बल्कि पर्यावरण का भी पूरा ख्याल रखा जा सके। इसके अलावा, राजकोट के लिए एक बड़ी उपलब्धि ‘मेडिकल डिवाइस पार्क’ का उद्घाटन होगा। यह पार्क स्वास्थ्य उपकरणों के निर्माण का बड़ा केंद्र बनेगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी और स्थानीय स्तर पर इंजीनियरिंग क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

यह क्षेत्रीय सम्मेलन 11 से 12 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य फोकस कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के 12 जिलों की विशिष्ट आवश्यकताओं और वहां मौजूद संसाधनों पर है। इस सम्मेलन के जरिए सरकार का लक्ष्य यहां के उद्योगों को आधुनिक तकनीक और वैश्विक निवेश से जोड़ना है। सम्मेलन के दौरान निवेश के लिए जिन मुख्य क्षेत्रों को चुना गया है, उनमें सिरेमिक, इंजीनियरिंग, पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स शामिल हैं। ये क्षेत्र सौराष्ट्र की अर्थव्यवस्था की मजबूती के मुख्य स्तंभ रहे हैं।

क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को विविधता देने के लिए सम्मेलन में मत्स्य पालन, पेट्रोकेमिकल्स, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र रखे गए हैं। खनिज और ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम भी इस चर्चा का अहम हिस्सा होंगे। सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में कच्छ की जो क्षमता है, उसे बड़े निवेश में बदलने के लिए कई अहम समझौतों की उम्मीद की जा रही है। कौशल विकास, स्टार्टअप और एमएसएमई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि औद्योगिक विकास का लाभ सीधे तौर पर युवाओं और छोटे उद्यमियों तक पहुंचे।

वाइब्रेंट गुजरात का यह क्षेत्रीय संस्करण भी वैश्विक स्वरूप ले चुका है। इस सम्मेलन के लिए जापान, दक्षिण कोरिया, रवांडा और यूक्रेन को ‘पार्टनर कंट्री’ के रूप में शामिल किया गया है। इन देशों की भागीदारी से साफ है कि कच्छ और सौराष्ट्र के उत्पादों की मांग और वहां निवेश की रुचि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी है। इन देशों के प्रतिनिधियों के साथ होने वाली चर्चाओं से द्विपक्षीय व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे। यह न केवल निवेश लाएगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स समझने में भी मदद करेगा।

वाइब्रेंट गुजरात के सफल मॉडल को अब राज्य के हर हिस्से में ले जाया जा रहा है। इसका उद्देश्य विकास को विकेंद्रीकृत करना है, ताकि सिर्फ बड़े शहर ही नहीं बल्कि हर क्षेत्र अपनी पहचान बना सके। इस सीरीज का पहला क्षेत्रीय सम्मेलन अक्टूबर 2025 में मेहसाणा में उत्तर गुजरात के लिए आयोजित किया गया था। राजकोट का यह आयोजन इसी कड़ी का दूसरा चरण है। इसके बाद सरकार अप्रैल और जून 2026 में दक्षिण गुजरात के सूरत और मध्य गुजरात के वडोदरा में रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित करने वाली है। यह रणनीति राज्य के हर कोने में ‘व्यापार करने की सुगमता’ सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

यह पूरा आयोजन प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के व्यापक विजन का एक हिस्सा है। सरकार का मानना है कि जब क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाएं सशक्त होंगी, तभी पूरा देश आर्थिक रूप से समृद्ध होगा। इन सम्मेलनों के जरिए नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका सीधा असर स्थायी रोजगार पैदा करने और स्थानीय युवाओं के कौशल को निखारने पर पड़ेगा। क्षेत्रीय उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए यह मंच एक बेहतरीन अवसर है। इससे न केवल निवेश आकर्षित होगा, बल्कि क्षेत्रीय गौरव को भी वैश्विक पहचान मिलेगी।

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