Home नरेंद्र मोदी विशेष पॉजिटिव थिंकिंग से हो रहा न्यू इंडिया का निर्माण

पॉजिटिव थिंकिंग से हो रहा न्यू इंडिया का निर्माण

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हम जब 21वीं सदी में जी रहे हैं तब कौन हिंदुस्तानी ऐसा होगा जो भारत को बदलना नहीं चाह रहा होगा? कौन हिंदुस्तानी होगा जो देश में बदलाव के लिए हिस्सेदार बनना नहीं चाहता होगा? सवा सौ करोड़ देशवासियों की ये बदलाव की चाह, ये बदलाव का प्रयास, यही तो है जो नये भारत, न्यू इंडिया की मजबूत नींव डालेगा। – नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में बदलाव की इसी चाहत को एक नई दिशा दिखाई है। उनके नेतृत्व ने देश को नई गति दी है, नया हौसला दिया है। उन्होंने न सिर्फ देश के लोगों को खुद के सामर्थ्य पर भरोसा करने की सोच विकसित की है, बल्कि कठिन परिश्रम के जरिये हर मोर्चे पर विजय हासिल करने का रास्ता भी दिखाया है। उन्होंने बताया है कि कैसे हम-आप चाहें तो देश के करोड़ों परिवारों की रसोई से धुआं खत्म कर सकते हैं और एक आह्वान से गरीबों के घरों से अंधेरा हटाया जा सकता है। पीएम मोदी ने अपने आचरण से, अपने कर्म से बताया है कि कैसे एक चोट से भ्रष्टाचार पर चोट किया जा सकता है। पीएम मोदी ने सबका साथ, सबका विकास आह्वान के साथ समावेशी विकास का मॉडल दिया है, बल्कि ये बताने की भी चेष्टा की है कि राष्ट्र निर्माण में लोगों की भागीदारी कितनी अहम है। उन्होंने विकलांग को दिव्यांग कहना शुरू करवाकर लोगों के नजरिये में बदलाव लाने का अभियान चलाया है। स्वच्छ भारत बनाने के अभियान को स्वच्छाग्रह बताकर इसमें लोगों की भूमिका को और बढ़ा दिया है। जाहिर है पीएम मोदी द्वारा किए जा रहे ऐसे आह्वान लोगों की सकारात्मक सोच के साथ नये भारत के उदय का अभियान है।

अब हर भारतीय खास
यह काफी पहले खत्म हो जाना चाहिए था। खुशी है कि आज एक ठोस शुरुआत हुई है। ‘हर भारतीय खास है, हर भारतीय वीआईपी है।-नरेंद्र मोदी
देश-समाज में हर व्यक्ति का अपना स्थान है, अपनी भूमिका है। लेकिन अगर ये अहसास हो कि वे कुछ खास हैं और हम कुछ आम हैं, तो भारतीयता की भावना पर भी चोट होती है। केंद्र सरकार ने ब्रिटिश जमाने की गुलामी की मानसिकता वाले प्रतीक लाल बत्ती कल्चर को खत्म कर दिया है। पीएम मोदी ने साफ कहा है कि अब हर भारतीय VIP है। जाहिर है केंद्र सरकार के एक फैसला देश के लोगों की मानसिकता में बड़ा बदलाव लेकर आएगा। वीआइपी कल्चर को खत्म कर अब न्यू इंडिया की तरफ बढ़ते भारत को नई आजादी का अहसास होगा।

इसलिए बुझा दी गई लाल बत्ती
दरअसल कुछ साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी लाल बत्ती मामले पर टिप्पणी की थी, लेकिन अब तक कोई फैसला नहीं हो पाया था। फैसला मुश्किल भरा था, क्योंकि इसका सीधा असर शासन करने वाले समूह पर पड़ता। लेकिन हर आम ओ खास के नजरिये में बदलाव लाने वाला ये फैसला पूरे देश में एक मई से लागू हो जाएगा। फैसले के बाद केंद्र सरकार के किसी भी नेता, मंत्री और अधिकारी को अपनी कार पर लाल बत्ती का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी। नजरिये में बदलाव का नजारा तब देखने को मिला जब फैसला लागू होते ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, गिरिराज सिंह और मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान जैसे नेताओं ने अपनी लालबत्ती तुरंत हटा ली।

डिजिटल होगा इंडिया
न्यू इंडिया न तो कोई सरकारी कार्यक्रम है, न ही किसी राजनीतिक दल का मेनिफेस्टो है और न ही ये कोई प्रोजेक्ट है। न्यू इंडिया सवा सौ करोड़ देशवासियों का आह्वान है। यही भाव है कि सवा सौ करोड़ देशवासी मिलकर कैसा भव्य भारत बनाना चाहते हैं। -नरेंद्र मोदी

देश की आजादी के सत्तर साल बाद भी हमारा देश विकासशील देश कहलाता है। इस बात की पीड़ा हर भारतीय को होनी चाहिए। पीएम मोदी ने देश को विकास के पायदान पर विकसित देशों की कतार में खड़ा करने का संकल्प किया है। इसी होड़ को रफ्तार और नई धार देने के लिए केंद्र की सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसमें डिजिटल इंडिया अभियान की भी एक बड़ी भूमिका होगी। इसके जरिये सरकारी विभागों को देश की जनता से सीधे जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिना कागज के इस्तेमाल के सरकारी सेवाएं इलेक्ट्रॉनिक रूप से जनता तक पहुंच सकें। 2019 तक ढाई लाख पंचायत ब्राड बैंड से जोड़ दिए जाएंगे। गांव-गांव में ब्राड बैंड का जाल बिछाया जाएगा। सरकार की सारी सूचना और योजना एप्स के रूप में आपके स्मार्ट फोन पर होगी।

कैशलेस ट्रांजैक्शन से पारदर्शिता को बढ़ावा
कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के पीछे का मकसद है कि देश की अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता आए। दरअसल देश को स्वयं के सामर्थ्य पर खड़ा करने की एक कवायद है। इस अभियान के जरिये भ्रष्टाचार और कालेधन में गुणात्मक कमी लाने की कोशिश की जा रही है। दरअसल पीएम मोदी चाहते हैं कि देश में एक ऐसी अर्थव्यस्था लागू हो जाए जहां कुछ भी छिपा न हो। ईमानदारी से टैक्स दिए जाएं और सर्व समावेशी विकास को नई गति दी जा सके।

सवा सौ करोड़ लोगों में पीएम को भरोसा
प्रधानमंत्री को देश के लोगों पर पूरा भरोसा है, उनकी ईमानदारी पर विश्वास है। तभी तो उन्होंने प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में किसी अधिकारी से सर्टिफिकेट प्रमाणित करवाने की बाध्यता खत्म कर दी। अब उम्मीदवार स्वयं सत्यापित कर सकता है और सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के वक्त ऑरिजिनल डॉक्यूमेंट दिखाता है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री ने तीसरे और चतुर्थ वर्ग की नौकरियों से इंटरव्यू खत्म करवा दिया। वहीं करीब एक करोड़ पेंशन भोगियों के लिए स्वयं उपस्थित होकर लाइफ सर्टिफिकेट देने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई। अब उन्हें डिजिटल माध्यम से लाइफ सर्टिफिकेट देने की सुविधा दी गई है।

जॉब सीकर्स नहीं जॉब क्रिएटर बनिए
सवा सौ करोड़ देश वासियों के मन के अंदर एक आशा है, एक उमंग है, एक संकल्प है, एक चाह है, यह सवा सौ करोड़ लोगों का सपना है। सभी देशवासी अगर संकल्प करें और मिलकर कदम उठाते चलें, तो न्यू इंडिया का सपना हमारे सामने सच हो सकता है। – नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री कहते हैं ये देश के 65% पैंतीस साल से कम उम्र के नौजवानों का न्यू इंडिया है और उन्हें देश के नौजवानों पर भरोसा है। इसी भरोसे से उन्होंने युवाओं को जॉब सीकर्स से जॉब क्रिएटर बनने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने उनके लिए स्टार्टअप इंडिया स्टैंडअप इंडिया जैसा अभियान चलाया है जो देश युवाओं के लिए अपनी उद्यमशीलता साबित करने का एक बड़ा प्लेटफॉर्म है।

विकलांग नहीं दिव्यांग कहिए
शब्दों का अपना महत्व होता है… परमात्मा ने जिसको शरीर में कुछ कमी दी है, हम उसे विकलांग कहते हैं। कभी-कभी हम जब उनसे मिलते हैं तो पता चलता है कि हमें आंखों से उनकी यह कमी दिखती है, लेकिन ईश्वर ने उन्हें कुछ एक्स्ट्रा पावर दिया होता है। एक अलग शक्ति का उसके अंदर परमात्मा ने निरूपण किया होता है। मेरे मन में विचार आया कि क्यों न हम देश में विकलांग की जगह पर दिव्यांग शब्द का प्रयोग करेंगे। ये वे लोग हैं, जिनके पास एक ऐसा अंग है या एक से अधिक अंग हैं , जिसमें दिव्यता है। मुझे यह शब्द अच्छा लग रहा है।-नरेंद्र मोदी

27 दिसंबर, 2015 को मन की बात के 15वें संस्करण में पीएम मोदी की कही गई ये बात दर्शाती है कि वे किसी विषय को कैसे सोचते हैं। हम-आप जहां लाचार व्यक्ति के खराब अंगों के बारे में सोचते हैं वहीं पीएम मोदी ने उनके दिव्य अंगों को देखा। यही तो वो नजरिया है जिससे भारत न्यू इंडिया के सपने को साकार कर पाएगा। पीएम मोदी की एक अपील के बाद अब लोग विकलांग न कहकर दिव्यांग कहने लगे हैं। जाहिर है जब हम किसी चीज को सकारात्मक नजरिये से सोचते हैं तो उसकी अलग तस्वीर निकल कर सामने आती है।

स्वच्छाग्रह-कार्यांजलि होगी असली श्रद्धांजलि
2 अक्टूबर, 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी । इसके तहत देश को 2019 तक गंदगी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। जन भागीदारी और जन जागरूकता के आधार पर चलाए जा रहे इस अभियान को पीएम मोदी नेक्स्ट लेवल पर ले गए हैं। उन्होंने इसे एक नया नाम दे दिया है ‘स्वच्छाग्रह’ । दरअसल जैसे गांधी जी ने चंपारण सत्याग्रह लोगों की स्वयं में उपजी अनुभूति के आधार पर चलाया था, वैसे ही पीएम मोदी चाहते हैं कि स्वच्छता के प्रति लोगों की स्वयं की सोच विकसित हो। उनके भीतर से स्वच्छता के लिए आवाज आए और वे इस काम में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि ”एक स्वच्छ भारत के द्वारा ही देश 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर उन्हें अपनी सर्वोत्तम श्रद्धांजलि दे सकते हैं।” घर-घर शौचालय अभियान भी स्वच्छ भारत अभियान का हिस्सा है।

एक अपील और एक करोड़ ने छोड़ दी गैस सब्सिडी
देने का भी आनंद आता है। देने का भी एक संतोष होता है। -नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री के सपनों का न्यू इंडिया कुछ ऐसा ही होगा। जहां हड़प नीति नहीं होगी, सबकुछ मेरा वाला कंसेप्ट नहीं होगा। यहां सबको साथ ले चलने, सबके हक और भागीदारी की बात होगी। न्यू इंडिया की झलक तो उस वक्त दिखने लगी थी जब पीएम मोदी ने देश के सक्षम लोगों से अपील की कि वे गैस सब्सिडी छोड़ दें और एक अपील पर लोगों ने देश का खजाना भर दिया। एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने सब्सिडी छोड़ दी और GiveItUp से 1133 करोड़ रुपये का फायदा करवा दिया।  पीएम मोदी के इस अभियान का असर ये रहा कि आज उज्ज्वला योजना के जरिये कई गरीब के घरों से धुआं गायब हो गया है। लोगों के इस योगदान की बदौलत लगभग एक करोड़ अस्सी लाख परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जा सका है। 

मोदी का गिफ्ट ‘सुरक्षा बंधन’

बदलता दौर और बढ़ती आधुनिकता में रिश्ते न जाने कहां पीछे छूटते चले जा रहे हैं। भावनाओं के इसी बंधन को फिर से एक नया उमंग देने के लिए पीएम मोदी ने सुरक्षा बंधन योजना की शुरुआत की। 
29 अगस्त, 2015 से शुरू हुए इस अनूठे अभियान सुरक्षा बंधन नाम दिया गया। सुरक्षा बंधन अभियान के तहत लोगों को अपने प्रियजनों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना उपहार के तौर पर देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस पीएम मोदी के इस आह्वान ने एक अभियान का शक्ल ले लिया और 11 करोड़ परिवार इससे जुड़ गए। इसके तहत 351 रुपये मूल्य के उपहार चेक से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के एक साल के प्रीमियम का भुगतान करने का आह्वान किया गया था।

देश का अभिमान हैं हमारे जवान
बीते साल भारतीय सेना के जवानों को दिवाली संदेश भेजने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के बाद लाखों लोगों ने जवानों को बधाई संदेश भेजे। 10 लाख से भी ज़्यादा लोगों ने विभिन्न माध्यमों से जवानों को दिवाली की बधाई दी है। 07 लाख लोगों ने तो फेसबुक, ट्विटर और माइगोव द्वारा सन्देश भेजे, वहीं तीन लाख लोगों ने नरेन्द्र मोदी ऐप से बधाई संदेश भेजे। पीएम की अपील पर बधाई संदेश भेजने वालों में एक्टर अक्षय कुमार, सलमान खान, आमिर खान, अनुपम खेर और कैलाश खेर जैसी हस्तियां शामिल रहीं, वहीं खेल जगत के विराट कोहली, वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, युवराज सिंह और साक्षी मालिक जैसे दिग्गजों ने जवानों को बधाई संदेश भेजे। इसके साथ ही देश के कई बड़े उद्योगपतियों ने भी जवानों को दीवाली के बधाई संदेश भेजे।

 

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