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केजरीवाल ने कुमार विश्वास को कहीं का नहीं छोड़ा!

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पंजाब, गोवा के विधानसभा चुनाव और दिल्ली एमसीडी के चुनाव में आम आदमी पार्टी की हार ने पार्टी के अंतर्कलह को सतह पर ला दिया है। आलम ये है कि पार्टी के भीतर ही रोज कोई न कोई वार होता है, और पार्टी के भीतर से ही पलटवार होता है। जिसे जहां मौका लग रहा है वो एक दूसरे की प्रतिष्ठा पर झाड़ू चलाने की कोशिश कर रहा है। ताजा मामला कुमार विश्वास से जुड़ा है। उन्हें भ्रष्ट है… भाजपा का यार है… गद्दार है… जैसे तमाम अलंकरणों से नवाजा जा रहा है… और आलम ये है कि आम आदमी पार्टी के फाउंडर मेंबर रहे और वर्तमान में राजस्थान के चुनाव प्रभारी कुमार विश्वास भी वार करने वालों पर प्रतिवार करके इतिश्री कर रहे हैं। लेकिन स्पष्ट है कि पार्टी के भीतर-भीतर घमासान है। लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि क्या इन सब के पीछे केजरीवाल की रणनीति काम कर रही है? कुमार विश्वास को ‘न घर का न घाट का’ वाली स्थिति में लाने का प्लान बना चुके हैं केजरीवाल? 

पोस्टर से विश्वास पर वार
दिल्ली में आम आदमी पार्टी दफ़्तर के बाहर कुमार विश्वास के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं जिसमें कुमार विश्वास गद्दार, धोखेबाज बताकर पार्टी से निकालने की मांग की गई है। पोस्टर में लिखा है ‘भाजपा का यार है कवि नहीं गद्दार है ऐसे धोखेबाजों को बाहर करो.. बाहर करो’। साथ ही इसमें कुमार विश्वास का काला सच बताने के लिए भाई दिलीप पांडेय का आभार भी व्यक्त किया गया है।

विश्वास और केजरीवाल पोस्टर दिलीप पांडे के लिए चित्र परिणाम

दिलीप पांडे का ‘अ’विश्वास
दो दिन पहले की ही बात है कि कुमार विश्वास पर भाजपा को स्पेस देने की बातें सामने आईं। पार्टी नेता दिलीप पांडेय ने कुमार विश्वास के उस बयान पर सार्वजनिक रूप से सफाई मांगी थी जिसमे उन्होंने कहा था कि हम राजस्थान में वसुंधरा राजे पर निजी हमले नहीं करेंगे बल्कि उनकी सरकार पर करेंगे। इस पर दिलीप पांडेय ने ट्वीट कर पूछा था ‘भैया, आप कांग्रेसियों को ख़ूब गाली देते हो, पर कहते हो कि राजस्थान में वसुंधरा के खिलाफ नहीं बोलेंगे? ऐसा क्यों?’

गिरेबां में झांकें ‘विश्वास’!
पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दीपक बाजपेयी ने भी विश्वास को पंजाब और गोवा के वॉलंटिअर्स की बेइज्जती करने पर कहा कि कुमार विश्वास पहले अपना गिरेबान झांकें। बाजपेयी ने कहा, ”विश्वास यह कहकर वॉलंटिअर्स का अपमान नहीं कर सकते कि उन्होंने गोवा और पंजाब में लग्जूरिअस ट्रीटमेंट मांगा था। इसकी बजाय विश्वास को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।”

कुमार विश्वास का ‘खरदूषन’
वार-प्रतिवार के बीच जब शनिवार(16 जून) को जब आम आदमी पार्टी के नेता दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में जमा हुए तो कयास लगाए जा रहे थे कि कुमार विश्वास शायद न आएं। लेकिन कुमार विश्वास किसान सम्मेलन में पहुंचे और बिना नाम लिए ‘आप’ के कुछ नेताओं पर निशाना भी साध गए। कुमार विश्वास ने कहा कि ”जब भी कोई यज्ञ होता है कोई न कोई खरदूषण आता ही है। पिछले चुनाव में हार की वजह क्या है ये कार्यकर्ता भी जानते हैं, सब जानते हैं। मैं पहले भी कह चुका हूं कि ये वो पार्टी नहीं है जिसमें 5 लोग महल और बंगले वाली राजनीति करते हैं। इनको भगवान जवाब दे रहे हैं तो मैं क्या बोलूं.। ये पार्टी वही है जो जंतर मंतर से शुरू हुई थी।”

 

पार्टी पर नहीं रहा ‘विश्वास’!
आपको बता दें कि बीते दिनों कुमार विश्वास ने भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर केजरीवाल पर निशाना साधा था। कुमार विश्वास ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें उन्होंने केजरीवाल का नाम तो नहीं लिया है लेकिन उन्होंने जो बातें कहीं हैं उससे साफ है कि उनके निशाने पर कौन है? कुमार विश्वास ने कहा है कि अगर आप भ्रष्टाचार मुक्ति का पर्व लेकर दिल्ली में सरकार बनाएंगे और उसके बाद आप ही के लोग भ्रष्टाचार के घेरे में होंगे और आप मौन हो जाएंगे और उन्हें बचाने की कोशिश करेंगे तो लोग आपसे सवाल पूछेंगे।


साफ है कि कुमार विश्वास ने व्यवस्था बदलने और भ्रष्टाचार को खत्म करने के वादे के साथ सत्ता में आनेवाली आम आदमी पार्टी अब पूरी तरह से भ्रष्टाचार के दलदल में फंस चुकने का आरोप लगाया था। निशाना दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ही थे। लेकिन तब मामला शांत कर लिया गया था।

इसके बाद पार्टी के नेता अमानतुल्ला खान ने विश्वास को भाजपा का एजेंट देते हुए सवाल उठाया था। तब अमानतुल्ला को पार्टी से निलंबित तो कर दिया गया। लेकिन थोड़े ही दिनों बाद उन्हें कई ओहदों से नवाज दिया गया। जाहिर है ये कुमार विश्वास को उनका कद बताने के लिए ही किया गया था। लेकिन विश्वास अब भी आप की डोर थामे हैं… लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या केजरीवाल का कुमार पर विश्वास कायम है? या फिर कुमार विश्वास को ‘न घर का न घाट का’ बनाकर ही दम लेंगे केजरीवाल?

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