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Times Now-VMR सर्वे: मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर, एनडीए को पूर्ण बहुमत का अनुमान

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लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर है। पहले चरण की वोटिंग से दो दिन पहले सामने आया टाइम्स नाउ-वीएमआर का सर्वे बीजेपी के लिए अच्छे संकेत दे रहा है। टाइम्स नाउ-वीएमआर के एक सर्वे के मुताबिक, एनडीए को 279 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है। वहीं, यूपीए को 149 सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है। 22 मार्च से 4 अप्रैल के बीच 960 जगहों पर किए गए इस सर्वे के अनुसार देशभर की 543 लोकसभा सीटों में से 279 सीटें एनडीए के खाते में जा सकती हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक बार फिर से मोदी सरकार बन सकती है। सर्वे के अनुसार बीजेपी को पश्चिम बंगाल और ओडिशा में फायदा होता दिख रहा है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

फर्स्टपोस्ट सर्वे: पीएम मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री देखना चाहते हैं 63% से ज्यादा लोग
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के सबसे लोकप्रिय नेता बने हुए हैं। फर्स्टपोस्ट सर्वे के अनुसार देश की जनता को नेताओं में सबसे ज्यादा भरोसा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर है। 63 प्रतिशत से ज्यादा लोग उन्हें दोबारा प्रधानमंत्री के पद पर देखना चाहते हैं। फर्स्टपोस्ट ट्रस्ट के सर्वे में 63.4 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि नरेन्द्र मोदी एक बार फिर से देश के प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री की दौड़ में दूसरे नंबर कांग्रेस अध्यक्ष पर राहुल गांधी हैं, लेकिन लोकप्रियता की दौड़ में राहुल प्रधानमंत्री मोदी से कोसों पीछे हैं। सिर्फ 16.1 प्रतिशत लोग राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं। तृणमूल कांग्रेस की नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 3.4 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को 2.2 प्रतिशत और कांग्रेस नेता प्रियंका वाड्रा को 1.5 प्रतिशत लोग प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं। फर्स्‍टपोस्‍ट ट्रस्‍ट सर्वे 2 मार्च से 22 मार्च के बीच 30 राज्‍यों के 31000 से ज्‍यादा लोगों का सैंपल लेकर किया गया है।

CSDS-लोकनीति सर्वे: प्रधानमंत्री पद के लिए पहली पसंद बने हुए हैं नरेन्द्र मोदी
सीएसडीएस-लोकनीति-तिरंगा टीवी-द हिंदू और दैनिक भास्कर के ताजा प्री-पोल सर्वे में 43 प्रतिशत लोगों ने अगले प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी को पसंद किया है, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सिर्फ 28 प्रतिशत लोगों ने अपनी पसंद बताया है। सर्वे के अनुसार मिनिमम इनकम गारंटी के चुनावी वादे के बावजूद 28 प्रतिशत लोग ही चाहते हैं कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनें। सर्वे के मुताबिक 43 प्रतिशत लोग नरेन्द्र मोदी की सत्ता में फिर से वापसी चाहते हैं। यह 2014 के चुनाव से सात प्रतिशत अधिक और मई 2018 के सर्वे की तुलना में नौ प्रतिशत अधिक है। मई 2018 में 34 फीसदी ने सरकार की वापसी चाही थी।

भास्कर के अनुसार राफेल सौदे पर प्रधानमंत्री मोदी को घेरने की कांग्रेस की रणनीति पार्टी को ज्यादा फायदा पहुंचाती नहीं दिखाई दे रही। सौदे के बारे में जानकारी रखने वाले ज्यादातर मतदाता पीएम मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी कैंप तबाह करने का फैसला नरेन्द्र मोदी को इस चुनाव में फायदा पहुंचाने वाला हो सकता है। सीएसडीएस-लोकनीति का यह सर्वे 19 राज्यों में 24 से 31 मार्च के बीच किया गया। इसमें 101 लोकसभा क्षेत्रों की 101 विधानसभा सीटों के 10,010 लोगों ने भाग लिया।

Cvoter-IANS सर्वे: पहली पसंद हैं पीएम मोदी
सीवोटर- आईएएनएस के ताजा सर्वे के अनुसार 63.6 प्रतिशत युवाओं ने अगले प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी को पसंद किया है, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सिर्फ 26 प्रतिशत युवाओं ने अपनी पसंद बताया है। सर्वे से यह भी पता चला है कि 61.1 प्रतिशत सरकारी कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री मोदी पर विश्वास दिखाया है और वे उन्हें एक बार फिर प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। राहुल गांधी को सिर्फ 26 प्रतिशत सरकारी कर्मचारी इस पद पर देखना चाहते हैं।

PSE Survey में भी सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री मोदी
इंडिया टुडे ग्रुप के लिए एक्सिस माई इंडिया की ओर से पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज (PSE) डेटा के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। PSE के ताजा सर्वे में पीएम मोदी की लोकप्रियता में इजाफा हुआ है। PSE सर्वे में 55% प्रतिभागियों ने नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए पहली पसंद बताया। वहीं सिर्फ 28% वोटर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं। साफ है ताजा PSE सर्वे के अनुसार प्रधानमंत्री के लिए पसंद के मामले में नरेन्द्र मोदी अपने प्रतिद्वंद्वियों से कहीं आगे हैं। उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता में पिछले 5 महीने में 7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। सर्वे में बीएसपी सुप्रीमो मायावती को 9% और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को 7% वोटरों ने प्रधानमंत्री के लिए अपनी पसंद बताया। यह PSE सर्वे 13 से 15 मार्च 2019 के बीच उत्तर प्रदेश में किया गया।

चुनावी साल में और बढ़ी प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता
लोकसभा चुनाव से पहले एबीपी न्यूज ने सी-वोटर के साथ सर्वे किया है। इस सर्वे के अनुसार सात मार्च को प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता 62 प्रतिशत दर्ज की गई। इस साल लोकसभा चुनाव से पहले एक जनवरी को पीएम मोदी की लोकप्रियता 47 प्रतिशत थी। 26 फरवरी को लोकप्रिता 55 प्रतिशत हो गई। एक मार्च को विंग कमांडर अभिनंदन के पाकिस्तान से कब्जे से भारत वापस लौटने पर प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता 58 प्रतिशत हो गई। प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता लगातार बढ़ कर रही है और सात मार्च को यह 62 प्रतिशत पर पहुंच गई।

जबकि एबीपी न्यूज-सी वोटर सर्वे के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की लोकप्रियता में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। राहुल गांधी की लोकप्रियता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि सात मार्च को उनकी लोकप्रियता सिर्फ 16 प्रतिशत दर्ज की गई। इस साल एक जनवरी को राहुल गांधी की लोकप्रियता 26 प्रतिशत थी, जो एक फरवरी को घटकर 22 प्रतिशत हो गई। 26 फरवरी को ये घटकर 19 प्रतिशत और एक मार्च को 18 प्रतिशत पर पहुंच गई। अब सात मार्च को यह और घटकर मात्र 16 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

दिल्ली में बीजेपी को सभी 7 सीटों पर मिलेगी जीत
इसके पहले एबीपी न्यूज और सी-वोटर ने मिलकर दिल्ली की नब्ज टटोलने की कोशिश की। सर्वे के मुताबिक राजधानी दिल्ली की सभी सात सीटों पर बीजेपी का कब्जा होगा। 25 फरवरी से 3 मार्च के बीच कराए गए सर्वे के मुताबिक, अभी लोकसभा चुनाव हो तो बीजेपी को 47 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिलेगा। वहीं आम आदमी पार्टी को 20 प्रतिशत, कांग्रेस को 22 प्रतिशत और अन्य को 11 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिलने की उम्मीद है। सर्वे के मुताबिक, दिल्ली की सभी सात सीटों पर बीजेपी का कब्जा होगा। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलेगी।

पल्स ऑफ द नेशन: 56 प्रतिशत लोगों का भरोसा कायम
लोकसभा चुनाव से पहले हुए एक सर्वे के मुताबिक 56 प्रतिशत लोगों ने मोदी सरकार पर अपना भरोसा जताया है। इस सर्वे के अनुसार देश के 56 प्रतिशत लोग सरकार के कामकाज से संतुष्ट हैं। दिसंबर के पहले सप्ताह में Inshorts की ओर से Pulse of the Nation नाम से कराए गए इस सर्वे में 51 प्रतिशत लोगों ने कहा कि मोदी सरकार ने जनता के पैसों का सही तरीके से इस्तेमाल किया है। सर्वे में से 51 प्रतिशत लोगों ने माना कि पिछली सरकार की तुलना में मोदी सरकार में कॉरपोरेट फ्रॉड और घोटाले में कमी आई है। इस सर्वे में करीब 1.47 लाख लोगों की राय ली गई। Inshorts के सीईओ और सह-संस्थापक अजहर इकबाल ने कहा कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में मोदी सरकार की कोशिशों से काफी तादाद में लोग संतुष्ट नजर आए। 62 प्रतिशत लोगों ने माना कि पिछले साढ़े चार साल में इस क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है।

कांग्रेस के सर्वे में भी पीएम मोदी सबसे लोकप्रिय नेता
कांग्रेस ने एक सर्वे कराया है। चौंकाने वाली बात ये है कि इस सर्वे में भी प्रधानमंत्री मोदी देश के सबसे लोकप्रिय नेता बने हुए हैं। कांग्रेस के इस सर्वे में प्रधानमंत्री पद के लिए नरेन्द्र मोदी 49 प्रतिशत लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को 43 प्रतिशत लोगों ने अपना पसंदीदा नेता बताया है। नवभारत टाइम्स के अनुसार इस सर्वे में लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी की तीन सबसे सफल योजनाओं में स्वच्छ भारत योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना और उज्जवला योजना का नाम लिया है।

मोदी को दोबारा पीएम के रूप में देखना चाहती है जनता
एक अन्य ऑनलाइन सर्वे में 63 प्रतिशत से अधिक लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी में अपना पूरा विश्वास जताया है। जबकि पचास प्रतिशत मतदाताओं का कहना है कि मोदी के दूसरे कार्यकाल से देश को बेहतर भविष्य मिलेगा। न्यूज पोर्टल ‘डेली हंट’ और डाटा एनालिटिक कंपनी नेलसन इंडिया के ताजा सर्वे में 54 लाख लोगों का ऑनलाइन सर्वे किया गया है। इस सर्वे में लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति पिछले लोकसभा चुनाव से अधिक उत्साह दिखाया है। फर्स्ट पोस्ट के मुताबिक 63 प्रतिशत से अधिक लोगों ने पीएम मोदी के प्रति सन 2014 जैसा ही या उससे भी ज्यादा गहरा विश्वास व्यक्त किया है। सर्वे के अनुसार इन लोगों ने पिछले चार वर्षों में उनके नेतृत्व क्षमता पर संतोष प्रकट किया है।

ABP News-CVoter सर्वे: देश में मोदी लहर कायम
देश भर में मोदी लहर कायम है। देश में अगर आज चुनाव हो तो फिर से मोदी राज की वापसी होगी। एबीपी न्यूज-सी वोटर के सर्वे के मुताबिक साल 2014 में देश की कमान संभालने के चार साल बाद भी मोदी लहर बरकरार है। सर्वे के अनुसार अगर आज ही चुनाव होते हैं तो एनडीए को 300, यूपीए को 116 और अन्‍य को 127 सीटें मिल सकती हैं।

आज चुनाव हुए तो किसे कितनी सीटें ?  
कुल सीटें 543
एनडीए 300
यूपीए 116
अन्य 127

अगर प्रधानमंत्री पद के पसंद की बात करें तो 56 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि नरेन्द्र मोदी को दोबारा देश का पीएम बनाया जाए। वहीं 36 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि राहुल गांधी देश के पीएम बनें।

पीएम के लिए पहली पसंद कौन?  
नरेन्द्र मोदी 56%
राहुल गांधी 36%

एबीपी न्यूज-सी वोटर के लिए सितंबर के चौथे हफ्ते से अक्टूबर के चौथे हफ्ते तक सभी 543 लोकसभा सीटों पर यह सर्वे किया गया है।

लोकसभा चुनाव 2014 में मोदी लहर पहली बार देखने को मिली। तब से लेकर अब तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता कायम है। उसी का परिणाम है कि चुनाव दर चुनाव भारतीय जनता पार्टी अपने विरोधी पार्टियों को पीछे छोड़ती जा रही है। 

हरियाणा में पांचों नगर निगम पर भाजपा का कब्जा
हरियाणा पांच नगर निगमों- पानीपत, यमुनानगर, करनाल, हिसार और रोहतक में मेयर पद पर भाजपा ने कब्जा जमा ला है। आपको बता दें कि पांचों नगर निगमों में 16 दिसंबर को मतदान हुआ था। पानीपत नगर निगम मेयर पद की भाजपा प्रत्याशी अवनीत कौर ने रिकॉर्ड 74 हजार 940 वोटों से विजय प्राप्त की है। करनाल में भाजपा उम्मीदवार रेणु बाला गुप्ता 9,348 वोट से जीती हैं। यमुनानगर में भाजपा के मदन चौहान ने 40 हजार 678 वोट व हिसार में गौतम सरदाना ने 28 हजार 91 वोट से जीत हासिल की है। हैं। रोहतक में भाजपा उम्मीदवार मदन मोहन गोयल 14 हजार 776 वोटों से विजयी हुए हैं।

त्रिपुरा पंचायत चुनाव में 130 में से 113 सीटों पर बीजेपी का कब्जा
हाल ही में हुए त्रिपुरा में पंचायत उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ग्राम पंचायत की 130 सीटों में से 113 सीटें जीत ली हैं। इसके साथ ही पंचायत समिति की सात में से पांच सीटों पर भाजपा विजयी हुई। भाजपा की सहयोगी पार्टी इंडीजीनियस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) ने ग्राम पंचायत की नौ सीटों पर कामयाबी हासिल की। विपक्षी कांग्रेस और माकपा किसी तरह चार-चार सीट बचा पायी। ग्राम पंचायत की 132 सीटों और पंचायत समिति की सात सीटों के लिए उपचुनाव 30 सितंबर को हुआ था। त्रिपुरा में भाजपा की सरकार है। पार्टी ने इसी साल राज्य में हुए विधान सभा चुनावों में करीब ढाई दशकों से सत्ता में काबिज सीपीएम को सत्ता से बाहर कर दिया था। त्रिपुरा की कुल 60 विधान सभा सीटों में से 44 पर सहयोगी के साथ जीत हासिल करके भाजपा ने सरकार बनायी थी।

भाजपा ने अपने दम पर सांगली और जलगांव में एनसीपी, कांग्रेस व शिवसेना को दिखाया आईना
महाराष्ट्र में सांगली और जलगांव महानगरपालिका चुनाव परिणाम में भाजपा ने कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना तीनों का सूपड़ा साफ कर दिया। सांगली-मिराज-कुपवाड़ महानगरपालिका की 78 सीटों में 41 सीटें भाजपा के खाते में गई जबकि जलगांव महानगरपालिका 75 सीटों में 57 सीटें भारतीय जनता पार्टी को मिली। यह हाल तब है जब शिवसेना और भाजपा ने अलग-अलग चुनाव लड़े जबकि एनसीपी और कांग्रेस गठबंधन करके।

सांगली-मिराज-कुपवाड़ महानगरपालिका चुनाव परिणाम
भाजपा 41
एनसीपी 20
कांग्रेस 15
शिवसेना 00
अन्य 02

कांग्रेस और एनसीपी दोनों ने गठबंधन करके चुनाव में उतरे। सांगली में तो गठबंधन की लाज रह गई लेकिन जलगांव में तो गठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया। 

जलगांव महानगरपालिका चुनाव परिणाम
भाजपा 57
शिवसेना 14
एनसीपी 00
कांग्रेस  00
एमआईएम 01
अन्य 03

महाराष्ट्र में सिर चढ़कर बोला मोदी का जादू
महाराष्ट्र में इसी साल 13 अप्रैल को आए निकाय चुनाव परिणाम भाजपामय रहे। यहां निकाय चुनाव के तहत जामनेर, अजरा, कांकावाली, गुहागार, देवरुख और वैजापुर सीटों पर म्यूनिसिपल काउंसिल के चुनाव हुए। यहां कुल 115 सीटों पर चुनाव हुआ जिसमें अकेले भारतीय जनता पार्टी 57 सीटों पर विजयी हुई। यह सीट कुल सीटों को पचास प्रतिशत है। म्युनिसिपल काउंसिल और पंचायत अध्यक्ष की 6 सीटों में से 4 पर भाजपा की झोली में जनता ने डाल दिया।

कर्नाटक चुनाव में भाजपा बनी सबसे बड़ी पार्टी 
मई, 2018 में हुए चुनाव परिणामों के बाद कर्नाटक में कांग्रेस को पीछे छोड़कर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। भाजपा ने यहां 104 सीटें जीतीं जबकि कांग्रेस ने 87 और जेडीएस ने महज 36 सीटें जीतीं। बहुमत के आंकड़े से महज 8 सीटें कम मिलने के कारण वहां भाजपा सत्ता से बाहर है लेकिन यह स्पष्ट है कि जनता का विश्वास अब भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर बरकरार है। जाहिर है लोकसभा चुनाव 2019 से पहले भाजपा की यह एक बड़ी जीत है। 

मोदी लहर से त्रिपुरा में ढहा ‘लाल’ किला
त्रिपुरा में मोदी लहर देखने को मिली। मोदी लहर से 25 साल से सत्ता पर काबिज सीपीआईएम की सरकार धवस्त हो गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुआई में त्रिपुरा के 60 सीटों में अकेले भाजपा को 35 सीटों पर जीत मिली। एक सीट पर सीपीएम के प्रत्याशी के निधन पर बाद में चुनाव हुए, वहां भी भाजपा को जीत मिली। इस तरह से त्रिपुरा में भाजपा को 60 में से 36 सीट मिली। वहीं, भाजपा के सहयोगी दल आईपीएफटी को भी आठ सीटें मिली। इस जीत पर पीएम मोदी ने हमारे लिए यह जती ‘NO ONE से WON तक की यात्रा’ है। पीएम ने ट्विटर पर लिखा था, ‘त्रिपुरा के मेरे भाइयों बहनों ने जो किया वह अविश्वसनीय है। उनके इस समर्थन और प्यार के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। हम त्रिपुरा के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’ 

गुजरात और हिमाचल में चला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जादू
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जादू गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भी बरकरार रहा। गुजरात के 182 सीटों में से सरकार बनाने के लिए जादूई आंकड़े 92 को आसानी से पार करते हुए 99 सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की। गुजरात में भाजपा की यह लगातार छठी जीत है। हिमाचल प्रदेश की 68 विधानसभा सीटों में से दो-तिहाई के आंकड़े को छूते हुए 44 सीट पर भाजपा को जीत मिली। 

महाराष्ट्र भी मोदीमय
महाराष्ट्र में 7 अक्टूबर, 2017 को हुए विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तरी महाराष्ट्र और पश्चिमी महाराष्ट्र के ग्राम पंचायत चुनाव के परिणाम आए थे। इसमें बीजेपी ने लगभग 50% सीटों पर कब्जा जमा लिया था।

मीरा-भायंदर महानगर पालिका भाजपामय 
पंचायत चुनाव से पहले मीरा-भायंदर महानगर पालिका के चुनाव में बीजेपी ने शिवसेना और कांग्रेस को बहुत पीछे छोड़ दिया था। चुनाव में बीजेपी 61 सीटों पर जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। चुनाव परिणाम में बीजेपी को 61, शिवसेना को 22, कांग्रेस को 10 और अन्य को 2 सीटों पर जीत मिली थी जबकि एनसीपी का खाता भी नहीं खुला था। 

केएएसी, असम चुनाव में भी भाजपा को भारी बहुमत
कार्बी आंग्लांग स्वायत्तशासी परिषद (केएएसी) चुनाव में भाजपा भारी बहुमत से जीती थी। भाजपा को 26 सीटों में से 24 सीटों पर सफलता मिली। बाकी दो सीटों पर भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ने वाले आर टकबी और डी उफिंग मासलाई के खाते में गई थी। इस चुनाव में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था। असम के पहाड़ी जिले कार्बी आंग्लांग के केएएसी चुनाव में कांग्रेस के साथ अगप और स्थानीय पार्टी एचएसडीसी का भी खाता नहीं खुला था। 

एमसीडी में प्रचंड जीत
दिल्ली नगर निगम चुनाव (एमसीडी) में बीजेपी को प्रचंड जीत मिली थी। बीजेपी को तीनों एमसीडी में बहुमत मिला था। दिल्ली नगर निगम की 270 सीटों में से बीजेपी को 184, आम आदमी पार्टी को 45, कांग्रेस को 30 और अन्य को 11 सीटों पर जीत मिली थी। चुनाव में कांग्रेस के 92 और आम आदमी पार्टी के 40 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।

जम्मू-कश्मीर के उच्च सदन में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी
जम्मू-कश्मीर विधान परिषद चुनावों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। राज्य विधानपरिषद के चुनाव परिणाम के अनुसार 34 सीटों वाले जम्मू-कश्मीर के उच्च सदन में बीजेपी 11 सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बन गई।

महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में भाजपा की लहर
महाराष्ट्र में महानगरपालिकाओं और जिला परिषदों के लिए हुए चुनावों में बीजेपी ने भारी जीत दर्ज की। बीएमसी की 227 सीटों में बीजेपी को 82 सीटें मिली। पुणे में बीजेपी को 74, 
नागपुर में 70, नासिक में 33, पिंपरी चिंचवाड़ में 70, इसी तरह उल्हासनगर में 34, सोलापुर में 49, अकोला में बीजेपी को 48 और अमरावती मे 45 सीटें मिली। 1514 जिला परिषद चुनाव में बीजेपी को 403, शिवसेना को 269, कांग्रेस को 300, एनसीपी को 344 सीटें मिली। महाराष्ट्र की चंद्रपुर और लातूर महानगरपालिका चुनावों में बीजेपी को भारी सफलता मिली। लातूर में पिछली बार बीजेपी को एक भी सीट नही मिली थी। इस बार 41 सीटों पर कामयाबी मिली। आजादी के बाद पहली बार यहां कांग्रेस को करारी हार मिली।

ओडिशा में भी जय-जयकार
ओडिशा में स्थानीय निकायों के चुनाव में भी बीजेपी ने परचम लहरा दिया। कोई खास जनाधार नहीं होने के बाद भी बीजेपी को यहां 270 सीटों का फायदा हुआ है। बीजेपी को यहां 2012 में 36 सीटें मिली थीं जो अब बढ़कर 306 हो गई हैं। बीजेपी यहां सत्ताधारी बीजू जनता दल के बाद दूसरे नंबर पर आई है। बीजेपी ने कांग्रेस को तीसरे नंबर पर धकेल दिया है। 

चंडीगढ़ में बल्ले-बल्ले
नोटबंदी के बाद 18 दिसंबर को चंडीगढ़ नगर निकाय के चुनाव हुए। यहां भाजपा को जबर्दस्त बहुमत मिला। इस चुनाव में 26 में से 20 सीट भाजपा की झोली में गई जबकि सहयोगी पार्टी शिरोमणी अकाली दल को एक सीट मिला। कांग्रेस पार्टी का तो सूपड़ा ही साफ हो गया। वह मात्र 4 सीट पर सिमट गई। भाजपा का वोटिंग शेयर यहां 56 फीसदी हो गया है। चंडीगढ़ निकाय चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले आम आदमी पार्टी के सभी नेताओं की जमानत जब्त हो गई। 

महाराष्ट्र निकाय चुनाव में भाजपा अव्वल
महाराष्ट्र में पहली बार म्यूनिसिपल काउंसिल के अध्यक्ष पद के लिए डायरेक्ट चुनाव हुए। इसमें बीजेपी को 51 सीटें मिलीं जो कि कांग्रेस, एनसीपी या शिवसेना से दोगुनी है। शिवसेना को 25 और कांग्रेस को महज 23 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। यानी 2011 में जो पार्टी चौथे नंबर पर थी, वो नोटबंदी के फैसले के बाद 2016 में पहले नंबर पर आ गई, वो भी ग्रामीण इलाके में। 

गुजरात के निकाय चुनाव में बीजेपी की जीत
गुजरात में हुए स्थानीय चुनावों में तो बीजेपी ने कांग्रेस का सूपड़ा ही साफ हो गया था। यहां के स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी ने कांग्रेस से 35 सीटें छीन लीं थीं। 126 में से 109 सीटें जीती। वापी नगरपालिका, राजकोट, सूरत-कनकपुर-कंसाड में जो चुनाव हुए, उसमें बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी।

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