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भर्तियों में भ्रष्टाचार खत्म करने का इरादा, योगी सरकार ने पूरा किया पीएम मोदी का वादा

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15 अगस्त, 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा था, ”नौकरियां योग्यता के बल पर मिलनी चाहिए न कि सिफारिश के आधार पर।” दरअसल भर्तियों के दौरान होने वाले भ्रष्टाचार के कारण वास्तविक प्रतिभा को अवसर नहीं मिल पाता। गरीब से गरीब आदमी भी चाहता है कि उसके बेटे को नौकरी मिलनी चाहिए। इसलिए पीएम मोदी का मानना है कि जितना हो सके छोटी नौकरियों में इंटरव्यू के प्रचलन को खत्म हो जाना चाहिए और पारदर्शी तथा ऑनलाइन प्रक्रिया के ज़रिए मेरिट के आधार पर भर्तियां होनी चाहिए। पीएम मोदी ने एक जनवरी 2016 से केंद्र सरकार की नौकरियों के ग्रुप सी और ग्रुप डी के लिए इंटरव्यू खत्म भी कर दिया और राज्य सरकारों से भी ऐसा ही करने की अपील की थी। प्रधानमंत्री की बातों को मानते हुए यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी अब समूह ख, ग व घ पदों पर भर्ती के लिए इंटरव्यू खत्म करने का निर्णय ले लिया है।

मेरिट के आधार पर होंगी भर्तियां
मंगलवार (29 अगस्त) को यूपी कैबिनेट की बैठक में यूपी सरकार ने केंद्र सरकार की तर्ज पर समूह- ख, ग और घ कर्मचारियों की भर्ती में इंटरव्यू की व्यवस्था खत्म करने का फैसला किया है। अब समूह-ख श्रेणी के अराजपत्रित कर्मचारियों, समूह-ग और घ श्रेणी के कर्मचारियों की भर्ती पूरी तरह लिखित परीक्षा की मेरिट के आधार पर की जाएगी। नयी व्यवस्था नियमावली जारी होने की तारीख से लागू की जाएगी। नियमावली जारी होने की तारीख को या उसके बाद जारी होने वाले विज्ञापनों के पदों पर भर्ती नई व्यवस्था के अनुसार की जाएगी। नियमावली जारी होने से पहले जारी विज्ञापनों के तहत जो भर्ती प्रक्रिया पहले से तय है, उसी आधार पर भर्ती की जाएगी। इससे भर्ती में किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं होगा।

संकल्प पत्र में किया था वादा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में स्वतंत्रता दिवस पर समूह ‘ग’ और ‘घ’ की नौकरियों से साक्षात्कार खत्म करने की घोषणा की थी। इसके बाद जब भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान अपने संकल्प पत्र में इस बात का वादा किया था कि वह इंटरव्यू खत्म करेंगे। संकल्प पत्र में कहा गया था कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती के लिए समूह ‘ग’ और ‘घ’ की नौकरियों में आरक्षण का सम्मान करते हुए बिना जाति और धर्म के पक्षपात के भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए साक्षात्कार को समाप्त किया जाएगा। बाद में जब सूबे में भाजपा की प्रचंड बहुमत से सरकार बनी तो शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री योगी ने सौ दिनों के भीतर इस को लागू करने का निर्देश दिया।

मोदी योगी के लिए चित्र परिणाम

साक्षात्कार में होता था भ्रष्टाचार
समूह ‘ग’ और ‘घ’ की नौकरियों से साक्षात्कार खत्म करने की वजह भ्रष्टाचार है। पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की सरकार में समूह ‘ग’ और ‘घ’ की भर्तियों में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और जमकर हंगामा हुआ था। साक्षात्कार में ही जमकर घूसखोरी का खेल हो रहा था। सिफारिश और पक्षपात आम बात हो गई थी। अभ्यार्थियों का आरोप रहता था कि यहां से मिलने वाले नंबर चहेतों को मेरिट को अंदर लाने में कारगर साबित हो रहे थे। साथ ही मेधावियों के साथ खिलवाड़ हो रहा था। ऐसे में समूह ‘ग’ और ‘घ’ की नौकरियों से साक्षात्कार खत्म होने से एक तरीके से आखिरी दौर में हो रहा भ्रष्टाचार बंद हो जाएगा। इससे दक्षता बढ़ेगी और योग्य अभ्यर्थियोंं को मौका मिलेगा।

सपा सरकार में भर्तियों में भ्रष्टाचार के लिए चित्र परिणाम

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