राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ का समापन किसी उत्सव से कम नहीं रहा। 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश-दुनिया से आए हजारों युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि आज भारत की बागडोर जिस ‘अमृत पीढ़ी’ के हाथ में है, उसकी क्षमता का अंदाजा पूरी दुनिया लगा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘साल 2047 में, जब हमारी आजादी के 100 साल होंगे, वहां तक की यात्रा भारत के लिए भी अहम है, और यही वो समय है, जो आपके जीवन में भी सबसे महत्वपूर्ण है, यानी बड़ी golden opportunity है आपके लिए। आपका सामर्थ्य, भारत का सामर्थ्य बनेगा, आपकी सफलता, भारत की सफलता को नई ऊंचाइयां जरूर देगी।’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत हल्के-फुल्के अंदाज में की। उन्होंने मजाकिया लहजे में युवाओं से पूछा कि कहीं वे दो दिन से सुन-सुनकर थक तो नहीं गए? उन्होंने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि जब मैं पहली बार सीएम बना था, तब शायद आपमें से कई लोग पैदा भी नहीं हुए होंगे, लेकिन आज आप विकसित भारत के लक्ष्य को कंधे पर उठाए हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मुझे हमेशा युवा पीढ़ी पर बहुत ज्यादा विश्वास रहा है। आपका सामर्थ्य, आपका टैलेंट, मैं हमेशा आपकी एनर्जी से, खुद भी एनर्जी पाता रहा हूं। और आज आप सभी विकसित भारत के लक्ष्य की बागडोर थामे हुए हैं।’

पीएम मोदी ने कहा कि बहुत कम समय में यह डायलॉग एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन गया है। ऐसा मंच, जहां देश के विकास की दिशा तय करने में युवाओं की सीधी भागीदारी हो रही है। उन्होंने आंकड़े गिनाते हुए बताया कि 50 लाख से ज्यादा युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया, 30 लाख से ज्यादा युवाओं ने विकसित भारत चैलेंज में हिस्सा लिया। उन्होंने इसे अभूतपूर्व बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया में थिंक टैंक की बहुत चर्चा होती है, लेकिन यह प्लेटफॉर्म किसी एक टैंक जैसा नहीं बल्कि एक विशाल सागर जैसा है। लाखों युवाओं का एक लक्ष्य को लेकर मंथन होना, अपने आप में दुनिया के लिए एक अनोखा मॉडल है। उन्होंने कहा कि यह थिंक टैंक नहीं, बल्कि ‘थिंक वेब’ है, जो समय से आगे की सोच और गहराई वाले विचारों को जोड़ रहा है।

स्टार्टअप्स पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले स्टार्टअप शब्द भी अनसुना था, लेकिन आज युवा रॉकेट बना रहे हैं और 3D प्रिंटेड इंजन से दुनिया को चौंका रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि पहले जो सेक्टर सिर्फ सरकार के भरोसे थे, उनके दरवाजे अब युवाओं के लिए पूरी तरह खुल चुके हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ पता चलता है कि अमृत पीढ़ी कितनी संकल्पित और क्रिएटिव है। उन्होंने कहा कि आज भारत की जेन-जी का मिजाज दुनिया देख रही है और यह पीढ़ी विकसित भारत की नींव मजबूत करेगी।
डिजिटल इंडिया को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि इससे क्रिएटर्स की एक नई कम्युनिटी खड़ी हुई है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि भारत को अपनी कहानियों, जैसे रामायण और महाभारत को गेमिंग की दुनिया में ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारे हनुमान जी पूरी दुनिया की गेमिंग को लीड कर सकते हैं।” इससे न सिर्फ हमारा कल्चर एक्सपोर्ट होगा, बल्कि ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने युवाओं से कहा कि रिस्क लेने से न डरें, सरकार उनके साथ खड़ी है।

गुलामी की मानसिकता पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि मैकाले ने भारतीयों को मानसिक गुलाम बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने युवाओं को चुनौती दी कि 10 साल बाद मैकाले के उस दौर को 200 साल पूरे होंगे, और यह युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे अपनी विरासत पर गर्व करें और इस पुरानी मानसिकता को पूरी तरह धो डालें। आर्थिक मोर्चे पर प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि अब 12 लाख रुपये तक की कमाई पर टैक्स जीरो है, जो नए उद्यमियों के लिए बड़ी बचत है। साथ ही उन्होंने स्किलिंग के लिए ‘पीएम सेतु’ और विदेशी यूनिवर्सिटीज के भारत आने को युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य का रास्ता बताया।

भाषण के अंत में उन्होंने एक नया लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि यह ‘यंग लीडर्स डायलॉग’ सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहना चाहिए। अब राज्यों और जिलों के स्तर पर भी ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए ताकि हर जिले का युवा ‘विकसित भारत’ के विजन में अपना योगदान दे सके। उन्होंने युवाओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि ‘मुझे आप पर पूरा विश्वास है, आप ही भारत का भविष्य हैं।’









