प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के जंगीपुर में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए टीएमसी सरकार पर तीखा हमला बोला।उन्होंने कहा कि बंगाल अब बदलाव के लिए तैयार है और बीजेपी का संकल्प पत्र सिर्फ चुनावी वादा नहीं, बल्कि टीएमसी के महाजंगलराज और सिंडिकेटराज के अंत का शंखनाद है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत बीजेपी के संकल्प पत्र से करते हुए कहा कि 4 मई के बाद बनने वाली बीजेपी की नई सरकार में विकास की 6 बड़ी गारंटियां लागू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि हमारा घोषणापत्र केवल चुनावी वादा नहीं है, बल्कि यह बंगाल के भविष्य का रोडमैप है। अब बंगाल में डर और भय का नहीं, बल्कि अवसरों का युग शुरू होगा।
महिलाओं को लेकर उन्होंने कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार बनते ही महिलाओं के खाते में हर महीने 3000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे और सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को सुरक्षा और आत्मनिर्भरता दोनों मिलेगी।
युवाओं और शिक्षा पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में AIIMS, IIT और IIM जैसे बड़े संस्थान स्थापित किए जाएंगे। इससे बंगाल के युवाओं को बेहतर शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बहुत खेला हो चुका है। अब 4 मई के बाद ये भ्रष्टाचारी भागते नजर आएंगे। जनता का हक खाने वालों के लिए रेड कारपेट नहीं, बल्कि जेल के दरवाजे खुलेंगे। उन्होंने संदेशखाली और आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल की जनता बलात्कारियों को बचाने वाली सरकार को कभी माफ नहीं करेगी।
पीएम मोदी ने बांग्ला भाषा में ‘एई शब, छोलबे ना’ (यह सब अब नहीं चलेगा) का नारा देते हुए कहा कि जैसे बंगाल ने अंग्रेजों, कांग्रेस और लेफ्ट के अहंकार को तोड़ा था, वैसे ही अब टीएमसी का अहंकार चूर-चूर होगा। उन्होंने कहा कि टीएमसी अब लेफ्ट की ‘कार्बन कॉपी’ बन गई है। कट-कमीशन, जबरन वसूली और वोट के लिए हिंसा का दौर अब खत्म होने वाला है।
बंगाल का इतिहास रहा है, बंगाल जब परिवर्तन की ठान लेता है, तो उसे दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं पाती।
आजादी की लड़ाई से लेकर आजादी के बाद तक, जिस-जिसने बंगाल को चुनौती दी, उसका अहंकार चूर-चूर हो गया।
पहले अंग्रेजों का अहंकार टूटा, फिर कांग्रेस का अहंकार टूटा, फिर लेफ्ट का अहंकार… pic.twitter.com/ADbhE8e1FT
— BJP (@BJP4India) April 11, 2026
सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देते हुए प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि बंगाल में बीजेपी सरकार बनने पर 45 दिनों के भीतर सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि केंद्रीय कर्मचारियों की तरह बंगाल के कर्मी भी बढ़े हुए डीए और भविष्य में आठवें वेतन आयोग के हकदार होंगे।
भाषण के आखिर में उन्होंने पहचान और सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में घुसपैठ और तुष्टिकरण की राजनीति हो रही है, जिससे जनसांख्यिकी और सांस्कृतिक पहचान प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता बदलने का नहीं, बल्कि बंगाल की पहचान बचाने का है।









