प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार, 27 फरवरी को ‘विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी, सुधार और वित्त’ विषय पर बजट के बाद के वेबिनार को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का बजट केवल साल भर का लेखा-जोखा या शेयर बाजार को खुश करने वाला कोई ‘शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग डॉक्यूमेंट’ नहीं है। उन्होंने इसे साल 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में एक बड़ा और दूरगामी नीतिगत रोडमैप करार दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बजट के प्रभाव को केवल टैक्स और शेयर बाजार के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, असली पैमाना यह है कि बजट ने बुनियादी ढांचे का कितना विस्तार किया और आम आदमी का जीवन कितना आसान बनाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का जो सपना हमने देखा है, हर बजट उस लक्ष्य की ओर बढ़ने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी सरकारी आवंटन या सुधार को अलग-थलग करके नहीं, बल्कि एक लंबी यात्रा के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अब विकास के सबसे महत्वपूर्ण दौर में है। उन्होंने कहा कि भारत आज ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार है। हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूती कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि यह पिछले एक दशक के ठोस और साहसी सुधारों का नतीजा है। उन्होंने प्रक्रियाओं को सरल बनाने और टेक्नोलॉजी आधारित गवर्नेंस पर विशेष जोर दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि 11 साल पहले पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर सिर्फ 2 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि हाईवे, रेलवे, पोर्ट और डिजिटल नेटवर्क जैसे ठोस एसेट्स आने वाले कई दशकों तक देश की उत्पादकता बढ़ाते रहेंगे। प्रधानमंत्री ने निजी क्षेत्र और वित्तीय संस्थानों से अपील की कि वे अब नई ऊर्जा के साथ आगे आएं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अपना काम कर दिया है, अब इंडस्ट्री को इंफ्रास्ट्रक्चर और इमर्जिंग सेक्टर्स में निवेश बढ़ाना चाहिए। पीएम मोदी ने सुझाव दिया कि प्रोजेक्ट्स की मंजूरी की प्रक्रिया को और भी सटीक और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए ताकि देरी और फिजूलखर्ची रोकी जा सके। उन्होंने सिस्टम को अधिक प्रेडिक्टेबल और इन्वेस्टर-फ्रेंडली बनाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि बॉन्ड मार्केट को और सक्रिय किया जा रहा है और बॉन्ड की खरीद-बिक्री को आसान बनाया जा रहा है। उनका लक्ष्य है कि भारत में विदेशी पूंजी का प्रवाह निरंतर बना रहे, जिससे लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को मजबूती मिले।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब हमें एआई, ब्लॉकचेन और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल बढ़ाना होगा। इससे न केवल गवर्नेंस में पारदर्शिता आएगी, बल्कि शिकायतों के निपटारे में भी तेजी आएगी। उन्होंने सुधारों का मूल्यांकन केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीन पर उनके असर से करने की बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब बजट पर चर्चा का समय बीत चुका है, अब इसे लागू करने का समय है। उन्होंने रिफॉर्म पार्टनरशिप चार्टर विकसित करने का सुझाव दिया, जो सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत का साझा संकल्प होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि अगर सभी स्टेकहोल्डर्स मिलकर काम करेंगे, तो बजट के प्रावधान जल्द ही जमीन पर हकीकत बनकर उतरेंगे।









