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क्या गांधी परिवार ने दशकों तक किया भारत के रणनीतिक हितों का सौदा? टॉप ट्रेंड हो रहा है #CompromisedCongress, आप भी देखिए

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आज सुबह से ही #CompromisedCongress टॉप ट्रेंड कर रहा है। यूजर्स पुराने दस्तावेजों, ऐतिहासिक भूलों और रक्षा सौदों का हवाला देकर कांग्रेस पार्टी, खासकर गांधी परिवार पर तीखा हमला बोल रहे हैं। लोगों का आरोप है कि आजादी के बाद से ही कांग्रेस की नीतियों में देश प्रथम के बजाय परिवार और निजी हित सर्वोपरि रखा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ट्वीट्स में लोग आरोप लगा रहे हैं कि नेहरू काल में भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट को ठुकरा कर चीन का समर्थन किया, जो आज भारत के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुका है। यूजर्स का कहना है कि तिब्बत को बफर स्टेट के रूप में खोना और अक्साई चिन कॉरिडोर पर चुप्पी साधना देश की अखंडता के साथ बड़ा समझौता था। इतना ही नहीं लोग 1971 की ऐतिहासिक जीत के बाद हजारों पाकिस्तानी युद्धबंदियों को बिना कोई रणनीतिक लाभ के छोड़ देने को कांग्रेस का सरेंडर बता रहे हैं।

सोशल मीडिया पर लोग यह भी कह रहे हैं कि शीत युद्ध के दौरान भारत की खुफिया एजेंसियों और सरकारी मशीनरी में विदेशी ताकतों की पैठ बढ़ी। लोगों का आरोप है कि गांधी परिवार के शासनकाल में विदेशी फंडिंग और पारिवारिक नेटवर्किंग ने देश की सुरक्षा लाइनों को ‘सौदेबाजी की मेज’ पर लाकर खड़ा कर दिया।

लोगों का कहना है कि गांधी परिवार के नेतृत्व में जीप घोटाले से लेकर बोफोर्स और फिर वीवीआईपी चॉपर घोटाले तक, रक्षा खरीद में भ्रष्टाचार की एक लंबी श्रृंखला रही है। राहुल गांधी द्वारा हाल के वर्षों में विदेशी धरती पर जाकर भारत की आलोचना करने और चीन के साथ गुप्त समझौते के आरोपों को भी लोग पुरानी फाइलों से खंगाल- खंगाल कर निकाल शेयर कर रहे हैं। आप भी देखिए लोग किस तरह से कांग्रेस और गांधी परिवार को लताड़ लगा रहे हैं…

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