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डेटा लीक की एकमात्र गुनहगार कांग्रेस है!

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डेटा लीक को लेकर कोहराम मचा हुआ है। कांग्रेस अपने बचाव में दलील दे रही है, लेकिन अब उसकी पोल खुल चुकी है कि देश के करोड़ों आम लोगों के डेटा लीक का कोई गुनहगार है तो वो कांग्रेस है।

कैम्ब्रिज एनालिटिका कंपनी और कांग्रेस के मिलीभगत का जब खुलासा हुआ तो कांग्रेस ने इनकार कर दिया। कांग्रेस ने ये दावा किया था कि वह इस कंपनी को जानती तक नहीं है। लेकिन कांग्रेस की सारी दलील तब धरी की धरी रह गई जब कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी के को-फाउंडर क्रिस्टोफर विली ने कहा कि कैंब्रिज एनालाटिका कंपनी कांग्रेस के लिए काम करती रही है।


कैम्ब्रिज एनालिटिका कंपनी के को-फाउंडर क्रिस्टोफर विली ने साफ साफ कहा कि भारत में कांग्रेस उनकी ग्राहक है और उन्होंने कांग्रेस के साथ कई प्रोजेक्ट भी किये हैं।

डेटा लीक से खतरे में आम लोगों की सुरक्षा
आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए किस स्तर तक जाने को तैयार है। इस कंपनी के द्वारा आपका डेटा कांग्रेस विदेशों में पहंचा चुकी है। दरअसल कांग्रेस ने 2019 में लोकसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए ये काम करवाया है। जाहिर है इस कंपनी के पास करोड़ों भारतीयों का डेटा मौजूद है और ये उसका कोई भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

कांग्रेस ने देश की सुरक्षा को खतरे में डाला
कांग्रेस की मिलीभगत से करोड़ों भारतीयों का डेटा कांग्रेस ने विदेशी कंपनी विदेशी कंपनी को दे दिया। जाहिर है इस डेटा का इस्तेमाल भारत विरोधी शक्तियां कर सकती हैं। ISI चीन, हुर्रियत भी इस डेटा का इस्तेमाल कर सकते हैं। जाहिर है दुश्मन शक्तियां भारत में अपना एजेंडा चलाने के लिए भी इस डेटा का उपयोग कर सकते हैं।

कांग्रेस के आधिकारिक ऐप होता था डेटा लीक
खुलासा हुआ कि कांग्रेस अपने आधिकारिक ऐप के जरिये भारतीयों का डेटा सिंगापुर भी पहुंचा रही थी। गौरतलब है कि राहुल गांधी कुछ ही दिनों पहले सिंगापुर भी गए थे। 26 मार्च, 2018 को एक खुलासे से हड़कंप मच गया। पता चला कि कांग्रेस पार्टी अपने आधिकारिक ऐप ‘WITH INC’ के माध्यम से भारत के लोगों का डेटा चुराकर सिंगापुर की कंपनी को भेज रही है। कांग्रेस ने सबूत मिटाने के लिए प्ले स्टोर से अपना आधिकारिक ऐप ही डिलीट कर दिया। इसके अलावा उसने अपने मेंबरशिप वेबसाइट को भी हटा लिया।

कांग्रेस ने किए 30 करोड़ लोगों के डेटा लीक
आरोप है कि कांग्रेस ने कैम्ब्रिज एनालिटिका कंपनी की मदद से 30 करोड़ से ज्यादा भारतीयों का डाटा चुराया है। दरअसल ये वो डेटा हैं जो करोड़ों हिंदुस्तानियों के सोशल मीडिया एकाउंट्स में थीं। लोगों की तस्वीरें, निजी जानकारियां जैसी चीजें कांग्रेस ने सिर्फ चुनाव जीतने के लिए विदेशियों के हाथों बेच दीं।

मोदी विरोधी बनाने के लिए डेटा का इस्तेमाल
कांग्रेस ने इस डेटा का इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी को निशाना बनाने के लिए किया है। दरअसल कांग्रेस का टारगेट है कि किसी भी प्रकार से सत्ता पर काबिज हुआ जाए। जाहिर है इसके लिए देश के लोगों का मूड बदलना आवश्यक है। साजिश ये है कि ऐसे डेटा के जरिये कांग्रेस लोगों का मूड बदलने के लिए उन तक ऐसे कंटेंट पहुंचाना चाहती है जो मोदी विरोध का भाव लोगों में जगा सके। ये खुलासा कांग्रेस के ही एक पूर्व नेता शहजाद पूनावाला ने किया है।

बहरहाल कैम्ब्रिज एनालिटिका के क्रिस्टोफर विली ने जब ये स्वीकार कर लिया है कि कांग्रेस उसकी क्लाइंट रही है। यह भी जाहिर हो गया है कि कांग्रेस ने ऐसी कंपनी की मदद ली जो मतदाताओं को प्रभावित कर रही थी। अब सवाल उठता है कि डेटा लीक मामले में बुरी तरह फंस चुकी कांग्रेस और उनके अध्यक्ष राहुल गांधी क्या देश से माफी मांगेंगे।

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