भारत और ब्राजील ने अपने द्विपक्षीय संबंधों में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ते हुए आगामी पांच वर्षों में व्यापार को 20 बिलियन डॉलर के पार ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। 21 फरवरी को नई दिल्ली में ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के साथ एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच का व्यापार केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि आपसी विश्वास का प्रतिबिंब है। राष्ट्रपति लूला की इस यात्रा ने न केवल AI Impact Summit की शोभा बढ़ाई, बल्कि रक्षा, ऊर्जा और तकनीक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रणनीतिक तालमेल को एक नई ऊर्जा भी प्रदान की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों का सहयोग अब केवल द्विपक्षीय लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे ग्लोबल साउथ के भविष्य को दिशा देने वाला है। ऊर्जा सुरक्षा से लेकर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तक, भारत और ब्राजील एक ऐसी ‘win-win’ पार्टनरशिप की ओर बढ़ रहे हैं, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को अधिक लचीला बनाएगी।

भविष्य की तकनीकों पर विशेष जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत और ब्राजील मिलकर ब्राजील में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक ‘Centre of Excellence’ स्थापित करने पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुपर कंप्यूटर और सेमीकंडक्टर्स जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने समावेशी विकास का मंत्र देते हुए कहा, “Technology must be inclusive and it must become a bridge for shared progress.” यह बयान दर्शाता है कि दोनों देश तकनीक का उपयोग समाज के हर वर्ग को जोड़ने के लिए करना चाहते हैं।

रक्षा और क्रिटिकल मिनरल के क्षेत्र में हुए समझौते भी इस यात्रा के मुख्य आकर्षण रहे। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ये कदम एक-दूसरे के प्रति भरोसे और रणनीतिक तालमेल का बेहतरीन उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल मिनरल और रेयर अर्थ में जो समझौता हुआ है, वो रिजिल्यन्ट सप्लाई चेन के निर्माण में एक बड़ा कदम है।

जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा की वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों नेताओं ने ठोस रणनीति साझा की। इथेनॉल ब्लेंडिंग और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री ने ग्लोबल बायो-फ्यूल अलायंस में ब्राजील की सक्रिय भूमिका की सराहना की। इसके साथ ही, कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के जरिए फूड सिक्योरिटी को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वास्थ्य क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि भारत से ब्राजील को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी। साथ ही, ब्राजील में आयुर्वेद के विस्तार की योजना है। उन्होंने कहा कि ब्राजील में आयुर्वेद और पारंपरिक मेडिसिन का भी विस्तार किया जाएगा, ताकि होलिस्टिक हेल्थकेयर को बढ़ावा मिले। यह पहल पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाएगी।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और ब्राजील ने एक सुर में वैश्विक संस्थानों में सुधार की वकालत की। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया कि जब दो बड़े लोकतंत्र साथ आते हैं, तो दुनिया पर उसका व्यापक असर पड़ता है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भारत और ब्राजील एकमत हैं कि आतंकवाद और उसके समर्थक पूरी मानवता के शत्रु हैं। दोनों देशों ने संवाद और कूटनीति को ही हर समस्या का समाधान माना है।

अंत में राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि मुझे पूरा विश्वास है कि आपकी यह यात्रा हमारी रणनीतिक साझेदारी को और गहराई देगी और आने वाले वर्षों में सहयोग के नए आयाम स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि आपकी यात्रा न केवल व्यापारिक रिश्तों को मजबूती देने वाली साबित हुई है, बल्कि इसने वैश्विक पटल पर विकासशील देशों की स्थिति को और अधिक सशक्त बना दिया है।









