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भारत-फ्रांस मिलकर करेंगे भविष्य की अगुवाई: पीएम मोदी ने 2026 को घोषित किया ‘ईयर ऑफ इनोवेशन’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 फरवरी को मुंबई में ‘भारत-फ्रांस नवाचार मंच’ के दौरान एक ऐतिहासिक एलान करते हुए वर्ष 2026 को ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन’ के रूप में मनाने की घोषणा की। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह साझेदारी केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि दुनिया को नई दिशा देने का एक साझा संकल्प है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने कई स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी सेक्टर्स में साथ काम किया है। इसी सहयोग ने रिश्तों को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ के स्तर तक पहुंचाया है। उनका मानना है कि आने वाले समय में भारत और फ्रांस की कलेक्टिव क्रिएटिविटी दुनिया का बेहतर भविष्य तय करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने देश के बढ़ते स्टार्टअप ईकोसिस्टम पर गर्व जताते हुए कहा कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में भारत 4 यूनिकॉर्न से बढ़कर 120 से अधिक यूनिकॉर्न तक पहुंच गया है, जिनकी कुल वैल्यू 350 बिलियन डॉलर से ज्यादा है। प्रधानमंत्री ने इसे भारतीय युवाओं का ‘कैन डू ऑप्टिमिज्म’ बताया।

प्रधानमंत्री ने देश में नवाचार के लिए तैयार किए गए बुनियादी ढांचे का जिक्र करते हुए अटल इनोवेशन मिशन की सराहना की। उन्होंने बताया कि 24 फरवरी को इस मिशन के 10 साल पूरे हो रहे हैं। आज 10,000 से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से 1 करोड़ से ज्यादा छात्र तकनीक और रिसर्च से जुड़ चुके हैं, जो भविष्य के भारत की नींव रख रहे हैं।

उन्होंने इस बात पर विशेष खुशी जताई कि भारत में ‘वुमेन लेड इनोवेशन’ तेजी से बढ़ रहा है। आज लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है। साथ ही, उन्होंने बताया कि भारत एआई, क्वांटम, बायोटेक और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में ‘मिशन मोड’ पर काम कर रहा है, ताकि तकनीक मानवता की सेवा कर सके।

दोनों देशों के बीच टैलेंट के आदान-प्रदान पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि फ्रांस ने 2030 तक 30 हजार भारतीय छात्रों का स्वागत करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि जून 2026 में फ्रांस में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का आयोजन होगा, जिसमें भारतीय स्टार्टअप्स दुनिया के सामने क्लाइमेट और हेल्थ जैसे बड़े संकटों के समाधान पेश करेंगे।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने फ्रांस और दुनिया भर के लीडर्स, सीईओ, इन्वेस्टर्स और यूनिवर्सिटीज को भारत के साथ जुड़ने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि आइए मिलकर ऐसा भविष्य बनाएं, जहां टेक्नोलॉजी मानवता की सेवा करे और विकास समावेशी हो। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ‘मित्र’ का आभार जताते हुए कहा कि भारत-फ्रांस की दोस्ती और मजबूत होगी। उनके मुताबिक, यह साझेदारी सिर्फ दो देशों के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए नए अवसर लेकर आएगी।

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