Home विशेष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल ‘उड़ान’ ने बदला विमानन क्षेत्र का परिदृश्य

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल ‘उड़ान’ ने बदला विमानन क्षेत्र का परिदृश्य

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प्रधानमंत्री अक्सर कहते हैं कि हवाई जहाज में हवाई चप्पल पहनने वाला सफर करे, ये मेरा सपना है। इसी सोच के साथ पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार काम कर रही है। वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री हवाई यात्रा को जन सुलभ बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उड़ान योजना लॉन्च किया। उड़ान का मतलब है – उड़े देश का आम नागरिक। उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार परंपरा से हटकर सोचती है, उसे फलीभूत करती है जिससे देश के जनसामान्य लोगों को लाभ मिलता है। सरकार की सक्रियता का ही असर है कि अब देश में औसतन एक घंटे में 117 हवाई जहाज उड़ान भरने लगी है। 

क्या है ‘उड़ान’ योजना
‘उड़ान’ ‘उड़ान’ का उद्देश्य प्रति सप्ताह 14 से कम उड़ानों वाले छोटे तथा मझौले शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ना है। योजना के तहत सरकार ने दूरी के हिसाब से अधिकतम हवाई किराया तय कर दिया है ताकि ‘उड़ान’ (उड़े देश का आम नागरिक) का सपना साकार हो सके। पांच सौ किलोमीटर की दूरी के लिए अधिकतम किराया 2,500 रुपये तय किया गया है। कम किराये के कारण विमान सेवा कंपनियों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए वॉयेबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के रूप में सरकार क्षतिपूर्ति देती है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने भी इसके लिए हवाई अड्डा शुल्क माफ कर दिया। वहीं सुरक्षा, बिजली तथा अग्निशमन सुविधाएं भी राज्य सरकारें नि:शुल्क दे रही है।

49 नए हवाई अड्डे से परिचालन शुरू करने के लिए आया प्रस्ताव
प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ‘उड़ान’ योजना का दूसरा चरण शुरू हो गया है। छोटे शहरों को विमान नेटवर्क से जोड़ने वाली इस योजना में 60 नए शहरों से विमान सेवा शुरू होने वाला है। इन शहरों से विमान सेवा शुरू करने के लिए नागरिक उड्डयन विभाग पहले ही मंजूरी दे चुका है। उड़ान योजना के लिए कुल 15 विमान सेवा व हेलिकॉप्टर सेवा प्रदाताओं को बुधवार को 325 मार्गों का आवंटन किया गया। इसके तहत कुल 109 हवाई अड्डों और हेलिपोर्ट को जोड़ा जाएगा। इनमें 60 से अभी नियमित उड़ानों का संचालन नहीं होता है, जबकि 13 ऐसे हवाई अड्डे और हेलिपोर्ट हैं जहां से अभी एक सप्ताह में 14 से कम उड़ानों का संचालन होता है।

उड़ान के दूसरे चरण में 31 हेलिपोर्टों से भी सेवाएं शुरू करने के प्रस्ताव आए। जिन शहरों से उड़ान के तहत सेवाएं शुरू होंगी, उनमें अरुणाचल प्रदेश में पस्सीघाट, ईटानगर, तेजू, जीरो, असम का जोरहट, तेजपुर, मणिपुर का जिरिबम, पाबुंग, गुजरात का कांडला, पोरबंदर, हरियाणा का हिसार, हिमाचल प्रदेश का कसौली मंडी, शिमला, जम्मू-कश्मीर का करगिल, कनार्टक का हुबली, केरल का कन्नूर, पंजाब का भटिंडा, राजस्थान का बिकानेर, जैसलमेर, पश्चिम बंगाल से कूच बिहार और बर्णपुर शामिल हैं। इसके अलावा बिहार के दरभंगा और झारखंड का बोकारो, दुमका, उत्तराखंड के पिथोरागढ़, अल्मोड़ा, हल्दवानी, हरिद्वार, मसूरी, नैनीताल, रामनगर, श्रीनगर तो महाराष्ट्र के कोल्हापुर, शोलापुर, जलगांव से नियमित उड़ानें शुरू होंगी। 

बीते वर्ष के आरंभ में जहां देश में नियमित विमान सेवा वाले हवाई अड्डों की संख्या करीब 75 थी, उड़ान के पहले दो चरणों में ही इसके बढ़कर 150 से अधिक हो जाने की उम्मीद है। 

‘छह करोड़ क्लब’ में शामिल हुआ दिल्ली का अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डा सालाना 6 करोड़ या इससे ज्यादा यात्रियों की आवाजाही वाले दुनिया के 20 हवाई अड्डों में शामिल हो गया है। वर्ष 2017 में पहली बार आईजीआई हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या 6 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई। यह मुकाम हासिल करने वाला यह भारत ही नहीं, दक्षिण एशिया का भी इकलौता एयरपोर्ट है। पिछले सप्ताह विमानन क्षेत्र की सलाह एवं अनुसंधान संस्था सेंटर फॉर एविएशन की जारी एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई। अगले कुछ सालों में मुंबई भी इस क्लब में शामिल होने की उम्मीद है। 

सीट उपलब्धता के हिसाब से दिल्ली विश्व का 14वां सबसे बड़ा हवाईअड्डा
सीट क्षमता के हिसाब से दिल्ली हवाई अड्डा दुनिया में 14वें नंबर पर है। यह आंकड़ा प्रति सप्ताह हवाई अड्डे से जाने वाली उड़ानों में उपलब्ध कुल सीटों की संख्या के अनुसार होता है। नए साल के पहले सप्ताह 1 से 7 जनवरी के दौरान आईजीआई की सीट क्षमता 15,30,021 थी। इस मामले में 23,30,043 सीटों के साथ दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पहले स्थान पर है। इसके बाद शीर्ष 5 में क्रमश: बीजिंग कैपिटल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, अटलांटा हार्ट्सफील्ड-जैक्सन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, लॉस एंजिल्स अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और टोक्यिो हनेदा हवाई अड्डा शामिल है। 

स्वदेशी ‘डॉर्नियर 228’ से बदलेगी एविएशन सेक्टर की सूरत
इसी साल छोटे-छोटे शहरों के बीच हवाई सेवा ‘UDAN’की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था, कि वे हवाई चप्पल वाले व्यक्ति को हवाई जहाज में यात्रा करते देखना चाहते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक डीजीसीए ने देश में निर्मित ‘डोर्नियर-228’ विमान के घरेलू रूट पर व्यवसायिक उड़ान को हरी झंडी दे दी है। इसका मतलब प्रधानमंत्री मोदी के सपने को साकार करने में इससे बहुत मदद मिल सकती है। हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित ‘डोर्नियर-228’ 19 सीटों वाला एक छोटा विमान है, जिसका उपयोग अबतक रक्षा के क्षेत्र में ही होता था।

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