नई दिल्ली के भारत मंडपम में बुधवार, 19 फरवरी को ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ का भव्य आगाज हुआ। इस वैश्विक मंच पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत की डिजिटल शक्ति की जमकर सराहना की। मैक्रों ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भारत ने वह मुकाम हासिल कर लिया है, जो दुनिया का कोई और देश नहीं कर पाया।
भारत की तारीफ करने के साथ ही एक तरह से कांग्रेस पर तंज कसते हुए मैक्रों ने कहा कि भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं बना रहा, बल्कि समाज को बदलने वाली क्रांति की नींव रख रहा है। प्रेसिडेंट मैक्रों ने अपने भाषण में एक उदाहरण देते हुए कहा कि एक दशक पहले मुंबई का एक सड़क विक्रेता बैंक खाता नहीं खोल सकता था। लेकिन आज वही विक्रेता मोबाइल फोन से डिजिटल पेमेंट ले रहा है। उन्होंने इसे भारत की सबसे बड़ी कामयाबी बताया और कहा कि यह सिर्फ टेक्नोलॉजी की कहानी नहीं, यह सभ्यता के बदलाव की कहानी है।
#WATCH | Delhi: At the #IndiaAIImpactSummit2026, French President Emmanuel Macron says, “10 years ago, a street vendor in Mumbai could not open a bank account. No address, no papers, no access and today the same vendor accepts payments on his phone…”
(Source: DD News) pic.twitter.com/GYzgmu1Eqg
— ANI (@ANI) February 19, 2026
राष्ट्रपति मैक्रों का यह बयान परोक्ष रूप से कांग्रेस राज की पुरानी व्यवस्थाओं पर एक बड़ा कटाक्ष है। कांग्रेस काल में दशकों तक जिस तबके को सिस्टम से बाहर रखा गया, आज वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार में डिजिटल इंडिया की मुख्यधारा में है। उन्होंने जिस प्रकार से 10 साल पहले की No access वाली व्यवस्था का जिक्र किया, वह सीधे तौर पर पिछले शासनकालों की विफलता और वर्तमान मोदी सरकार की ‘डिजिटल क्रांति’ की सफलता पर मुहर लगाता है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत ने जो डिजिटल मॉडल तैयार किया है, वह दुनिया में अद्वितीय है। उन्होंने खास तौर पर 1.4 अरब लोगों की डिजिटल पहचान प्रणाली आधार, हर महीने 20 अरब से ज्यादा डिजिटल लेनदेन करने वाला UPI, 50 करोड़ से अधिक डिजिटल हेल्थ आईडी वाला हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया आज इस पूरे ढांचे को India Stack के नाम से जानती है र यह एक ओपन और सबके लिए सुलभ सिस्टम है।
#WATCH | Delhi: At the #IndiaAIImpactSummit2026, French President Emmanuel Macron says, “India built something that no other country in the world has built. A digital identity for 1.4 billion people. A payment system that now processes 20 billion transactions every month. A… pic.twitter.com/tWLR9X4Gh3
— ANI (@ANI) February 19, 2026
भारत और फ्रांस के बीच एआई सहयोग पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले साल पेरिस में शुरू हुआ सफर अब एक वैश्विक मार्गदर्शक सिद्धांत बन चुका है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानवता को तेजी से नवाचार करने, स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा, परिवहन, कृषि और सार्वजनिक सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने में सक्षम बनाएगी, जो मानव जाति के हित में होगा। हम दोनों इस क्रांति में विश्वास करते हैं। एआई रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का एक प्रमुख क्षेत्र बन गया है, और बड़ी तकनीकी कंपनियां और भी बड़ी हो गई हैं।
#WATCH | Delhi: At the #IndiaAIImpactSummit2026, French President Emmanuel Macron says, “Last year when France and India co-hosted the AI Action Summit in Paris, we set a global guiding principle for technologies that would transform our societies and our economies. We say that… pic.twitter.com/vhCF3hn7Ud
— ANI (@ANI) February 19, 2026
साफ है इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 से एक साफ संदेश गया है कि भारत सिर्फ AI यूजर नहीं, बल्कि AI लीडर बनने की राह पर है। समिट में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित 500 से ज्यादा एआई विशेषज्ञ, 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि, 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष और 60 से अधिक देशों के मंत्री हिस्सा ले रहे हैं।









