Home झूठ का पर्दाफाश Hindustan Times की शर्मनाक पत्रकारिता, मोदी सरकार को बदनाम करने की साजिश

Hindustan Times की शर्मनाक पत्रकारिता, मोदी सरकार को बदनाम करने की साजिश

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Hindustan Times ने शर्मनाक पत्रकारिता का उदाहरण पेश किया है। एक रिपोर्ट के जरिये अखबार ने न सिर्फ पत्रकारिता के स्तर को गिराया, बल्कि ये भी साफ दिखता है कि किस प्रकार भाजपा और मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए लुटियंस पत्रकार आंकड़ों को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं।

हिन्दुस्तान टाइम्स ने एडीआर एजेंसी के एक रिसर्च को आधार बनाकर एक रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट के आधार पर अखबार ने जो शीर्षक लिखा है, उसके मुताबिक पहली नजर में लगेगा कि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के प्रति होने वाले अन्याय और अपराध के प्रति संजीदा नहीं है। अखबार लिखता है कि महिलाओं के प्रति अपराध करने वाले सबसे अधिक आरोपी सांसद और विधायक भारतीय जनता पार्टी से है। यह तो हम सब जानते हैं कि प्रधानमंत्री महिला विकास को नया आयाम दे रहे हैं। वो अक्सर महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की चर्चा करते हैं, ऐसे में यह सवाल उठता है कि प्रधानमंत्री मोदी की पार्टी के ही सांसद जब महिलाओं के प्रति अपराध के मामले में सबसे ज्यादा दागी हों तो फिर ऐसी बातों का क्या मतलब रह जाता है।

PERFORMINDIA.COM की टीम ने एडीआर एजेंसी के उन आंकड़ों को खंगालना शुरू किया। इसके बाद हमने देश के सभी सांसदों और प्रत्येक राज्यों के सभी विधायकों की लिस्ट तैयार की। इसके बाद जो आंकड़े सामने आए, वो हैरान करने वाले थे। ऐसा लगा कि हिन्दुस्तान टाइम्स ने पत्रकारिता के धर्म का निर्वाह नहीं किया और बदनीयती के आधार पर ये रिपोर्ट सनसनीखेज शीर्षक के साथ प्रकाशित की है। 

क्या है ADR एजेंसी की रिपोर्ट 
एडीआर एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक 4896 सांसदों और विधायकों में से 4852 सांसदों और विधायकों ने चुनाव के दौरान शपथ पत्र चुनाव आयोग को दिया था। इनमें से 1581 सांसदों और विधायकों ने स्वीकार किया कि उन पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 3 सांसद और 48 विधायक ऐसे हैं जिन्होंने शपथ पत्र देकर स्वीकार किया है कि उन पर महिलाओं के प्रति अपराध करने का आरोपी बनाया गया है।

एक भी भाजपा सांसद के खिलाफ कोई आरोप नहीं
हिन्दुस्तान टाइम्स ने जो समाचार प्रकाशित किया है, उसके मुताबिक महिलाओं के प्रति अपराध करने वाले सर्वाधिक सांसदों और विधायकों की संख्या वाली पार्टी भारतीय जनता पार्टी है।

सही तथ्य यह है कि राज्यसभा और लोकसभा के सभी सांसदों की संख्या 774 है। इसमें से सिर्फ 3 सांसदों पर महिला के विरुद्ध अपराध के केस दर्ज हैं। इन तीनों में से कोई भी भारतीय जनता पार्टी का सांसद नहीं है। अब ये भी जान लीजिए कि वो तीनों सांसद कौन हैं, जिन पर महिला के प्रति आपराधिक मुकदमा दर्ज हैं –


अब जब भाजपा का कोई सांसद ऐसा है ही नहीं जिन पर महिलाओं के खिलाफ कोई आपराधिक केस दर्ज है। ऐसे में यह साबित होता है कि हिन्दुस्तान टाइम्स गलत रिपोर्टिंग करके जानबूझकर भाजपा को बदनाम करने, भाजपा के बहाने केंद्र की मोदी सरकार को बदनाम करने की साजिश में भागीदार हुआ है।

विधायकों के मामले में भी आधी-अधूरी रिपोर्टिंग
अब जरा विधायकों के आंकड़ों पर आते हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में जिन विधायकों के ऊपर आरोप है, उनमें से 14 विधायक भाजपा के, 6 विधायक शिवसेना के, तृणमूल कांग्रस, टीडीपी और बीजेडी के 5-5 विधायक, कांग्रेस के 4 विधायक, JMM, RJD और DMK के 2-2 विधायक और एक निर्दलीय विधायक शामिल हैं। लेकिन ये आंकड़े भारतीय राजनीति की सही तस्वीर पेश नहीं करते हैं।

अब जरा यह देखिए कि देशभर के सभी राज्यों की विधानसभा में इन पार्टियों के कुल कितने विधायक हैं। देश भर में  कुल विधायकों की संख्या 4120 है, जिसमें 4078 विधायकों ने शपथ पत्र दिया है। इन विधायकों में से देखेंगे तो भाजपा के पास सर्वाधिक 1418 विधायक हैं, दूसरे स्थान पर कांग्रेस है, जिसके पास 766 विधायक हैं, तीसरे स्थान पर तृणमूल कांग्रेस है जिसके पास 211 विधायक हैं। 4078 विधायकों द्वारा दिए गए शपथ पत्रों के आधार पर महिलाओं के प्रति किए गए अपराध के आरोपी विधायकों की संख्या केवल 48 है यानि कुल विधायकों का 1.2 प्रतिशत विधायकों पर महिला के विरुद्ध आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

अब जरा विधायकों की संख्या के आधार पर पार्टी का तुलनात्मक अध्ययन करें तो निम्न चार्ट तैयार होता है-

 आरोपी विधायकों की लिस्ट में भाजपा सबसे नीचे 
अब ऊपर दिए गए टेबल चार्ट को देखिए। इस चार्ट को देखकर साफ दिख रहा है कि टॉप तीन तो छोड़िए, टॉप पांच में भी भाजपा नहीं है। महिलाओं के प्रति हुए आपराधिक मामले में आरोपी विधायकों के आधार पर भाजपा का स्थान आठवें स्थान पर है। महिलाओं के प्रति आपराधिक मामले में आरोपी विधायकों की लिस्ट में JMM पहले नंबर पर है। इसके बाद शिवसेना है और तीसरे नंबर पर TDP है। जबकि भाजपा का स्थान आखिर से दूसरे नंबर पर है।

जाहिर है इस रिपोर्ट के आधार पर भाजपा को महिलाओं के मामले में जिस तरीके से हिन्दुस्तान टाइम्स ने पेश किया है, वो एक साजिश नजर आती है। मीडिया का एक तबका केंद्र सरकार और भाजपा को बदनाम करने के लिए प्रोपेगंडा चला रहे हैं। यह कोई पहली बार नहीं है। अभी-अभी पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पीएम मोदी को लेकर खबर प्रकाशित करने पर मीडिया को फटकार लगाई है।

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