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जब अटल जी ने पीएम मोदी को कहा – ऐसे भागने से काम नहीं चलेगा, दिल्ली आओ

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The Chief Minister of Gujarat Shri Narendra Modi calls on the Prime Minister Shri Atal Bihari Vajpayee in New Delhi on July 30, 2002 (Tuesday).

संवेदना, शालीनता, सहजता, विश्वसनीयता, स्वीकार्यता… ये कुछ ऐसे गुण हैं जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व को सरल शब्दों में बयां करते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इसी चरित्र चिंतन के कायल रहे हैं। पीएम मोदी का राजनीतिक जीवन पर भी अटल जी का काफी प्रभाव रहा है। उनके प्रधानमंत्री के मुकाम तक पहुंचाने में भी अटल जी का अहम योगदान रहा है।
दरअसल कम ही लोग इस बात को जानते हैं कि पीएम मोदी जब राजनीतिक जीवन त्याग अज्ञातवास पर चले गए थे, तो उन्हें वापस राजनीति में लाने का काम अटल जी ने ही किया था।

आपको बता दें कि नरेन्द्र मोदी राजनीतिक जीवन त्यागकर अमेरिका में थे, तो प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उनसे कहा था, ”ऐसे भागने से काम नहीं चलेगा, कब तक यहां रहोगे? दिल्ली आओ।”

गौरतलब है कि तत्कालीन पीएम अटल बिहारी अमेरिकी दौरे पर गए थे। जब उन्हें इस बात का पता चला कि मोदी जी अमेरिका में ही हैं, तो उन्हें तुरंत बुलावा लिया।

वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिवेदी की किताब ‘हार नहीं मानूंगा-अटल एक जीवन गाथा’ के 12वें चैप्टहर में भी इस घटना का जिक्र है। विजय त्रिवेदी ने पीएम मोदी के एक खास मित्र के हवाले से लिखा है, ‘अमेरिका में हुई इस मुलाकात के कुछ दिनों बाद ही मोदी जी आ दिल्ली आ गए थे। इसके बाद उनको बीजेपी के पुराने दफ्तर (अशोक रोड) में एक कमरा दिया गया और उन्हें संगठन को मजबूत करने के काम सौंपा गया।

अक्टूबर 2001 की सुबह मोदी जी को एक फोन आया। यह फोन अटल जी का था। उन्होंने मोदी को तुरंत मिलने के लिए बुलाया था। दरअसल गुजरात में केशुभाई पटेल की छवि गुजरात में बेहद खराब बनती जा रही थी, जिससे पार्टी को भारी नुकसान हो रहा था।

आपको बता दें कि साल 2000 में भाजपा अहमदाबाद और राजकोट का म्युनिसिपल चुनाव भी हार गई थी। 20 सितंबर 2001 को भाजपा अहमदाबाद, एलिसब्रिज और साबरकांठा नाम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी हार गई।

गौरतलब है कि एलिसब्रिज सीट, बीजेपी के सीनियर लीडर लालकृष्ण आडवाणी की गांधीनगर लोकसभा सीट का हिस्सा भी थी। पार्टी हाईकमान को लगा कि ऐसे चलता रहा तो साल 2003 विधानसभा चुनाव में हार हो सकती है। फिर केशुभाई को हटाने का फैसला ले लिया गया। 7 अक्टूबर 2001 को अटल जी की रजामंदी से मोदी जी को गुजरात का नया सीएम बनाया गया। पीएम मोदी और अटल जी के रिश्ते की गहराई इस वीडियो में भी आप देख सकते हैं जब अटल जी पीएम थे और उन्होंने मोदी जी के साथ होली खेली थी। 

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